जी हां दोस्तो उत्तराखंड की महिला यूट्यूबर के सोशल मीडिया पोस्ट ने मचाई सनसनी ‘सुसाइड कर लूं तो जिम्मेदार कौन?’—ये सवाल अब हर किसी के दिमाग में गूंज रहा है। वहीँ, याद दिला दें कि इसी यूट्यूबर ने अंकिता भंडारी केस में हाथ में दरांती लहराते हुए प्रदर्शन किया था। अब सोशल मीडिया पर उनका नया पोस्ट हर किसी की नजर में है, और हल्द्वानी से लेकर पूरे प्रदेश में चर्चा का तुफान चल रहा है। YouTuber Jyoti Adhikari दोस्तो एक तरफ अंकिता मामले में सीबीआई जांच शुरू हो चुकी है। लेकिन उधर अंकिता मामले में न्याय की आवाज उठाना भी भारी पड़ गया। पहले जेल तक का सफर और अब कह दिया सुसाइनड कर लूं तो क्या होगा। दोस्तो उत्तराखंड के हल्द्वानी की सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर ज्योति अधिकारी एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार किसी प्रदर्शन या अपने बयान को लेकर उनकी चर्चा नहीं हो रही है। उनके सोशल मीडिया पोस्ट ने हलचल तेज कर दी है। ज्योति अधिकारी ने अपने वेरिफाइड फेसबुक पेज से एक पोस्ट किया है, जिसमें वह सुसाइड की बात करती दिखी हैं। इसको लेकर हलचल तेज हो गई है। ज्योति अधिकारी का यह पोस्ट खूब वायरल हो रहा है। दरअसल, ज्योति अधिकारी पिछले दिनों अंकिता भंडारी मर्डर केस मामले में एक्ट्रेस उर्मिला सनावर के सोशल मीडिया पर वीडियो-ऑडियो वायरल होने के बाद एक प्रदर्शन को लेकर चर्चा में आई थीं।
प्रदर्शन के दौरान वह दरांती लहराती दिखी थी। मामला सामने आने पर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया। उन्हें जेल जाना पड़ा था। अब फेसबुक पोस्ट ने विवाद खड़ा किया है। दोस्तो पोस्ट में क्या लिखा? ज्योति अधिकारी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि दोस्तों अगर मैं सुसाइड कर लूं तो इसका जिम्मेदार कौन? बहुत परेशान कर दिया दोस्तों? बहुत परेशान हो गयी हूं। तोड़ने की कोशिश की बात करती वे अपने पोस्ट में करती दिख रही हैं। सोशल मीडिया पोस्ट 2 फरवरी को दोपहर 3:07 बजे किया गया है। इस पोस्ट पर अब तक एक हजार से अधिक लोगों ने लाइक और 467 लोगों ने कमेंट किया है। लोग ज्योति को डिप्रेशन का शिकार न होने की बात समझाते दिख रहे हैं। दोस्तो ज्योति अधिकारी ने इससे पहले एक फरवरी को अंकिता भंडारी केस में एक पोस्ट किया था। इसमें वह अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने संबंधी पोस्टरों का कोलाज लगाया था। सवाल किया था कि दोस्तों क्या यह लड़ाई ऐसे ही खत्म हो जाएगी? क्या तुम लोग भी डर गए? दोस्तो इससे पहले हल्द्वानी पुलिस के अनुसार, ज्योति अधिकारी इसी साल 7 जनवरी को बुद्ध पार्क में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक प्रदर्शन में शामिल हुई थीं।
इसी दौरान का उनका एक वीडियो सामने आया था। यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसमें वह अपने हाथ में दरांती लहराते हुए नजर आई थीं। उन पर आरोप है कि प्रदर्शन दौरान उन्होंने कुमाऊं की महिलाओं और स्थानीय लोक देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की। पुलिस ने इस मामले में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा था। दोस्तो ज्योति अधिकारी 14 जनवरी की शाम पांच बजे जेल से बाहर आई थी। कोर्ट से बेल मिलने के बाद उन्हें रिहा किया गया। बेल के आवेदन का पुलिस ने कोर्ट में विरोध किया था। उन पर हल्द्वानी का माहौल खराब करने की कोशिश का आरोप लगा। बाद में उन्होंने वीडियो बनाकर पूरे प्रकरण में माफी मांगी थी। वीडियो में उन्होंने कहा था कि त्योहार के दिन बच्चों के पास पहुंचाने के लिए कोर्ट का धन्यवाद। उन्होंने कहा था कि आपलोग कहते हैं कि दीदी शेरनी है। मैं शेरनी नहीं हूं। शेर वे हैं, जिन्होंने पर्व के मौके पर मुझे बच्चों से मिलवाया। ज्योति अधिकारी ने इस मामले में कहा कि अगर मेरी बातों का बुरा लगा तो मुझसे कहती तो मैं कुमाऊं ही नहीं पूरे उत्तराखंड से माफी मांग लेती। उन्होंने बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का भी आरोप लगाया था। अब वे खुद पर दबाव बनाए जाने का आरोप लगा रही हैं तो सवाल उठता है—क्या हल्द्वानी की ये यूट्यूबर सच में खतरे में है? क्या सोशल मीडिया का दबाव उन्हें इस क़दम की ओर ले जा रहा है? और क्या प्रशासन या समाज इस स्थिति पर समय रहते ध्यान देगा? जवाब अभी बाकी हैं, लेकिन ये मामला हर किसी के लिए चेतावनी की तरह खड़ा है।