Almora भिड़ गए BJP विधायक-जिपं सदस्य! | Mahesh Jeena | Hansa Negi | Uttarakhand News

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दोस्तो, उत्तराखंड में ‘चाय-पानी’ विवाद ने राजनीतिक महौल गरमा दिया है। बीजेपी के ही विधायक और जिला पंचायत सदस्य आमने-सामने आ गए, और उनका वायरल वीडियो इस घटना को और चर्चा में ला दिया। पार्टी के भीतर ही क्यों पैदा हो रही हैं ऐसी तनातनी, और क्या इससे आगामी स्थानीय राजनीति पर असर पड़ेगा। इस विवाद की अगली कड़ी पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी लेकिन ये विवाद ये बवाल क्या था वैसे कई क्षेत्रों में बीजेपी के विधायकों का विरोध तो खूब देखा लेकिन ये वाला गजब है। ये एक विवाद वैसे दोस्तो उत्तराखंड में बीजेपी नेताओं के आपसी विवाद के मामले सामने आते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला अल्मोड़ा जिले से सल्ट क्षेत्र से सामने आया है, जहां बीजेपी के दो नेताओं में जमकर बहस हुई, इस बहस का वीडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि बहस एक कार्यक्रम के दौरान मामूली सी बात को लेकर शुरू हुई तो बाद बढ़ गई। जैसा की आपको बता है ही कि प्रदेश भर में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान बीजेपी चला रही है। जिसमें जनता का सामने सीधे उसके नेता और अदिकारियों से होता है। सवाल जवाब काम और विकास को लेकर होता है वैसे इस अभियान में ज्यादातर कार्यक्रमों में बवाल ही देखने को मिल रहा है जहां जनता और नेता आमने सामने दिकाई देते हैं तो कहीं जनता और अधिकारीओं का आमना -सामना हो जाता है। दस्तो अभियान के तहत अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र के न्याय पंचायत मछोड़ के राजकीय इंटर कॉलेज में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना था लेकिन बवाल ज्यादा होता दिखाई दिया।

दोस्तो शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर ही लाभार्थियों का पंजीकरण भी किया गया लेकिन इसी दौरान शिविर में उस समय माहौल गरमा गया, जब बीजेपी विधायक महेश जीना और BJP के जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी के बीच कहासुनी हो गई। खबर ये कि ग्रामीणों को चाय-पानी बांटने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते बहस में बदल गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी ने विधायक निधि के खर्च पर सवाल उठाते हुए आरटीआई के आधार पर आरोप लगाए कि दरी, ढोलक और अन्य सामान की खरीद में अनियमितता हुई है। दोस्तो बीजेपी के ही जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी ने दावा किया कि

विधयाक निधी से 10,500 रुपये की दरी, 8000 रुपये की ढोलक और 2500 रुपये के चिमटे की खरीद दर्शायी गई है, जो बांटा गया। हालांकि दोस्तो इस मामले में आधिकारिक स्तर पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल वीडियो के बाद क्षेत्र की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। वहीं, इस मामले पर सल्ट विधायक महेश जीना कहना है कि शिविर में जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी ने कार्यक्रम स्थल के अंदर ही खाने-पीने की व्यवस्था की थी. प्रशासन ने इस पर आपत्ति जताते हुए व्यवस्था को बाहर करने के निर्देश दिए थे। इसी के बाद हंसा नेगी भड़क गए और अनावश्यक विवाद करने लगे। राजनीतिक लाभ और सहानुभूति लेने के उद्देश्य से इस प्रकार की व्यवस्था की जा रही थी। उधर, दोस्तो जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारा है। हंसा नेगी का कहते हैं कि उस शिविर में काफी दूर से लोग पहुंचे थे। उनके लिए ही अंदर खाने-पीने और चाय-पानी का इंतजाम किया गया था। उनके द्वारा लोगों को पहले से ही शिविर की जानकारी दी गई थी। पूरी व्यवस्था जनसहयोग के रूप में की गई थी, जिसका विरोध गलत तरीके से किया गया है। दोस्तो, अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र में ‘जन-जन के द्वार’ अभियान का यह शिविर राजनीतिक बहस का नया उदाहरण बन गया। बीजेपी के ही विधायक और जिला पंचायत सदस्य के बीच चाय-पानी और व्यवस्था को लेकर हुई कहासुनी ने स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। दोनों नेताओं के अलग-अलग बयान इस बात को दर्शाते हैं कि कार्यक्रम की तैयारियों और पारदर्शिता को लेकर मतभेद हैं। वीडियो वायरल होने के बाद जनता और क्षेत्र के लोग भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। अब देखना यह होगा कि पार्टी इस विवाद को कैसे संभालती है और आगे के कार्यक्रमों में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।