रामगढ़ क्षेत्र को फल सब्जी के उत्पादन के लिए समूचे उत्तराखंड में जाना जाता है। कोरोना काल में फलों के सीजन में महामारी से लॉकडाउन होने से काश्तकार परेशान थे। अब सब्जी के सीजन में ज्यादा बारिश और सब्जियों में फंगस लगने से किसानों को आर्थिक मार पड़ रही है। महाराष्ट्र के नासिक मुम्बई की सब्जी आने से पहाड़ों की सब्जी को सही दाम नहीं मिल पा रहा है। रामगढ़ क्षेत्र में इस बार फूल गोभी, पत्ता गोभी, कद्दू, लौकी, ककड़ी फंगस लगने से खराब हो रही है। जिससे काश्तकारों को बीज व दवा की लागत तक नहीं मिल पा रही है।
ऐसे में किसान आर्थिक रूप से कमजोर होता जा रहा है। यहां आढ़त में काश्तकार पत्ता गोभी 8, फूल गोभी 20, लौकी 14, ककड़ी 22, शिमलामिर्च 18 रुपये किलो बेचने को मजबूर हैं। वहीं हल्द्वानी मंडी में महाराष्ट्र के नासिक मुम्बई की सब्जी आने से पहाड़ों की सब्जी को सही दाम नहीं मिल पा रहा है। अल्मोड़ा हाईवे स्थित निगलाट में खेतों में लगी 80 फीसदी गोभी खराब हो गई है। अच्छी आय नहीं मिलने से खेतों में ही गोभी सड़ने को छोड़ रहे हैं। सब्जियों के खराब होने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई हैं।
राहुल मेहरा, काश्तकार, रामगढ़
यही हाल रहा तो आगे से खेतों में सब्जियां नहीं उगाऊंगा, ऐसे हालातों में मेहनत ज्यादा लगती है, अपने जेब से पैसा खर्च कर आर्थिक असर पड़ रही है। सरकार को मदद करनी चाहिए।
रमेश जोशी, काश्तकार, डोब ल्वेशाल
कोरोना काल के बाद हर दिन हालात खराब होते जा रहे हैं। ऐसे हालातो में काश्तकारों की कमर टूट रही है। सबंधित विभाग सरकार से किसानों की मदद की गुहार लगाए।
हरीश आर्या, काश्तकार, भवाली
महाराष्ट्र के मुम्बई नासिक से इस समय बहुतायात मात्रा में सब्जी हल्द्वानी पहुंच रही है। ऐसे में पहाड़ी सब्जियों को हल्द्वानी दिल्ली में दाम नहीं मिल रहे हैं। इससे आये दिन सब्जियों के दाम गिर रहे हैं।
नवीन सिंह बिष्ट, आढ़ती भवाली
फूल गोभी 20 से 22
पत्ता गोभी 8 से 10
लौकी 14 स्व 16
ककड़ी 22 से 24
शिमलामिर्च 18 से 2