जी हां दोस्तो अंकिता केस में कथित वीआईपी की एंट्री के बाद मामला शांत होता नहीं दिख रहा है। अंकिता के दोषियों को बचाने के आरोपों के सावल देहरादून से लेकर ऋषिकेस तक गूंज रहे हैं, कैसे अब बीजेपी विधायकों का घेराव की शुरुआत महिलाओं ने कर दी, Ankita Bhandari Murder Case VVIP Controversy Case यहां तक की पुलिस से भिड़ गई महिलाएं कैसे ऋतू खंडूरी की विधानसभा में स्थानीय लोगों के साथ महिलाओं ने घेरा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का काफिला। दोस्तो अंकिता भंडारी हत्याकांड में कई सवालों के जवाब नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेशभर में कांग्रेस, भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है. नारेबाजी के साथ ही सरकार का पुतला फूंकते हुए कथित वीआईपी के नाम का खुलासा और सीबीआई जांच की मांग की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को महिला कांग्रेस ने यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट के आवास का घेराव करने के लिए कूच किया। मै आपको पूर खबर विरोध और और सवालों के जवाब खोजने की इस सियासी जंग के बारे में विस्तार से बताउं उससे पहले मै पाको दो तस्वीर दिखाना चाहता हूं। दोस्तो अपने प्रदेश में अब बीजेपी का घेराव शुरु हो चुका है, इन दो तस्वीरो को कुछ ऐसे देखिएकि एक तरफ कांग्रेस की महिला विंग ने जहां यमकेश्वर सीट से बीजेपी विधायक रेनू बिष्ट के आवास का घेराव हवा तो तो वहीं दूसरी तस्वीर जो मेने आपको दिखाई, वो पौड़ी की बताई जा रही है। जहां बीजेपी की विधायक विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी की क्षेत्र में बीजेपी के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को लोगों ने काले झंडे दिखाए। लोग कई तरह के सवाल करते दिखाई दे रहे हैं।
इस मामले में जहां दोस्तो बीजेपी विधायक रेनू बिष्ट पर उस रिजॉर्ट वन्नतरा में बुलडोजर कार्रवाई का करता धरता बताया जाता रहा है। वहीं महेंद्र भट्ट ने अंकिता केस में वीआईपी की एंट्री को जाति से जोड़कर खाना पूर्ती की थी। अब विरोध चौतरफा देखने को मिल रहा है। दोस्तो उत्तराखंड कांग्रेस महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऋषिकेश स्थित पौड़ी गढ़वाल जिले की यमकेश्वर सीट से विधायक रेनू बिष्ट के आशुतोष नगर आवास का घेराव करने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और घेराव करने जा रही प्रदर्शनकारी महिलाओं को आवास से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते में रोक दिया। पुलिस के रोकने से महिला कांग्रेस नेता भड़क गईं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं। इस दौरान ज्योति रौतेला ने बैरिकेडिंग को पार करने की कोशिश की। जहां उनकी पुलिस कर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई. इसके बाद ज्योति रौतेला सड़क पर बैठ गईं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं। ज्योति रौतेला ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में आज तक विधायक रेनू बिष्ट ने एक शब्द नहीं कहा है। इसके अलावा वीआईपी कौन है? इसका जवाब भी सरकार ने नहीं दिया है। हत्याकांड में ‘गट्टू’ कौन है? अब इसका जवाब मिलना भी बाकी है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार अंकिता को पूर्ण रूप से न्याय दिलाना चाहती है, तो सीबीआई जांच करने से क्यों डरती है? महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि जब तक सरकार उनके सवालों के जवाब नहीं देगी, तब तक ऋषिकेश ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में इस प्रकार के आंदोलन किए जाते रहेंगे।
दरअसल, हाल में ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी ने एक ऑडियो जारी करते हुए कथित वीआईपी और कथित ‘गट्टू’ के नाम का खुलासा किया था. इस ऑडियो के वायरल होने के बाद प्रदेशभर में सरकार के खिलाफ कांग्रेस, यूकेडी और अन्य सामाजिक संगठन सड़कों पर उतर आए हैं। साथ ही सीबीआई जांच की मांग की जा रही है। वहीं रेनू बिष्ट पर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जिस रिसॉर्ट में अंकिता भंडारी काम करती थी, जहां उस पर दबाव डाला गया था, उसी रिसॉर्ट को रेनू बिष्ट ने जेसीबी चलाकर गिरा दिया था। कांग्रेस ने रेनू बिष्ट पर सबूतों को मिटाने का आरोप लगाया। इधर कांग्रेस ही नहीं अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों और विपक्षी राजनीतिक दलों ने आगामी चार जनवरी को मुख्यमंत्री आवास कूच किए जाने का ऐलान किया है। सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनका यह प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित होगा।बकायादा इसके लिए सामाजिक और जन संगठनों , विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका यह मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित होगा। उत्तराखंड महिला मंच की संयोजक कमला पंत ने बताया कि अंकिता केस मे नए आरोपों के बाद अब इस मामले की फिर से जांच करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सभी सामाजिक संगठनों और विपक्षी पार्टियों ने एकजुट होकर जन मुद्दों पर सीएम आवास कूच किए जाने की घोषणा की है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी सीएम आवास कूच किए जाने पर अपना समर्थन दिया है। दोस्तो कांग्रेस समेत समाजिक संगठनों का कहना है कि र्मिला सनावर के जो ऑडियो वीडियो सामने आए हैं, उसमें अंकिता हत्याकांड के कई पहलू उजागर हुए हैं। ऐसे में अंकिता मामले पर नया मोड़ आने के बाद सरकार इस मामले में टालमटोल कर रही है। कमला पंत का कहना है कि कूच के दौरान सभी संगठन सरकार से कुछ सवालों के जवाब चाहते हैं। अंकिता के दोषियों को बचाने के लिए किसने सबूत मिटाए, क्यों रिजॉर्ट के उस हिस्से को बुलडोजर से ढहाया गया, जहां अंकिता रहा करती थी। सत्तारूढ़ पार्टी के पूर्व विधायक के परिवार से जुड़े ऑडियो वीडियो सामने आने के बावजूद सरकार इसकी जांच क्यों नहीं करवा रही है।