शिक्षा, स्वास्थ्य पर बड़ा बजट, जमीन पर व्यवस्था चौपट! | CM Dhami | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो हजारों करोड़ का बजट बड़े-बड़े वादे और विकास के दावे लेकिन सवाल ये है कि क्या ये पैसा सच में जमीन तक पहुंच पा रहा है? उत्तराखंड में इस बार सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के नाम पर हजारों करोड़ रुपये का बजट तो दे दिया, मगर हकीकत की तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। Uttarakhand Budget Session 2026 स्कूलों में सुविधाओं की कमी, अस्पतालों में संसाधनों का अभाव और जनता अब भी बुनियादी व्यवस्थाओं के लिए जूझती नजर आ रही है। आख़िर किस विभाग को मिला कितना बजट? और इतना पैसा मिलने के बावजूद जमीन पर हालात क्यों नहीं बदल पाए? बजट के आंकड़ों और जमीनी सच्चाई के बीच का बड़ा अंतर जो मुझे दिखता है। दोस्तो जैसे मुझे ये खबर लगी की सरकार ने इस बार शिक्षा पर 13,552 करोड़ तो स्वास्थ्य पर खर्च होंगे 4,546 करोड़ तो यकीन मानिये मेने सोचा की ठीक है बुनियादी चीज है शिक्षा स्वास्थ्य, लेकिन वहीं सदन में एक आंकड़ा फिर मेरे सामने आया कि पिछले पांच साल में 826 स्कूलों पर लगे ताले लग गए तो लगा कि एक तरफ ये बजट दूसरी तरफ बंद होने वाले स्कूलों का आकड़ा। खैर आगे बात होगी। अब स्वास्थ्य की बात करूं तो यहां भी आप सब ने देखा है कि ऑपरेशन स्वास्थ्य जैसे आंदोलन इस उत्तराखंड में देखने को मिलते हैं फिर कैसे और कहा बजट खर्च किया जाता है। कैसे बजट को जमीन पर उतारा जाता है ये जाने हमारे नेता लोग क्योंकि हर साल हजारों करोड़ का बजट जमीन पर हालात चौपट क्यों दिखाई देते हैं बल आगे बढ़ता हूं आपको बताता हूं शिक्षा स्वास्थ्य के अलावा कई विभाग हैं जिनकी कार्यसैली को लेकर तारीप कम सवाल ज्यादा होते हैं।

मै आपको विभाग वार बजट आंकड़ों के जरिए दिखाता हूं और फिर आकलंन आप लोग खुद करीएगा कहां कितना खर्च हो पाता है ये पैसा। दोस्तो बजट सत्र में चर्चा के बाद विभिन्न विभागों के लिए रखे गए बजट को मंजूरी दी गई। सदन में वित्तीय वर्ष के लिए सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे जैसे अहम क्षेत्रों पर विशेष फोकस रखते हुए बड़ी धनराशि का प्रावधान किया है। दोस्तो निर्वाचन विभाग के लिए 223 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया, जबकि राजस्व एवं सामान्य प्रशासन विभाग के लिए 2731 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का प्रावधान किया गया। वहीं वित्त, कर, नियोजन, सचिवालय और अन्य सेवाओं के लिए सबसे बड़ा प्रावधान करते हुए 20,361 करोड़ रुपये का बजट रखा गया। आबकारी विभाग के लिए 55 करोड़ रुपये से अधिक और लोकसेवा आयोग के लिए 34 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया। दोस्तो जब बात पुलिस और जेल विभाग की आती है तो ये तो आप भी कहेंगे सकि पुलिल विभाग के लिए बजट अच्छा होना चाहिए और वो खर्च भी होना चाहिए। वैसे बीते कुछ वक्त के घटना क्रम सवाल उठाने वाले थे कि पुलिसिंग कैसे हो रही है। अब दोस्तो कानून व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस और जेल विभाग के लिए 3524 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया। शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण और संस्कृति विभाग के लिए 13,552 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी धनराशि का प्रावधान किया गया है, जो इस बजट का प्रमुख हिस्सा माना जा रहा है। अब बात करता हूं उस विभाग की जिसके कंधों भार इतना है और इस बात का है। आम आदमी की जिंदगी बची रही रहे जी हां स्वास्थ्य विभाग वैसे ये वाला विभाग खुल बीमार लगात है, लेकिन बजट तो भारी भरकम दिखाई दे रहा है दोस्तो स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 4546 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया।

वहीं जलापूर्ति, आवास एवं नगर विकास विभाग के लिए 4243 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया। अब सस्वास्थ्य विभाग के भारी भरकम बजट को देख कर लोगों के मन में ये सवाल आ रहा होगा कि कहीं विभाग इस बजट से अपना ईलाज करने में ना लग जाए। जैसा अब तक देखने को मिलात है खास ग्रामीड़ और पहाड़ी क्षेत्रों में लेकिन दोस्तो बात ग्रामीण विकास जब आती है तो यहां भी पैसा गजब तैय हुआ खर्च के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को ध्यान में रखते हुए ग्राम्य विकास विभाग के लिए 3860 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण के लिए 1591 करोड़ रुपये से अधिक की राशि रखी गई है। दोस्तो गांव के गांव खाली हो गए मूलभूत सुविधाएं सवालों के घेर में हैं बजट है 3860 करोड़ क्या वाकई ये बजट जो आता है गांव के लिए इससे गांव के क्षेत्र में क्या होता है। वैसे आगे बहुत कुछ हैऊर्जा विभाग के लिए 1976 करोड़ रुपये से अधिक और लोक निर्माण विभाग के लिए 3580 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया. उद्योग विभाग के लिए 584 करोड़ रुपये से अधिक और खाद्य विभाग के लिए 1648 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग के लिए 504 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई। वहीं वन विभाग के लिए 1149 करोड़ रुपये से अधिक और पशुपालन विभाग के लिए 925 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया। दोस्तो यहां सरकार का कहना है कि इस बजट के जरिए प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आप बताइए का इस बजट का कितना हिल्सा असल में आपके लिए खर्च होता आप देखते हैं। जमीन पर कितना बदलाव आता है हां ये याद रखिएगा हर साल बजट आता है। क्या हर साल आपकी जिंदगी में बदलाव लाता है।