जी हां दोस्तो नेता हैं तो भी पब्लिसिटी भी जरूरी है लेकिन सरकार का कार्यक्रम हो और वहां लगे पोस्टर बैनर फ्लैक्स में अगर विधायक की फोटो नहीं तो फिर विधायक उस कार्यक्रम को सफल नहीं होने देगें। एक ऐसी तस्वीर जिसमें बीजेपी विधायक की नाराजगी के वायरल वीडियो ने बीजेपी को मुश्किल में डाल दिया। कैसे और क्यों भड़के बीजेपी के विधायक जी। “Government for the people, at the doorstep of every citizen” program बताउँगा आपको पूरी खबर अपनी इस रिपोर्ट के जरिए। दोस्तो उत्तराखंड के रुद्रपुर ब्लॉक में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में सियासी नाटक देखने को मिला जहां बीजेपी विधायक शिव अरोरा ने कार्यक्रम स्थल पर लगे फ्लैक्स में अपना फोटो नहीं होने पर नाराजगी जताई और अधिकारियों से उसे हटाने के आदेश दे दिए। वीडियो में विधायक ये कहते भी सुने गए कि ‘कार्यक्रम फ्लॉप कर दूंगा’ क्या इस नाराजगी से बीजेपी के लिए राजनीतिक मुश्किलें बढ़ सकती हैं, और क्या नेताओं के बीच खींचातानी का असर जनता तक पहुंचेगा?
दोस्तो “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक शिव अरोड़ा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में गुलाबी पारा चढ़े नेता शिव अरोड़ा को देखा जा सकता है, जिनका गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब कार्यक्रम स्थल पर लगे फ्लैक्स (पोस्टर) में उनकी फोटो नहीं थी। वीडियो में विधायक अपने गुस्से के असर में कार्यक्रम को रोकने की चेतावनी देते भी दिख रहे हैं। जी हां दोस्तो ऐसा नहीं चलेगा, बतमिजी थोड़ी चल रही है इसे मैनेज कर लो 15 मिनट में DM साहब से बात करनी है करो। CDO से बात करनी हो करो इतने में नहीं हो सके तो बंद कर दो कार्यक्रम प्रॉटोकाल है ये जब मेरी विधानसभा में कार्यक्रम हो रहे हैं तो और फोटो नहीं लगेंगे तो फिर किसी के फोटो नहीं होने चाहिए। सिर्फ मुख्यमंत्री होने चाहिए नहीं कुछ नहीं हटेंगे यहां से ये फोटो हटेंगे यहां से दोस्तो ये रुद्रपुर ब्लॉक के “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के दौरान हुई, जिसमें शिव अरोड़ा कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे और जनप्रतिनिधि के रूप में स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर रहे थे। पर जब मंच पर लगे फ्लैक्स में उनका फोटो नहीं दिखा, तो उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि कम से कम कार्यक्रम के आधिकारिक प्रचार सामग्री में उनकी फोटो होनी चाहिए। वीडियो में इस बात को लेकर उनका गुस्सा स्पष्ट देखा जा सकता है। दोस्तो वायरल क्लिप में विधायक शिव अरोड़ा को लाल-पीले रंग के पोस्टर के सामने संवाद करते हुए देखा जा सकता है, जहां वे आयोजन के आयोजकों पर निशाना साधते हुए कार्यक्रम को “फ्लॉप” तक कहने की बात कर रहे हैं और आयोजकों को चेतावनी दे रहे हैं कि बिना फोटो का फ्लैक्स स्वीकार्य नहीं है।
दोस्तो यहां साफ है कि वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और इसे राजनीतिक विरोधी दल तथा समर्थक दोनों ही अपनी-अपनी राय जताने के लिए उपयोग कर रहे हैं। इस विवाद ने स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है, जहां कुछ लोग इसे नेता के आत्मसम्मान की बात बता रहे हैं तो कुछ इसे अनुचित व्यवहार करार दे रहे हैं। यहां आपको बता दूं कि शिव अरोड़ा भाजपा से रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं और उन्होंने 2022 के चुनाव में यह सीट जीती थी। दोस्तो “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय जनता के साथ संवाद और सरकार की योजनाओं का सीधा परिचय देना होता है। ऐसे में उसी क्षेत्र के विधायक का फोटो फ्लैक्स पर न होने को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं। “तो दोस्तो, रुद्रपुर के ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में फ्लैक्स विवाद ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। विधायक शिव अरोड़ा की नाराजगी और उनके तीखे बयानों ने साफ कर दिया कि स्थानीय नेताओं की भावनाओं को भी महत्व देना कितना जरूरी है। अब सवाल यह है कि क्या इस विवाद का असर बीजेपी के लिए राजनीतिक मोर्चे पर पड़ेगा, या यह महज कार्यक्रम की आड़ में उठी सियासी चर्चा भर है।