जी हां दोस्तो एक तरफ पूरे प्रदेश में अंकिता मामले में वीआईपी मामले की जांच की मांग ने तूफान मचा रखा है तो वहीं पहली बार ऐसा हुआ कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री धामी सामने आये और कई सवलों के दिए जवाब। Ankita Bhandari Murder Case कैसे अंकिता केस में पहली बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तोड़ी चुप्पी और किया बड़ा ऐलान बताउँगा अपनी इस रिपोर्ट के जरिए। दोस्तो अंकिता केस की क्या सीबीआई जांच होगी, ये वो सवाल है जो पहाड़ी की सड़कों से लेकर राजधानी गलियों में गूंज रहा है लेकिन ऐसा लगता है कि अब जल्द हम सब के सामने सरकार का एक बड़ा फैसाला होगा ताकिं सारी आशंकाओँ से पर्दा उठेगा। क्योंकि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच की हामी तो नहीं भरी लेकिन ना भी नहीं कहा, लेकिन जो सीएम धामी ने इस बड़ी प्रेस कांफ्रेंस के जरिए कहा वो इस बात कि ओर इशारा कर गया कि अंकिता केस में आये तमाम नए तथ्यों की जांचहोगी और अगर अंकिता के माता पिता चाहेंगे तो सीबीआई जांच से इनकार नहीं किया जाएगा। दोस्तो सीएम धामी ने साफ तौर पर तो नहीं कहा कि सीबीआई जांच होगी, लेकिन इतना जरूर कहा कि वह अंकिता भंडारी के माता-पिता से बात करेंगे, न्याय दिलाने के लिए जो वो चाहेंगे, हम वही करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों ने इस मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ भागीदारी निभाई है। अब दोस्तो ऐसा लगा कि मामला सीबीआई जांच की तरफ़ बढ़ रहा है। शायद हम सब को जल्द वो ऐलान देखने को मिले, लेकिन इधर दोस्तो दोस्तो पिछले एक महीने से राजनीतिक घमासान मचा हुआ है।
प्रदेश में इन दिनों तमाम ऐसे मुद्दे हैं जिस पर विपक्षी दल लगातार सरकार को घेरने की कवायद में जुटा हुआ है जिसमें मुख्य रूप से अंकित भंडारी हत्याकांड मामले में विपक्षी दल के साथ ही तमाम सामाजिक कार्यकर्ता सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर पहले भी भाजपा के कैबिनेट मंत्री समेत कई नेता प्रेसवार्ता को संबोधित कर चुके हैं, ऐसे में मंगलवार की दोपहर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद प्रेस वार्ता करने सामने आए। दरअसल, दोस्तो अंकित भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश में मचे राजनीतिक घमासान के बीच भाजपा और सरकार असहज महसूस कर रही है, जिसकी मुख्य वजह यही है कि कथित वीआईपी के नाम को लेकर मुख्य विपक्षी दल लगातार प्रदेश भर के सभी जिलों में प्रदर्शन कर रही है। भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर की ओर से सुरेश राठौर के तमाम ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद प्रदेश भर में भूचाल मचा हुआ है। हालांकि, वायरल ऑडियो में इस बात का दावा किया गया है कि जिस वीआईपी के नाम की चर्चा है। इस पूरे मामले पर भाजपा संगठन की ओर से तीन नेताओं ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया सबसे पहले भाजपा विधायक खजान दास ने प्रस्ताव को संबोधित किया था। इसके बाद कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रेस वार्ता कर पार्टी और सरकार का पक्ष जनता के सामने रखा था इसके साथ ही बीते दिन राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने भी प्रेस वार्ता कर अंकित भंडारी हत्याकांड मामले में सरकार और संगठन की राय रखी थी। हालांकि, इन प्रेसवार्ता के दौरान इन नेताओं को पत्रकारों के सवालों ने काफी अधिक परेशान किया था। क्योंकि प्रदेश में मचे राजनीतिक घमासान और विपक्ष की ओर से लगातार उठाए जा रहे तमाम सवालों पर ये नेता कोई ठीक-ठाक जवाब नहीं दे पाए।
दोस्तो वहीं, दूसरी ओर अंकित भंडारी हत्याकांड मामले में नाम जोड़ने के बाद बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम ने दिल्ली हाईकोर्ट में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के खिलाफ मानहानि याचिका दायर किया है साथ ही छवि को खराब करने का आरोप लगाया है। वहीं देहरादून के थाना डालनवाला में बीएनएस और आईटी एक्ट की तमाम धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई है। अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ व कथित पत्नी उर्मिला सनावर के वीडियो ने बीजेपी के भीतर खलबली मचा दी है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद से ही कुछ दिनों के भीतर ही भाजपा के तीन नेताओं ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है, तो दोस्तों, अंकिता भंडारी हत्याकांड ने अब न सिर्फ प्रदेश की सियासत में भूचाल मचा दिया है, बल्कि हर ओर जनता और प्रशासन की निगाहें भी इसी पर टिक गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कर दिया है कि अंकिता के माता-पिता की इच्छा के अनुसार न्याय सुनिश्चित किया जाएगा और नए तथ्यों की जांच के लिए किसी भी विकल्प से इनकार नहीं किया जाएगा। बीजेपी में इस्तीफों और कानूनी कार्रवाइयों के बीच यह मामला अब CBI जांच की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है, और आने वाले दिनों में हो सकता है कि हम सब सामने देखें कि इस पूरे विवाद में सच क्या है, और कौन-कौन से नए पहलू उजागर होंगे।