500 करोड़ से सुधरेगी उत्तराखंड परिवहन निगम की दशा, काठगोदाम रोडवेज डिपो को मिलेगा आइएसबीटी का दर्जा

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देहरादून: हल्द्वानी पहुचे परिवहन एवं समाज कल्याण मंत्री चंदन राम दास ने सर्किट हाउस में मिडिया से बात करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में रोडवेज की दशा और दिशा अब सुधरने जा रही है। उत्तर प्रदेश रोडवेज परिसंपत्ति बंटवारे से मिले करीब 200 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं, जिससे उत्तराखंड रोडवेज के घाटे को पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिसंपत्ति बंटवारे से मिले पैसे से हल्द्वानी, काठगोदाम, टनकपुर, हरिद्वार, रुद्रपुर के अलावा बड़े शहरों में अत्याधुनिक रोडवेज स्टेशन बनाये जाएंगे। इसके अलावा 150 इलेक्ट्रिक बसें, 30 सीएनजी बसें जबकि 30 साधारण बसों की खरीद होने जा रही हैं।

इसके अलावा 1 अक्टूबर यानी आज से दिल्ली में BS4 वाहनों के प्रवेश बंद होने के स्थिति में परिवहन निगम अब BS6 वाहनों की खरीद करेगा। इसके लिए ए.डी.बी. के माध्यम से 300 करोड़ रुपए प्राप्त हो रहे हैं। जिससे BS6 की 200 बसों की खरीद की जाएगी। आपको बता दें कि उत्तराखंड परिवहन निगम के पास फिलहाल करीब 1271 बसें हैं जबकि, देहरादून से दिल्ली के लिए करीब 250 बसें संचालित की जा रही हैं। अनुबंधित बसों को जोड़ लिया जाए तो राज्य के पास करीब 50 बसें ऐसी है, जो अपडेटेड तकनीक BS6 की हैं। ऐसे में प्रदेश को अक्टूबर तक 200 बसों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड रोडवेज को मजबूत बनाने के लिए सरकार द्वारा बेहतर काम किया जा रहा है।

परिवहन निगम 350 करोड के घाटे में चल रहा था। गत माह पूरे घाटे से उभार दिया है। परिवहन निगम के कर्मचारियों को नियमित वेतन दिया जा रहा है। रोडवेज में जिस भी कर्मचारी की उम्र 50 साल से ऊपर हो चुकी है और कार्य करने की स्थिति में नहीं है, उनको एक मुश्त पैसा देकर उनके वी.आर.एस. की कार्रवाई शुरू हो गई है जिसके लिए कर्मचारी यूनियन से बात हो चुकी है और करीब 100 कर्मचारियों के वी.आर.एस. के लिए आवेदन भी आ चुके हैं, जिन पर विभाग द्वारा विचार विमर्श किया जा रहा है। सभी डिपो को आधुनिक डिपो बनाया जाएगा। शीघ्र काठगोदाम डिपो को आइएसबीटी का दर्जा दिया मिलेगा।