जी हां दोस्तो देहरादून राजधानी में सनसनी फैलाने वाला विक्रम शर्मा ह’त्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के लिए ये मामला चुनौती बन गया है, क्योंकि आरोपियों ने एक करोड़ रुपये में ह’त्या की साजिश रची थी। Dehradun Vikram Sharma Murder Case अब कैसे फंसे परिवार के रिश्ते और कौन है मुख्य आरोपी! दोस्तो पहले तो हमारे समाज में रिस्तों में आग लगी है और दूसरी तरफ पारिवारिक संपत्ति का विवाद अब जान लेवा बन रहा है। ये मै इस लिए कह रहा हूं क्योंकि देरहादून में गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड तो आपको याद होगा ही, लेकिन अब इस मामले में ये निकल कर आ रहा है कि भाई ने दी गैंगस्टर विक्रम शर्मा की सुपारी कितने में दी क्यों दी ये भी बताउंगा। दोस्तो देहरादून राजधानी में माँ ने अपने रुपयों के लिए बेटी की सुपारी देने वाली खबर के सदमें से उबरे नहीं थे कि अब भाई ने भाई की सुपारी देकर हत्या करवाने वाली खबर से हड़कंप मचा हुआ है। दोस्तो खबर जो सोशल मीडिया में तैर रही है वो तो कई प्रकार की हैं, लेकिन ये भी सच है कि विक्रम हत्याकांड में अब भी पुलिस आरोपियों से कोसों दूर दिखाई दे रही है। एक खबर ये निकल कर आई कि देहरादून विक्रम शर्मा हत्याकांड: भाई ने एक करोड़ में तय की सुपारी, वाराणसी में दबोचे गए शूटर इस खबर की सच्चाई खुद कठघरे में है क्योंकि पुलिस ने इस बात की पुस्टी की ही नहीं, लेकिन उधर दोस्तो जमशेदपुर से प्रकाशित दैनिक भास्कर में छपी खबर को अगर मै आधार बनाउं तो चर्चित विक्रम शर्मा हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विक्रम शर्मा की हत्या के लिए करीब एक करोड़ रुपये में सुपारी तय की गई थी। इस सनसनीखेज साजिश में उनके सगे भाई अरविंद शर्मा की कथित भूमिका सामने आई है। दोस्तो रिपोर्ट के अनुसार, शूटरों को वारदात से पहले 10 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे, जबकि हत्या के बाद बाकी रकम देने का वादा किया गया था। 13 फरवरी को देहरादून के एक मॉल में विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद आरोपी अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए। इतना भर नहीं है दोस्तो जांच आगे बढ़ने पर पुलिस का शिकंजा कसता गया और अरविंद शर्मा ने काशीपुर में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। वहीं, वाराणसी में छिपे शूटरों को दबोच लिया गया। जांच एजेंसियों ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई लेकिन अभी मै भी सोशल मीडिया में तैर रही खबरों से आपको ये बता रहा हूं क्योंकि पुलिस ने अभी तक कोई बात विक्रम हत्याकांड पर नहीं की है। दोस्तो रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शूटरों को हरिद्वार में फर्जी पहचान के साथ ठहराया गया था। उन्हें फ्लाइट टिकट भेजकर बुलाया गया और वारदात के बाद बाइक व स्कूटी के जरिए फरार होने की योजना बनाई गई थी।
इधर खबर कुछ ये भी है कि गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में अब झारखंड का नयागैंग पुलिस के राडार पर है। पुलिस को आशंका है कि विवाद में गैंगस्टर की हत्या की गई है और जेल से ही गैंग को ऑपरेट किया गया। इस मामले में पुलिस झारखंड के छोटे गैंग के एसोसिएटस को भी चिन्हित कर रही है। पुलिस कयास लगा रही है कि हो सकता है बड़े गैंग ने छोटे गैंग को विक्रम शर्मा की हत्या की सुपारी दी हो। शार्प शूटरों ने छह गोलियां मारी थीं। इसमें से तीन गोलियां विक्रम के सिर और चेहरे पर लगी थीं।जमशेदपुर के गैंगस्टर विक्रम शर्मा की दून में 13 फरवरी की सुबह पार्श्वनाथ मॉल परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिम से बाहर निकलने वक्त शूटरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। जांच में पुलिस शूटरों के नजदीक पहुंचने का दावा कर रही है लेकिन अभी पुलिस के हाथ खाली हैं। जांच में यह सामने आया है कि विक्रम पर घात लगाए बैठे शूटरों ने बेहद करीब से फायरिंग की। शूटर चाहते थे कि विक्रम किसी भी सूरत में नहीं बचे। इधर दोस्तो पुलिस अब वित्तीय लेन-देन, डिजिटल साक्ष्य और कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। यह मामला पारिवारिक विवाद से आगे बढ़कर संगठित आपराधिक नेटवर्क की आशंका भी जता रहा है। पुलिस के अंदर खाने से निकल रही खबरों के मुताबिक कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा। देहरादून उत्तराखंड में रिश्तों के परखच्चे उड़ने वाली खबरे आ रही हैं उफ्फ़ क्या होगा देवभूमि का ?