अवैध किडनी रैकेट का भंडाफोड़ | Kanpur | Kidney Racket | Uttarakhand News

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दोस्तो उत्तराखंड के एक छात्र ने पैसों की तंगी के चलते अपनी किडनी बेच दी, लेकिन इसके बाद एक बड़ा विवाद सामने आया और इस विवाद ने कानपुर तक में खलबली मचा दी। दोस्तो अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें छात्र की किडनी भी शामिल थी। जब खुलासा हुआ तो सबकी आंखे फटी की फटी रह गई। कैसे पुलिस ने किया इस मामले का खुलासा कितने आरोपियों की हुई गिरफ्तारी इस गंभीर मामले के पूरे खुलासे के बारे में, बताता हूं। दोस्तो तोड़ा गौर कीजिएगा कैसे किडनी ट्रांसफ्लांट के नाम पर खेल हो रहा है। 9 लाख में खरीदी गई किडनी को पता है कितने में बेचा जा रहा है। सुनेगे तो आखें-आखें खुली की खुली रह जाएंगी। वो भी बताउंगा आपको कैसे कानुर में हुए इस बड़े खुलासे का उत्तराखंड से क्या है क्नैक्शन। दोस्तो यूपी के कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि के कानपुर में 9 लाख में किडनी ख़रीदकर 90 लाख में बेची जाती थी। इस मामले में अब उत्तराखंड कनेक्शन भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि कानपुर के अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट को उत्तराखंड के छात्र ने भी किडनी बेची थी। पुलिस आयुक्त रघुबीरलाल ने इसे लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. इसमें किडनी बेचेने वाले छात्र का नाम आयुष है। आयुष उत्तराखंड का रहने वाला है, वह एमबीए का छात्र है। पुलिस आयुक्त रघुबीरलाल ने बताया आयुष साइबर एक्सपर्ट भी है।

दोस्तो पुलिस आयुक्त रघुबीरलाल ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि आयुष को पैसों की जरुरत थी। उन्होंने इसके लिए मेरठ के अफजाल से संपर्क किया। अफजाल पेशे से डॉक्टर है। वह भी किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट से जुड़ा हुआ है। आयुष ने अफजाल से 6 लाख में किडनी देने की बात कही। इसके बाद अफजाल ने आगे संपर्क किया जहां शिवम से उसकी बात हुई। शिवम ने हूजा अस्पताल से संपर्क करवाया, जिसके बाद आयुष की किडनी ट्रांसप्लांट कराई गई। बताया जा रहा है कि किडनी ट्रांसप्लांट होने के बाद आयुष को बकाया रकम नहीं दी गई। जिसके कारण आयुष ने पुलिस कमिश्नर से मामले की शिकायत की। इस शिकायत के बाद कमिश्नरेट में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आनन फानन में मामले की जांच की। जिसके बाद कानपुर में अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले रैकेट का भंडाफोड़ हुआ। दोस्तो कानपुर में अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट मामले में अब तक छह आरोपी गिरफ्तार किये जा चुके हैं। आरोपियों में डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, डॉ. प्रीती आहूजा, डॉ. राजेश कुमार, शिवम अग्रवाल, डॉ. राम प्रकाश और डॉ. नरेंद्र सिंह शामिल हैं। मामले में चार मुख्य आरोपी डॉक्टर व स्टाफ अभी भी फरार हैं। गिरफ्तार आरोपी शिवम अग्रवाल से पूछताछ की गई। जिसमें पता चला है कि कानपुर का आहूजा अस्पताल इस मामले में काम करता था। पिछले कुछ महीनों में यहां सात से आठ किडनी ट्रांसप्लांट हुये हैं। बताया जा रहा है कि ये गिरोह 9 लाख में किडनी ख़रीदकर उसे 90 लाख तक में बेचते थे, तो दोस्तों, ये थी कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट की पूरी कहानी और उत्तराखंड छात्र आयुष के इस गंभीर मामले का खुलासा। पुलिस ने अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है। इस मामले ने दिखा दिया कि पैसों के लालच में कितनी बड़ी धांधली हो सकती है और ऐसे रैकेट्स से सतर्क रहने की जरूरत है उम्मीद ये कि जल्द ही बाकी फरार आरोपी भी पकड़ में आएंगे और न्याय मिलेगा।