पानी बन रहा जहर, इंदौर में दिखा था कहर… | Haldwani | Uttarakhand News | Tension In Haldwani

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जी हां दोस्तो हाल में मध्यप्रदेश के इंदौर में जो हादसा हुआ उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था लेकिन क्या जो कहर इंदौर में दिखा दिया था वो ही संकट अब देवभूमि के लोगों के लिए बड़ा संकट बन रहा है। अगर हां तो फिर कैसे क्यों इतने बड़े संकट से पहले का क्या है बचाव प्लान, अगर ऐसा कुछ नहीं है तो क्यों दिए गए जांच के आदेश, खबर क्या है बताउंगा आपको। दोस्तो इंदौर जैसे हादसे की आहट से देवभूमि में भी चिंता बढ़ गई है..लोगों के घरों में पहुंच रहा है ऐसा पानी, जो प्यास बुझाने के बजाय सेहत पर भारी पड़ रहा है। पेयजल बनता जा रहा है ज़हर और हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को जांच के आदेश देने पड़े हैं। सवाल आखिर लोगों की जिंदगी से हो रहा यह खिलवाड़ कब रुकेगा? दोस्तो स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार 8 बार देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीतने वाले मध्य प्रदेश के शहर इंदौर के भागीरथीपुरम में दूषित पेयजल से कथित तौर पर 18 लोगों की मौत की खबर ने हड़कंप मचाने का काम किया। हजारों लोग बीमार हो गये, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में सरकार और जिम्मेदार अफसरों पर कड़ी टिप्पणी की।

इस त्रासदी खबर से भी हल्द्वानी में जल संस्थान और नगर निगम की नींद नहीं टूट रही है. शहर के राजपुरा और गांधी नगर समेत कई इलाकों में गंदा और बदबूदार पेयजल आने की शिकायत के बाद हड़कंप मच गया। दोस्तो नगर निगम हल्द्वानी की पेयजल व्यवस्था एक बार फिर सवालों में है। राजपुरा, गांधी नगर सहित कई इलाकों में नलों से गंदा और बदबूदार पानी आने से लोगों में आक्रोश है। प्रशासन के मुताबिक सीवर लाइन की खुदाई के दौरान पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई है। अधिकारियों को जल्द समाधान के निर्देश दिए गए हैं। दोस्तो आपको बता दूं कि नलों में गंदा पानी आने से लोग आक्रोशित दिखाई दिये, दोस्तो गंदे पानी की आपूर्ति से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उन्होंने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जताई है। स्थानीय निवासियों की मानें तो बीते कई दिनों से नलों से पीने योग्य पानी की बजाय मिट्टी और गंदगी से भरा पानी आ रहा है। लोगों ने बोतलों में भरे गंदे पानी को दिखाते हुए बताया कि ऐसे पानी का उपयोग न तो पीने के लिए किया जा सकता है और न ही खाना बनाने के लिए। मजबूरी में लोग बाजार से पानी खरीदने को विवश हैं, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। दोस्तो शिकायत के बाद भी विभागों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप: स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि इस समस्या को लेकर जल संस्थान और नगर निगम को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो क्षेत्र में बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।

हाल ही में सड़कों की खुदाई और अधूरे कार्यों को भी लोग इस समस्या की बड़ी वजह बता रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पानी की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। हल्द्वानी जल संस्थान के अधिशासी अभियंता रवि शंकर लोसाली ने बताते हैं कि- कई जगह पर पुरानी लाइन हो चुकी हैं जो सीवर लाइन से गुजर रही हैं। इस कारण गंदा पानी लोगों के घरों में पहुंच रहा है। जहां गंदा पानी आ रहा था, वहां पर कनेक्शन काट दिए हैं। पुरानी लाइन बदलने का सर्वे कार्य किया जा रहा है। डीपीआर बना शासन को भेजी जाएगी, ताकि पाइप लाइन बदली जा सके। दोस्तो इतनी बड़ी खबर के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने भी माना है कगि गंदे पानी की शिकायत आई हैं। कुछ क्षेत्रों से गंदा पानी आने की शिकायत मिली हैं। जल संस्थान के अधिकारियों से वार्ता की गई है। अधिकारी फील्ड में डटे हुए हैं। जल निगम के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। गंदा पानी आने का कारण आबादी वाले क्षेत्र में सीवर पाइप लाइन का काम जेसीबी से होना पाया गया है। जेसीबी से खुदाई होने पर पानी की पाइप लाइन डेमेज हो रही है, जिसके कारण लोगों के घरों तक गंदा पानी आ रहा है। तो तस्वीर साफ है इंदौर की त्रासदी से सबक लेने के बजाय हल्द्वानी में भी लोगों की सेहत के साथ जोखिम बना हुआ है। गंदा पेयजल सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य खतरा है  अब सवाल यह है कि जांच और आश्वासन के बाद ज़मीनी स्तर पर सुधार कब होगा?क्या जिम्मेदार विभाग समय रहते व्यवस्था सुधारेंगे या किसी बड़े हादसे के बाद ही नींद खुलेगी?