दोस्तों, उत्तराखंड ने फिर से देश के सामने अपनी धाक दिखा दी है! 100 किलोमीटर की अल्ट्रा मैराथन में देवभूमि की एक बेटी ने न केवल दौड़ पूरी की, बल्कि नया नेशनल रिकॉर्ड भी बना दिया और को ऊधर एक बेटा भी ऐसा जिसने ही प्रयास में गोल्ड जीतकर अपनी ताकत और मेहनत का लोहा मनवाया, लेकिन दोनों हैं कौन, कैसे रचा इतिहास। बताउंगा आपको अपनी इस रिपोर्ट के जरिए। दोस्तो वैसे तो ये जीत सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का पल है। अब दोनों एथलीट्स अगले पड़ाव, वर्ल्ड चैंपियनशिप में राज्य और देश का नाम रोशन करने जा रहे हैं लेकिन दुनिया जीतने की जिद ने कैसी रही इन दोनों की मेहनत, लगन और जीत की कहानी ने उत्तराखंड का परचम फिर से बुलंद किया वो बताता हूं। दोस्तो उत्तराखंड के दो एथलीट दिल्ली में 7 और 8 मार्च को हुई अल्ट्रा मैराथन दौड़ में पुरुष और महिला वर्ग में पहला स्थान प्राप्त करके उत्तराखंड लौट आए हैं. जनपद के हाई एल्टीट्यूड वाले रांसी स्टेडियम में अभ्यास करने वाले उत्तराखंड के दो युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित 100 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया और पहला स्थान हासिल किया है। दोनों ने न सिर्फ गोल्ड मेडल जीते बल्कि वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई किया। दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से न केवल जनपद पौड़ी बल्कि पूरे उत्तराखंड में खुशी की लहर है।
दोस्तो जानकारी के अनुसार, इस कठिन और लंबी दूरी की दौड़ में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद दोनों खिलाड़ियों का चयन अब वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए भी हो गया है। ये अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता स्पेन में आयोजित होगी, जहां दोनों खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। दोस्तो इस बड़ी सफलता की खबर मिलते ही क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया है. खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। दोस्तो पौड़ी जिले के थली गांव की रहने वाली मीनाक्षी नेगी की बात करूं तो मीनाक्षी पिछले ढाई वर्षों से पौड़ी के हाई एल्टीट्यूड रांसी मैदान में अपने कोच रूपेश यादव के मार्गदर्शन में लगातार प्रशिक्षण ले रही हैं. उन्होंने दिल्ली में आयोजित 100 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन को 8 घंटे 33 मिनट में पूरा कर पहला स्थान प्राप्त किया. इससे पहले इस दौड़ का रिकॉर्ड 8 घंटे 43 मिनट का था, जिसे मीनाक्षी ने 10 मिनट पहले दौड़ पूरी कर अपने नाम कर लिया। इस तरह मीनाक्षी ने नया नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वहीं दोस्तो चमोली के रहने वाले दिगंबर सिंह ने दिल्ली में आयोजित 100 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन में भाग लिया, जहां उन्होंने पहला स्थान प्राप्त किया।
दोस्तो दिगंबर ने 7 घंटे 38 मिनट में 100 किमी की दौड़ पूरी की। दिलचस्प बात ये है कि दिंगबर पहली बार 100 किमी की अल्ट्रा मैराथन में दौड़े थे। उन्होंने वो पिछले डेढ़ साल से पौड़ी के रांसी मैदान में रोजाना 3 से 4 घंटे अभ्यास करते रहे है। अपने कोच के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे हैं। दोस्तो दिगंबर का कहना है कि वह आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उनका सपना है कि वह अपने जिले, राज्य और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करें। दोस्तो दोनों खिलाड़ियों के कोच एक ही हैं रूपेश यादव कोच के मुताबिक मीनाक्षी नेगी और दिगंबर सिंह दोनों ही बेहद मेहनती खिलाड़ी हैं। लगातार मैराथन प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं, जिससे उनका मनोबल भी बढ़ रहा है। साथ ही दोस्तो पौड़ी का रांसी मैदान एक हाई एल्टीट्यूड स्टेडियम है, जहां नियमित अभ्यास करने से खिलाड़ियों को मैदानी इलाकों में होने वाली प्रतियोगिताओं में काफी फायदा मिलता है।
दोनों खिलाड़ियों ने दिल्ली में आयोजित 100 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन में शानदार प्रदर्शन किया है। अब स्पेन में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उनका विश्वास है कि दोनों खिलाड़ी वहां भी बेहतरीन प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करेंगे। दोस्तों, मीनाक्षी नेगी और दिगंबर सिंह ने दिल्ली की 100 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन में जो धमाका किया, उससे उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चमक उठा है। मीनाक्षी ने नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया, जबकि दिगंबर ने अपने पहले प्रयास में ही गोल्ड जीतकर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। इन दोनों एथलीट्स की मेहनत, लगन और हाई एल्टीट्यूड रांसी मैदान में लगातार अभ्यास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है। अब दोनों स्पेन में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और पूरी उम्मीद है कि यहां भी उत्तराखंड का परचम लहराएगा। उत्तराखंडवासियों के लिए गर्व का यह पल और इन दोनों की प्रेरक कहानी यही सिखाती है कि मेहनत, समर्पण और धैर्य से कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।