Almora देवभूमि के लाल का कमाल आसमान में दौड़ेगी कार!! | Ravi Tamta | Pahadihunar | Uttarakhand News

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दोस्तो पहाड़ों से निकला सपना, अब आसमान में उड़ान है,रवि टम्टा की मेहनत में हिंदुस्तान की पहचान है।सड़कें पीछे छूटेंगी, जब पंखों से होगा सफर,अल्मोड़ा से उठी ये उड़ान, लिखेगी भविष्य का नया सफर! आपको लग रहा होगा ये कोई छोटा मोटा हैलिकॉप्टर है या कोई बड़ा ड्रोन बना दिया जिसमें आदमी भी बैठ सकता है, ये क्या है जानने के बाद आप दंग तो रह ही जाएंगे, लेकिन उससे ज्यादा आपके दिमाग पर बल तब पड़ेगा जब आप ये जानेगे ये जो उड़ रहा है ये बनाया किसने है। ये कोई आम ड्रोन नहीं और न ही कोई छोटा-मोटा हेलिकॉप्टर! वीडियो में हवा में उड़ती नजर आ रही ये मशीन आखिर है क्या? और सबसे बड़ा सवाल—इसे बनाया किसने है? जी हां, उत्तराखंड के अल्मोड़ा के एक युवा इनोवेटर ने उड़ने वाली कार का प्रोटोटाइप तैयार कर उसकी टेस्ट फ्लाइट भी कर दी है। वीडियो सामने आया तो इंटरनेट पर भी लोग हैरान रह गए। आखिर कैसे तैयार हुई ये उड़ने वाली कार और क्या सच में आने वाले वक्त में पहाड़ों की सड़क की जगह आसमान ले सकता है?

दोस्तो उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के काफलीखान गांव के युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसे कई लोग अब तक केवल साइंस फिक्शन मानते थे। उन्होंने HAPIDA SKYNeX नाम के सिंगल-सीटर इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल (प्रोटोटाइप) की सफल टेस्ट फ्लाइट कर नई मिसाल पेश की है। खुले मैदान में किए गए इस परीक्षण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह उड़ने वाला वाहन रवि टम्टा के स्टार्टअप Hapida Sky Private Limited के तहत विकसित किया गया है। दोस्तो रवि टम्टा के अनुसार, HAPIDA SKYNeX ड्रोन तकनीक का उन्नत और संशोधित संस्करण है, जिसे एक व्यक्ति को सुरक्षित रूप से हवा में ले जाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। फिलहाल यह एक प्रोटोटाइप है और अभी व्यावसायिक उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा रवि टम्टा ने बताया कि इस परियोजना का विचार उन्हें अपने गांव की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से मिला। उनके अनुसार, गांव से घर तक लगभग 40 किलोमीटर की सड़क यात्रा, जिसमें करीब 90 मिनट लगते हैं, भविष्य में ऐसे वाहन से महज 10 मिनट में पूरी की जा सकती है।

दोस्तो रवि टम्टा का लक्ष्य एक सुरक्षित, इलेक्ट्रिक और व्यक्तिगत एयर मोबिलिटी वाहन विकसित करना है, जो विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में परिवहन को आसान बना सके। इसके अलावा ऐसा नहीं कि अल्मोड़ा के रवि ने ये एक दिन में कर दिखाया कमाल। सालों की मेहनेत का नतीजा देखो आज हवा में उठ रहा है और दुनिया देख रही है। दोस्तो इस सफल टेस्ट फ्लाइट के बाद रवि टम्टा ने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा मील का पत्थर बताया। वो कहते हैं कि यह उपलब्धि वर्षों के शोध, संघर्ष, प्रयोग और निरंतर मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल एक उड़ने वाला वाहन बनाना नहीं, बल्कि यह साबित करना है कि विश्वस्तरीय नवाचार भारत के छोटे शहरों और गांवों से भी निकल सकते हैं। इधर दोस्तो ये दौर सोशल मीडिया का है और यहां रवि के कारनामें को जमकर सराहा जा रहा है दोस्तो HAPIDA SKYNeX की टेस्ट फ्लाइट का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने रवि टम्टा की जमकर सराहना की। कई लोगों ने इसे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए ‘गेम चेंजर’ बताया, जबकि अन्य ने सरकार से ऐसे नवाचारों को प्रोत्साहन और सहयोग देने की मांग की। हालांकि यह परियोजना अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसकी सफल उड़ान भविष्य में भारत में व्यक्तिगत एयर मोबिलिटी के क्षेत्र में नई संभावनाओं का संकेत मानी जा रही है।

तो दोस्तो, अल्मोड़ा के एक छोटे से गांव से निकला ये आइडिया अब आसमान में उड़ान भर रहा है। रवि टम्टा की HAPIDA SKYNeX की सफल टेस्ट फ्लाइट ने ये जरूर दिखा दिया है कि बड़े इनोवेशन के लिए बड़े शहर ही जरूरी नहीं होते। पहाड़ों की मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों से निकला ये सपना अगर आने वाले समय में तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है, तो पहाड़ी इलाकों में आवाजाही का तरीका बदल सकता है। फिलहाल SKYNeX अभी प्रोटोटाइप चरण में है और व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसकी पहली सफल उड़ान ने भविष्य की एक नई तस्वीर जरूर दिखा दी है। अब सवाल यही है—क्या अल्मोड़ा के रवि टम्टा का ये सपना आने वाले दिनों में भारत की पर्सनल एयर मोबिलिटी की नई पहचान बनेगा? वक्त इसका जवाब देगा..आपको रवि टम्टा का ये इनोवेशन कैसा लगा, कमेंट करके जरूर बताइए।