Pithoragarh आंखें नम हो जाएँ दिल भर आए…| Viral Video | Gangolihat | Uttarakhand News

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आंखें नम हो जाएँ, दिल भर आए जी हां दोस्तो उत्तराखंड का सबसे गरीब परिवार सामने आया है, जिसका हाल देख वीडियो देखकर आंसू छलक जाएं ऐसा मंजर। दोस्तो इतनी गरीबी और कठिनाइयों के बीच, प्रशासन ने भी दिल दिखाया—डीएम ने रातों-रात मदद भिजवाई। दोस्तों, ये सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि हमारे समाज की सच्चाई और इंसानियत का परिचय भी है। परिवार की हालात क्या है पूरा हाल मेरी इस रिपोर्ट के जरिए। दोस्तो एक मारमिक खबर के साथ आज हाजिर आपके सामने। दोस्तो उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ के दूरस्थ क्षेत्र गंगोलीहाट के जमड़-कोट गांव और यहां है एक परिवार बेहद गरीबी में जीवन गुजार रहा है। टूटे-फूटे झोपड़ीनुमा एक कमरे में रह रहे मां-बेटे के पास न तो दो वक्त के खाना खाने लायक अन्न है और न ही ओढ़ने के लिए कपड़े और बिछाने के बिस्तर है। इसका वीडियो सोशल मीडिया में आने के बाद डीएम पिथौरागढ़ ने संज्ञान लिया है। दोस्तो ये वीड़ियो पिथौरागढ़ के डीएम आशीष भटगाईं ने सोशल मीडिया में जब मां-बेटे का हाल देखा, तो उन्होंने राशन और कपड़े सहित अन्य सामग्री भिजवाई।

एक दिन पूर्व सोशल मीडिया में क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता भरत परगाई ने एक वीडियो डाला जो तेजी से वायरल हुआ। इसमें एक युवक और उसकी बुजुर्ग मां नजर आ रहे हैं। रात के समय के इस वीडियो में युवक बता रहा है कि वह पड़ोस से रोटियां मांगकर लाया है। उनके पास न तो घर में अनाज है और न ही सामान खरीदने के लिए रुपये हैं मां बीमार है। दोस्तो जब डीएम आशीष भटगाईं ने यह वीडियो देखा तो उन्होंने सहायता करने के निर्देश दिए। गंगोलीहाट एसडीएम यशवीर सिंह के नेतृत्व में एक राजस्व टीम ने रात लगभग 10 बजे जमड़कोट पहुंचकर पंकज मेहरा और उनकी माता लछिमा देवी को आटा, दाल, चावल, तेल सहित कंबल एवं 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को परिवार की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का आकलन कर योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए हैं। वहीं दोस्तो प्रशाशन का कहना है कि कि प्रशासन ने गरीब परिवार का वीडियो देखा. जिलाधिकारी ने तुरंत मदद करने को कहा. डीएम के आदेश पर राजस्व विभाग की टीम के साथ हम पंकज मेहरा के घर पहुंचे हैं। उन्हें जरूरी राशन और कंबल दिए हैं. पंकज की मां को 5 हजार रुपए नकद भी दिए हैं। उनके घर की मरम्मत के साथ जो भी संभव सरकारी मदद होगी, वो देने का प्रयास कर रहे हैं।

दोस्तो परिवार के पास अपना पक्का मकान नहीं है। मां-बेटे टिन की छत वाले एक छोटे से कमरे में जीवन बिता रहे हैं। परिवार के पास जरूरत के कपड़े भी नहीं हैं। मिली जानकारी के अनुसार उसके पिता माधो सिंह साधु हैं। पहले पंकज भी मेहनत मजदूरी करता था, लेकिन अस्वस्थ्य मां की सेवा करने के कारण अब घर पर ही है। इससे उसे आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। दोस्तो डीएम तक मामला पहुंचने के बाद अब परिवार को पक्की छत मिलने की उम्मीद है। अपनी मां के साथ ननिहाल में रह रहे पंकज मेहरा ने राजस्व टीम को बताया कि उसे रहने के लिए पक्की छत चाहिए। वह मेहनत मजदूरी करके पेट भरने के लिए कुछ रुपये कमा ही लेगा और शादी भी कर लेगा. उसने बताया कि वो लोग पिछले आठ साल से इसी कच्चे शेड में रह रहे हैं। इसकी दीवारें भी जर्जर हाल हो चुकी है. इससे हादसे का खतरा भी रहता है। दोस्तो गरीब परिवारों के लिए हैं सरकारी योजनाएं तमाम है बंल क्योंकि गरीब परिवारों के लिए सरकार अनेक योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के तहत इस गरीब परिवार को निम्न सहायता मिल सकती है। दोस्तो देश के गरीब लोगों को पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राशन मिलता है। इसमें गरीबों को गेहूं और चावल मुफ्त में मिलता है।

इस योजना से पिथौरागढ़ के इस गरीब परिवार की मदद हो सकती है। देश के करीब 80 करोड़ गरीब लोग इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। इधर दोस्तो हमारे देश में विकसित भारत-जी राम जी योजना जो पहले मनरेगा के नाम से जानी जाती थी, चलती है। इसके तहत इस घर के युवक पंकज को रोजगार मिल सकता है, जिससे वो घर का खर्च चला सकता है। पीएम किसान योजना के तहत किसानों को नकद सहायता मिलती है. राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का लाभ भी मिलता है लेकिन आज तक इस परिवार तक क्यों कोई योजना नहीं पहुंची। सवाल शासन प्रशासन से बनता है। इसके अलावा दोस्तो हमारे देश में प्रधानमंत्री आवास योजना चल रही है। इसके तहत गरीबों को पक्का घर बनवाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। इस योजना का लाभ भी पिथौरागढ़ का ये गरीब परिवार उठा सकता है लेकिन इस परिवार तक आज तक ये योजना क्यों नहीं पहूंची। दोस्तो केंद्र और राज्य सरकारें गरीब परिवारों को आर्थिक मदद भी दे रही हैं. इसके तहत जन धन खातों के माध्यम से महिला खातों में डायरेक्ट रुपए ट्रांसफर होते हैं। इसके साथ ही वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाएं भी चल रही हैं। इस योजना का लाभ भी ये परिवार उठा सकता है लेकिन ये योजना भी इस गरीब के दर पर पहुंचते पहुंचे दम तोड़ गई बड़ा गजब हाल है।