उत्तराखंड करोड़ों की चोरी का खुलासा! | Haldwani | Uttarakhand News | Tension In Haldwani

Spread the love

जी हां दोस्तो उत्तराखंड में हुई करोड़ों की चोरी से पर्दा उठ चुका है, लेकिन चोरी का जो खुलासा हुआ है वो बेहद चौकाने वाला है वो इसलिए क्योंकि इस चोरी के तार अंतर्राष्ट्रीय गिरोह जुड़े हुए निकले। जांच में सामने आया है कि यह कोई छोटी वारदात नहीं, बल्कि सुनियोजित और संगठित अपराध का हिस्सा था। आखिर यह गिरोह कैसे काम कर रहा था, उत्तराखंड की धरती से करोड़ों की चोरी को अंजाम कैसे दिया गया? और पुलिस के हाथ कैसे इन बड़े चोरों तक पहुंचे। जी हां दोस्तो नैनीताल में करोड़ों की ज्वेलरी चोरी का खुलासा, अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कैसे हुआ, वीडियो को अंत तक जरूर देखिएगा, दोस्तो उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी से करोड़ों रुपये की ज्वेलरी चोरी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। हल्द्वानी के मुखानी क्षेत्र स्थित एक ज्वेलरी शोरूम से हुई इस बड़ी चोरी के मामले में गैंग लीडर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और चोरी में इस्तेमाल की गई बोलेरो गाड़ी भी बरामद की है। सबसे पहले मै आपको बताता हूं कि इतनी बड़ी चोरी को कैसे दिया गया अंजाम फिर बताउंगा कैसे पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी मिली दीवार तोड़कर दिया चोरी को अंजाम।

जी हां दोस्तो ये सनसनीखेज चोरी मुखानी क्षेत्र स्थित राधिका ज्वेलर्स में हुई थी। शोरूम मालिक नवनीत शर्मा ने 21 दिसंबर 2025 को मुखानी थाने में तहरीर देकर बताया था कि 19 दिसंबर की रात करीब 8 बजे से लेकर 21 दिसंबर की सुबह 10:30 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने पड़ोसी दुकान की दीवार तोड़कर उनके शोरूम में प्रवेश किया और लाखों-करोड़ों के जेवरात चोरी कर लिए। दोस्तो इतना भर नहीं है, जब ये चोरी हुई थी। हल्द्वानी से लेकर देहरादून तक खलबली मच गई पुलिसिया गस्त पर सवालो तमाम तमाम उठे थे, लेकिन पुलिस ने कैसे इस पूरे मामले का खुलासा किया वो देखिएगा लेकिन उससे पहले चोर ले क्या क्या गए थे अपने साथ वो देखिए दोस्तो पीड़ित के अनुसार, चोर शोरूम से लगभग 20 से 25 किलो चांदी, 300 से 400 ग्राम सोना और 20 से 25 हजार रुपये नकद ले गए थे। दोस्तो घटना की गंभीरता को देखते हुए मुखानी पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कई पुलिस टीमों का गठन किया। जांच के दौरान पुलिस ने शोरूम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें संदिग्धों की गतिविधियां कैद हुईं। इन्हीं फुटेज के आधार पर पुलिस को अहम सुराग मिले। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि चोरी को अंजाम देने वाला गिरोह बेहद शातिर है और राज्य की सीमाओं के बाहर भी सक्रिय है। इसके बाद पुलिस की टीमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, झारखंड और नेपाल बॉर्डर तक भेजी गईं। दोस्तो इधर लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली। 4 जनवरी 2026 की सुबह पुलिस टीम ने नेपाल बॉर्डर के पास बनबसा (चंपावत) क्षेत्र से चोरी की घटना में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गिरोह का सरगना भी शामिल है। वहीं आपको बताता हूं कि गिरफ्तार ओरोपी हैं कौन वो देखिए। बसंत खत्री, पुत्र चंद्र खत्री निवासी: दैइजी, महेंद्रनगर, जिला कंचनपुर (नेपाल), तनवीर अहमद, पुत्र अकबर कुरैशी निवासी: गुलबर्गा, कुर्ला ईस्ट, चुनाभट्टी, मुंबई, इमरान शेख, पुत्र मजबूर शेख निवासी: अजुल टोला, राधानगर, जिला साहिबगंज, झारखंड मकसूद शेख, पुत्र अकबर निवासी: अमानत डियारा, उधवा, राधानगर, जिला साहिबगंज, झारखंड (गैंग लीडर) अब दोस्तो इन लोगों की गिर्फ्तारी हुई और इनसे पुलिस ने क्या-क्या बरामल दिया गया, वो बताता हूं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 54 ग्राम सोना बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 6.50 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा 7.245 किलोग्राम चांदी भी बरामद हुई है, जिसकी कीमत लगभग 15.50 लाख रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही चोरी की वारदात में इस्तेमाल की गई बोलेरो गाड़ी (UP 31 AU 5867) को भी जब्त किया गया है। वहीं दूसरी ओर कैसे निकले गैंग लीडर का आपराधिक इतिहास वो देखिए। दोस्तो एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि पूछताछ के दौरान गैंग लीडर मकसूद शेख ने रांची और सूरत में भी चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस अब उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क और क्राइम हिस्ट्री की गहराई से जांच कर रही है। आशंका है कि यह गिरोह देश के कई राज्यों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका है। तो दोस्तो पुलिस का कहना है कि इस चोरी में शामिल कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किए जाने की संभावना है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी किए गए शेष जेवरात कहां बेचे गए और इस गिरोह के अंतर्राष्ट्रीय कनेक्शन किस हद तक फैले हुए हैं। इस पूरे मामले के खुलासे के बाद पुलिस की कार्यशैली की सराहना की जा रही है। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने स्पष्ट कहा है कि उत्तराखंड में अपराध करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है और ऐसे संगठित गिरोहों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और इस बड़े खुलासे के बाद ज्वेलरी कारोबारियों और आम जनता को बड़ी राहत मिली है।