जी हां दोस्तो व्लॉगर यूट्यूबर ज्योति अधिकारी क्या जेल से बाहर आएँगी कब आएंगी कैसे आएंगी। ये सवाल इस लिए क्योंकि ज्योति अधिकारी पर एक बाद एक कई मुकदमे दर्ज होते जा रहे हैं। इस लिए कहा ये जा रहा है कि ज्योति अधिकारी की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। दोस्तो उत्तराखंड की मशहूर व्लॉगर ज्योति अधिकारी के खिलाफ एक के बाद एक दर्ज हो रहे मुकदमों ने सुर्खियों में फिर से सेंध लगा दी है। सवाल ये उठता है कि क्या ज्योति अधिकारी जेल में ही रहेंगी, या जल्द ही बाहर आकर अपनी बात रख पाएंगी? पूरा मामला बन गया है सोशल मीडिया और कानून की चकाचौंध में विवाद का कें दोस्तो सोशल मीडिया पर कुमाऊं की महिलाओं, स्थानीय संस्कृति और देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में जेल में बंद व्लॉगर इनफ्लुएंसर ज्योति अधिकारी की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ज्योति पर मुकदमों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार सुबह जहां ज्योति को पुलिस की ओर से पहला नोटिस तालीम किया गया था वहीं शनिवार शाम तक कुमाऊं मंडल के अलग-अलग जिलों में उनके खिलाफ सात नए मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिससे यह मामला अब क्षेत्रीय स्तर पर गंभीर रूप लेता नजर आ रहा है।
दोस्तो आपको बता दूं कि विभिन्न थानों में दायर अधिकांश मुकदमों में ज्योति अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने हल्द्वानी स्थित बुध पार्क में अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक स्थल पर दराती लहराते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से कुमाऊं की महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक और समाज को विभाजित करने वाले बयान देने के साथ ही कुमाऊं के देवी देवताओं पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की। इधर दोस्तो पुलिस के अनुसार, ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर और खटीमा के साथ ही अल्मोड़ा और हल्द्वानी के मुखानी थाने में अलग-अलग तहरीरों के आधार पर मुकदमे दर्ज किए गए। मुखानी थाने में पुलिस स्वयं वादी बनी और जूही चुफाल को धमकाने संबंधी एक अलग मामला पंजीकृत कराया यहां ये भी कि इससे पहले मुखानी थाना क्षेत्र में जूही चुफाल की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में पुलिस ने ज्योति अधिकारी को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। दोस्तो जहां शुक्रवार को जहां रुद्रपुर में भाजपा महिला मोर्चा दक्षिणी मंडल की अध्यक्ष ममता त्रिपाठी, खटीमा में सावित्री चंद ने पुलिस को तहरीर सौंपी। वहीं, अल्मोड़ा के पांडेखोला निवासी मीनाक्षी कुवार्बी ने भी ज्योति अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। अल्मोड़ा कोतवाली प्रभारी योगेश चंद्र उपाध्याय ने केस दर्ज होने की पुष्टि की है। वहीं शनिवार को ऊधमसिंह नगर जिले के सितारगंज, काशीपुर और जसपुर कोतवाली में तीन और मुकदमे दर्ज किए गए। दोस्तो सितारगंज निवासी वेद प्रकाश ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि ज्योति अधिकारी ने सार्वजनिक मंच से दराती लहराते हुए उत्तराखंड की महिलाओं और देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए।
काशीपुर में द्वारका एनक्लेव निवासी उमा बिष्ट और जसपुर में भाजपा नगर अध्यक्ष राजकुमार चौहान की तहरीर पर भी पुलिस ने मामले पंजीकृत किए हैं। सितारगंज कोतवाल सुंदरम शर्मा ने बताया कि अब तक कुमाऊं मंडल में ज्योति अधिकारी के खिलाफ कुल सात मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। सभी मामलों में सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक भावनाएं आहत करने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और सार्वजनिक शांति भंग करने जैसे आरोप शामिल हैं। उधर, ज्योति अधिकारी की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर शुक्रवार को द्वितीय अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। अब सोमवार 12 जनवरी को इस याचिका पर सुनवाई होने की संभावना है। दोस्तो लगातार दर्ज हो रहे मुकदमों के चलते यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित न रहकर सामाजिक और कानूनी बहस का विषय बनता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच कानून के दायरे में निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर तय होगी। वहीं सोशल मीडिया पर भी यह मामला काफी चर्चाओं का हिस्सा बना हुआ है जहां कुछ लोग ज्योति के समर्थन में नजर आ रहे हैं तो कुछ पुलिस की कार्रवाई और जूही चुफाल का समर्थन कर रहे हैं।