मरीज की जगह कट्टों में भरा था 45 लाख का गांजा, उत्तराखंड में एम्बुलेंस से खुली पोल!

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उत्तराखंड में नशे के सौदागरों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए अब आपातकालीन सेवाओं का सहारा लेना शुरू कर दिया है। Cannabis Smuggling In Srinagar पौड़ी गढ़वाल जिले की श्रीनगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मरीज ले जाने वाली एम्बुलेंस से भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ बरामद किया है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक ईको एम्बुलेंस से 90 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 45 लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने मौके से चालक को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी, सर्वेश पंवार के निर्देश पर जिले में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में श्रीनगर कोतवाली पुलिस आवास विकास ग्राउंड के पास वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध ईको एम्बुलेंस वाहन संख्या UK14-PA-0539 को रोका। जब पुलिस कर्मियों ने एम्बुलेंस का पिछला दरवाजा खोला, तो उनके होश उड़ गए। गाड़ी के भीतर कोई मरीज या मेडिकल स्टाफ नहीं था, बल्कि उसमें नौ प्लास्टिक के कट्टे (बोरियां) ठूंस-ठूंस कर भरे हुए थे।

कट्टों को खोलने पर पुलिस को उसमें 90 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एम्बुलेंस चालक को हिरासत में ले लिया और वाहन को सीज कर दिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रविंद्र सिंह बिष्ट (45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो चौरास कीर्तिनगर का रहने वाला है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने यह गांजा रुद्रप्रयाग के ग्रामीण इलाकों से कम दामों में इकट्ठा किया था। वह पुलिस चेकिंग से बचने के लिए एम्बुलेंस का इस्तेमाल कर रहा था और इसे श्रीनगर व आसपास के इलाकों में ऊंचे दामों पर बेचने की योजना बना रहा था। श्रीनगर कोतवाली पुलिस ने आरोपी रविंद्र सिंह बिष्ट के खिलाफ मादक पदार्थ निरोधी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि आरोपी यह खेप रुद्रप्रयाग में किससे खरीद कर लाया था और श्रीनगर में इसे किन-किन पैडलर्स को सप्लाई किया जाना था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ड्रग्स तस्करी के इस पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है और जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।