तराजू लगाकर मंदिर के मूवमेंट पर नजर…उत्तराखंड के लोगों में डर !
दुनिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिर पर खतरा…संकट के बादल का पहरा !
पूरे गांव के धंसने के बाद मंदिर की बारी…देवभूमि में खतरे की महामारी !
चारधाम यात्रा के बीच ये क्या हो गया…तुंगनाथ मंदिर कैसे धंस गया !
दुनिया की सबसे ऊंचाई पर शिव मंदिर अब झुकने लगा है…देवभूमि…जिसे चारधाम कहें या फिर आस्था और भक्तों के सैलाब का प्रदेश…जो भी कहेंगे सब सही है क्योंकि ये देवभूूमि है…जहां देवता निवास करते हैं…लेकिन इस बीच देवभूमि में सबसे ऊंचाई पर स्थित शिव मंदिर पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है…पहले जोशीमठ में दरारें तो अब तुंगनाथ मंदिर पर ये संकट…आखिर क्या संकेत हैं…इस मुसीबत के….दशकों से जिस मंदिर की नीव डगमगाई नहीं…प्रलय के बाद भी जिस मंदिर की नींव हिल नहीं पाती वो मंदिर अब झुकने लगा है….लेकिन जब रिसर्च में पता चला कि…मंदिर के झुकने के पीछे की वजह क्या है तो बड़े से बड़े वैज्ञानिक परेशान और हैरान हैं…आज हम अपनी रिपोर्ट में यही खुलासा करेंगे कि..12 हजार 800 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ शिव मंदिर आखिर अपनी जगह क्यों बदल रहा है….जब आप भी देखेंगे और जानेंगे कि…इस वजह से ऐसा हुआ है तो यकीन नहीं होगा..कि भगवान का मंदिर भी ऐसा कर सकता है….तो चलिए बिना देर किए उस रिपोर्ट का खुलासा करते हैं कि…मंदिर के झुकने के पीछे की वजह क्या है….लेकिन उससे पहले ये जरुर जानिए की खबर क्या है….
आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया जिसे ASI कहते हैं…ASI ने जो रिपोर्ट जारी की है…उससे बड़े से बड़े वैज्ञानिकों की नींद उड़ चुकी है…क्योंकि ये माजरा जोशी मठ का ही नहीं बल्कि तुंकनाथ मंदिर का है…वो मंदिर जो 12 हजार फीट से ज्यादा ऊंचाई पर है…जिनका दर्शन बहुत ही कम भक्त कर पाते हैं…वो मंदिर अब संकट में है…क्योंकि ASI की तरफ से कराए स्टडी में यह बात निकलकर सामने आई है कि….मंदिर में 5 से 6 डिग्री तक का झुकाव और परिसर के अंदर बने मूर्तियों और छोटे स्ट्रक्चर में 10 डिग्री तक का झुकाव देखने को मिला है…ASI की इस रिपोर्ट के बाद सरकार भी एक्टिव मोड में आ गई है….और तुरंत इस घटना की रिपोर्ट केंद्र सरकार तक पहुंचाई गई…कि तुंगनाथ मंदिर में झुकाव हो गया है…ये तो पूरी खबर आपने देखी अब आपको अगले एक मिनट में मंदिर के झुकाव की वजहों का खुलासा बताएंगे…हम ये भी बताएंगे कि…अगर ऐसा ही चलता रहा तो ये संकेत अच्छे नहीं होंगे….
आखिर क्यों झुक गया तुंगनाथ शिव मंदिर ?
वीओ3- तुंगनाथ को दुनिया की सबसे ऊंचे शिव मंदिर का रिकॉर्ड दर्ज है…आठवीं शताब्दी में कत्यूरी शासकों ने इसका निर्माण कराया था…कुछ समय पहले उत्तराखंड के जोशीमठ जिले में जनवरी में जमीन धंसने की बड़ी घटनाएं हुई थीं….जिससे कई परिवार प्रभावित हुए थे और उन्हें अपने घर खाली करने के लिए मजबूर होना पड़ा था…. एएसआई ने पहले ही मुख्य मंदिर की बाहरी दीवार पर शीशे के तराजू लगा दिए हैं जिससे पता लगाया जा सके कि पत्थर हिल रहे हैं या नहीं…..मंदिर की बाहर की दीवारों से कई जगहों पर पत्थर छिटके हुए हैं…सभामंडप की स्थिति काफी खराब हो गई है…. साथ ही गर्भगृह का एक हिस्सा झुक गया है…ऐसे में ये संकेत ठीक नहीं माने जा रहे हैं…क्योंकि पहाड़ों की वादियों से लगातार योजनाओं द्वारा छेड़छाड़ किया जा रहा है…कहीं पहाड़ों को चीरकर रेलमार्ग बनाया जा रहा है तो कहीं सड़कों का निर्माण हो रहा है…तो वहीं दूसरी तरफ बात करें तो जलवायु परिवर्तन की वजह से ग्लेशियर भी पिघल रहे हैं…तो भूकंप के झटके भी बार बार आते रहते हैं…ऐसे में कहा जा रहा है कि…शायद इसी कारणों की वजह से ये झुकाव हुआ हो…लेकिन एक बात को साफ है…सबसे ऊंचे शिव मंदिर के झुकाव का मामला हल्के में नहीं भारी में लेना चाहिए…