देवभूमि में सरेआम बड़ा कांड! | Haridwar | Uttarakhand News |

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देवभूमि उत्तराखंड के पंजनहेड़ी गांव से बड़ी खबर सामने आ रही है। सरकारी जमीन पर जांच के दौरान अचानक हिंसा भड़क गई, और जमीन विवाद एक खौफनाक कांड में बदल गया। इस फायरिंग में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिसमें जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान के भाई सचिन चौहान भी शामिल हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया, जबकि घायलों को इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। दोस्तो हरिद्वार के पंजनहेड़ी गांव से बड़ी खबर सामने आ रही है। सरकारी जमीन पर कब्जे की जांच के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि अचानक फायरिंग हो गई। इस गोलीकांड में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान के भाई सचिन चौहान और एक अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हैं, जबकि घायलों को इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। मामला बड़ा है और हैरान करने वाला है क्योंकि इस पूरे घटना क्रम पर कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो चुकी हैं। कनखल थाना क्षेत्र के पंजनहेड़ी गांव में गोली चलने से अफरा तफरी मच गई है। बताया जा रहा है कि सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत की जांच के लिए पहुंची प्रशासनिक टीम के सामने गोली चली है। इस दौरान हरिद्वार जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान के भाई सचिन चौहान को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली मार दी गई। दोस्तो गोली लगने से सचिन चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इसके अलावा एक अन्य ग्रामीण को भी गोली लगी है। उन्हें भी जिला अस्पताल भेजा गया और जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। जहां एसपी सिटी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सचिन को हायर सेंटर रेफर कर दिया है। सचिन के पेट में गोली लगी है। पुलिस के मुताबिक बुधवार सुबह प्रशासन की टीम सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतों के मद्देनजर जांच करने मौके पर पहुंची थी. इसी दौरान दो पक्षों के बीच विवाद गहरा गया। एक पक्ष के अतुल चौहान और भाजयुमो के प्रदेश मंत्री तरुण चौहान के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई हो गई. दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव के बीच अचानक फायरिंग की घटना हुई, जिसमें सचिन चौहान और किशनपाल को गोली लग गई। इधर इस कांड पर की तरफ की प्रतिक्रियां आ रही है। उत्तराखंड के एक वरिष्ठ पत्रकार एक्स पर हरिद्वार में गोलिकांड का वीडियो शेयर करते हु लिखते हैं कि उत्तराखंड में गुलदार आदमखोर और नेता अफ़सर “ज़मीनखोर” हो गए है। ख़ाली ज़मीन देखते ही नोचने लगते है। हरिद्वार में आज हुई गोलीबारी के पीछे भी 30 बीघा सरकारी ज़मीन पर कब्जे का खेल है, इस कब्जे के पीछे भाजपा का एक “कुख्यात कालनेमि” है, जिसने पिछले वर्ष कुंभ की ज़मीन पर भी कब्जा किया था, मामला जब मीडिया में सुर्खियों में आया तब “भारी मन” से प्रशासन को वो ज़मीन आधी अधूरी मुक्त करानी पड़ी अब दोस्तो ये वाला खेल क्या है।

क्या इस पूरे मामले में सियासत का पर्दे के पीछे बड़ा रोल है क्योंकि ऐसी प्रतिक्रिएं कई सवालों को जन्म देने वाली होती हैं, लेकिन इधर एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि- पंजनहेड़ी गांव में जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था, जिसमें दो लोगों को गोली लगी है। गोली लगने के बाद दोनों को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया है। गहनता से मामले की जांच की जा रही है। दोस्तो घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई। सूचना मिलते ही कनखल थाना पुलिस और उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। घायल सचिन चौहान और किशनपाल को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई गई. दोनों की गंभीर हालत देखते हुए उन्हें ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया गया है। दोस्तों, हरिद्वार के पंजनहेड़ी गांव में सरकारी जमीन को लेकर हुई यह फायरिंग न सिर्फ गंभीर है, बल्कि कई सवाल भी खड़े करती है। घायल सचिन चौहान और किशनपाल को तुरंत इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।