बदरीनाथ-केदारनाथ सहित चारधाम दर्शन के लिए आ रहे तीर्थ-यात्रियों की उत्तराखंड में भारी फजीहत हो रही है। हरिद्वार से लेकर चारधाम तक यात्रियों की दिन भर कई बार चैकिंग की जा रही है। धूप में घंटों खड़े रहने से यात्रियों में आक्रोश पनप रहा है और चारधाम दर्शन को लेकर उनका उत्साह भी ठंडा पड़ रहा है। अव्यवस्थाओं के बीच चारधाम यात्रा से लौटाए जा रहे यात्री दोबारा उत्तराखंड न आने की बात भी कर रहे है। चारधाम यात्रा के दौरान सरकारी अव्यवस्थाओं से राज्य की छवि तो खराब हो ही रही है इससे आने वाले समय में राज्य के पर्यटन और तीर्थाटन पर भी बुरा असर पड़ने की आशंका है।
कई जगह चैकिंग से परेशानी
चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों के ई पास और आरटीपीसीआर रिपोर्ट चैक करने के लिए हरिद्वार से लेकर चारधाम तक अनेकों स्थानों पर रोका जा रहा है। केदारनाथ जाने वाले यात्री की हरिद्वार से केदारनाथ तक सात स्थानों पर चैकिंग हो रही है। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। इसी तरह बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले यात्रियों को भी अनेक स्थानों पर चैकिंग के नाम पर रोका जा रहा है। यात्रियों का कहना है कि कोई ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए कि चैकिंग में एक जगह सही पाए जाने पर यात्री को फिर जगह जगह न रोका जाए।
यात्रियों ने कहा, दुबारा नहीं आएंगे उत्तराखंड
अव्यवस्थाओं के बीच चारधाम यात्रा से लौटाए जा रहे यात्री दोबारा उत्तराखंड न आने की बात भी कर रहे है। केदारनाथ और बदरीनाथ जाते समय रास्ते भर में कागजों की जांच कराने को लेकर घंटे समय खराब होने को लेकर यात्री आक्रोशित है। गाधीनगर गुजरात निवासी जगदीश पटेल साफ कहते है कि उनकी यात्रा बगैर वजह कठिनाईयों से भरी रही। सरकार की व्यवस्थाएं इतनी खराब है कि दोबारा आने से पहले कई बार सोचना होगा।
ट्रेवल एसोसिएशन हरिद्वार के महामंत्री सुमित श्रीकुंज का कहना है कि सरकार को ई पास की अनिवार्यता समाप्त कर देनी चाहिए। पास न मिलने से सप्ताह भर से कम से कम ढाई हजार यात्री हरिद्वार में ठहरा हुआ है। भोपाल, मध्यप्रदेश से आयी सोनिया साहू, राकेश यादव ने बताया कि बिना ई-पास के बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हो गए। किसी तरह गौरीकुंड भी पहुंच गए। लेकिन, यहां कड़ी जांच के चलते उन्हें ई-पास नहीं होने पर वापस लौटा दिया गया।
5500 से अधिक यात्री लौटाए जा चुके
चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों के पास ई पास न होने की वजह से अभी तक रुद्रप्रयाग में करीब 2500 यात्रियों, चमोली में 27 यात्रियों, हरिद्वार में 2500 यात्रियों, ऋषिकेश में सौ, श्रीनगर से 288, जबकि गंगोत्री से 122 यात्रियों को लौटाया जा चुका है। इससे यात्रियों में खासी मायूसी है।
बिना जानकारी के पहुंच रहे यात्री
राज्य सरकार ने यात्रा के लिए हर धाम के लिए संख्या तय की हुई है। उसमें साफ लिखा गया है कि ई पास के बाद ही चारधाम में तय संख्या के अनुसार दर्शन करने दिए जाएंगे। लेकिन इसके बाद भी बड़ी संख्या में लोग बिना ई पास के ही चारधाम दर्शन के लिए पहुंच जा रहे हैं।
यहां पंजीकरण जरूरी है
चारधाम यात्रा को उत्तराखंड से बाहर के श्रृद्धालुओं को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल http://smartcitydehradun.uk.gov.in में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। ई पास को देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट www.devasthanam.uk.gov.in या http:// badrinah- Kedarnath.uk.gov.in पर भी रजिस्ट्रेशन किया सकता है। प्रत्येक श्रद्धालु को कोविड नेगेटिव रिपोर्ट अथवा वैक्सीन की डबल डोज लगी होने का सर्टिफिकेट जमा करना है। उत्तराखंड प्रदेश के लोगों को स्मार्ट सिटी पोर्टल में पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।