उत्तराखंड के अलग-अलग जिला न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी, DGP ने सुरक्षा को लेकर दिए निर्देश

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उत्तराखंड के अलग-अलग जिला न्यायालयों को लगातार बम से उड़ाने की धमकी मिल रही है। लेकिन अब धमकी का सिलसिला उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल तक पहुंच चुका है। Uttarakhand Court Bomb Threat Case धमकी के बाद पुलिस मुख्यालय में एक हाई लेवल बैठक बुलाकर न्यायालयों की सुरक्षा पुख्ता कराने और जिलों में क्यूआरटी गठित करने के निर्देश जारी किए। इनके अलावा मई दिशा निर्देश भी सुरक्षा के संबंध में दिए गए हैं। लगातार इंटेलिजेंस को भी सक्रिय रहने को कहा गया है। इसके साथ ही क्यूआरटी को त्वरित एक्शन लेने और संबंधित स्थानों पर कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस मुख्यालय ने जारी किए हैं।

डीजीपी दीपम सेठ ने जारी किए ये निर्देश

  • सभी जनपदों में स्थित सभी न्यायालय परिसरों में पर्याप्त संख्या में पुलिस और पीएसी बल के साथ आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ नियुक्त किया जाए।
  • न्यायालयों के प्रवेश और निकासी द्वारों पर सम्बन्धित अधिकारियों से वार्ता कर पहचान पत्र के माध्यम से प्रवेश और निकासी की व्यवस्था कराई जाए, ताकि कोई अनाधिकृत व्यक्ति न्यायालय परिसरों में प्रवेश न कर सके।
  • न्यायालय परिसरों में बैरियर लगाकर एक्सेस कन्ट्रोल की व्यवस्था और प्रवेश द्वारों पर न्यायालयों में आने वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की सुदृढ़ व्यवस्था की जाए, जिस के लिए स्थानीय अभिसूचना इकाई और अन्य पुलिस बल को नियुक्त किया जाए।
  • न्यायाधीशों और न्यायालयों की सुरक्षा ड्यूटी में पहले से नियुक्त सुरक्षा कर्मियों को वर्तमान परिदृश्य में सुरक्षा संवेदनशीलता के प्रति सतर्क कर दिया जाए।
  • आतंकवादी घटनाओं, बम हमलों आदि के मद्देनजर अपने-अपने जनपदों में Quick Response Team और ATS की टीमों का भी न्यायालय परिसरों में नियुक्त किया जाए।
  • न्यायालयों की कार्रवाई शुरू होने से पहले प्रातः काल में बम डिस्पोजल दस्ते और डॉग स्क्वाड से एएस चेक की कार्रवाई कराई जाए।
  • न्यायालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से मॉनिटरिंग की जाए।
  • न्यायालय परिसरों में नियमित पेट्रोलिंग की व्यवस्था की जाए।
  • ड्यूटी में नियुक्त कार्मिकों की नियमित रुप से चेकिंग की जाए।
  • धमकियों के मद्देनजर समय-समय पर न्यायालय परिसरों में मॉक ड्रिल और आपातकालीन निकास योजना बनाई जाए।