Mussoorie मजार तोड़फोड़ के बाद उबाल Uttarakhand News | Mussoorie News | BabaBulleShah

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जी हां दोस्तो एक सवाल सब के मन में उबाल मार रहा था काफी दिनों से ये सवाल पहुंछा जा रहा था कि देवभूमि में बनी कई पूरानी मजारों का रहस्य क्या है और इस सवाल ने तब ज्यादा उबाल मारा जब पहाड़ों की रानी में एक सौ साल पूरानी मजार पर सवाल होने लगा कि जब बाबा बुल्ले शाह को पाकिस्तान में दफनाया गया तो फिर देवभूमि में कैसे बना दी गई मजार सवालों का शोर एक तरफ था ही, साथ ही रात के अंधेरे में जो देखने को मिला है उसने मसूरी को तनाव की स्थिति में डाल दिया और पुलिस फोर्स को उतारना पड़ा। पूरी खबर और विवाद बताउंगा आपको अपनी इस रिपोर्ट के जरिए। दोस्तो पहाड़ों की रानी मसूरी, जहां अमन-चैन और गंगा-जमुनी तहज़ीब की पहचान रही है, आज वहीं से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 100 साल से ज्यादा पुरानी बाबा बुल्ले शाह की मजार जो प्रेम, इंसानियत और भाईचारे का प्रतीक मानी जाती है। वहां अज्ञात लोगों ने तोड़फोड़ कर दी। सिर्फ एक नहीं, तीन मजारें क्षतिग्रस्त, दानपात्र भी तोड़ा गया और शहर के शांत माहौल को बिगाड़ने की आशंका गहराने लगी है। इस हरकत के पीछे कौन है? क्या यह महज़ शरारत है या मसूरी के सौहार्द को तोड़ने की साजिश? जी हां दोस्तो पहाड़ों की रानी मसूरी में सौहार्द और गंगा-जमुनी तहज़ीब की पहचान मानी जाने वाली बाबा बुल्ले शाह की 100 साल से अधिक पुरानी मजार में अज्ञात लोगों ने तोड़फोड़ की है।

मामला शनिवार देर शाम का है बताया जा रहा है कि बाबा बुल्ले शाह के पास ही मौजूद दो अन्य मजारों पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इतना ही नहीं मजार के दानपात्र को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है। मामले की सूचना मिलते ही बाबा बुल्ले शाह समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे। मजार की हालत देखकर समिति के पदाधिकारियों और अनुयायियों में गहरा रोष और चिंता व्यक्त की। समिति का कहना है कि यह घटना केवल धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने की नहीं, बल्कि मसूरी के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की साजिश है। बाबा बुल्ले शाह समिति ने स्पष्ट किया कि यह मजार किसी सरकारी भूमि पर नहीं थी। जांच में सामने आया है कि मजार निजी स्कूल की संपत्ति पर स्थित थी और स्कूल प्रशासन द्वारा वर्षों पूर्व मजार स्थापित करने के लिए स्थान दिया गया था। समिति के अनुसार पूर्व में कुछ संगठनों द्वारा मजार का विरोध किया गया था, लेकिन प्रशासनिक जांच में किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं पाया गया। दोस्तो यहां पूर्व पालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि, मसूरी हमेशा से भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक रही है। इस तरह की हरकतें शहर की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

दोस्तो बाबा बुल्ले शाह समिति के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने बताया कि, अज्ञात लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से मजार के स्ट्रक्चर को पूरी तरह नुकसान पहुंचाया है। बाबा बुल्ले शाह की मुख्य मजार के साथ-साथ अन्य दो मजारों को भी ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर मसूरी कोतवाली में दोबारा शिकायत दर्ज कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। दोस्तो बाबा बुल्ले शाह की मजार को क्षतिग्रस्त करने को लेकर अभी तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। मजार के पास पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी ये कहना है राहुल आंनंद का जो एसडीएम हैं मसूरी के इधर दोस्तो बाबा बुल्ले शाह के अनुयायियों ने घटना को लेकर भारी आक्रोश व्यक्त किया है। सदस्यों ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, समिति ने मसूरी पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर ली है। अनुयायियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन कर सकते हैं। उनका कहना है कि बाबा बुल्ले शाह की दरगाह हमेशा से प्रेम, इंसानियत और भाईचारे का संदेश देती आई है। यहां सभी धर्मों के लोग श्रद्धा के साथ आते हैं और मन्नतें मांगते हैं। पर्यटन नगरी मसूरी में धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ने की एक गंभीर घटना सामने आई है।

मसूरी के बाला हींसार में वाइनबर्ग एलेन स्कूल की निजी भूमि पर बनी बाबा बुल्ले शाह की मजार को असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस घटना को लेकर पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों समेत 25 से 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें 24 जनवरी की शाम कुछ असामाजिक तत्व हथौड़ा और सब्बल लेकर मजार परिसर में घुसे और मजार को नुकसान पहुंचाया। इतना ही नहीं, वहां रखे धार्मिक ग्रंथों को भी क्षतिग्रस्त किया गया. मजार परिसर में धार्मिक उन्माद फैलाने का प्रयास किया गया। इस घटना से क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। इस संबंध में मुस्लिम सेवा संगठन के मसूरी अध्यक्ष अकरम खान पुत्र तौकबीर अहमद ने कोतवाली मसूरी में लिखित तहरीर दीतहरीर के आधार पर पुलिस ने मु.अ.सं. 04/26, धारा 196(1)(इ) एवं 298 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने हरिओम, शिवउ और श्रद्धा के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि अन्य अज्ञात आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, सोशल मीडिया के फुटेज को भी देखा जा रहा है। साथ ही घटना में शामिल लोगों की तलाश की जा रही है। सवाल अब सिर्फ एक मजार की तोड़फोड़ का नहीं है। सवाल मसूरी की उस पहचान का है, जो हमेशा से प्रेम, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल रही है।श्रद्धालुओं में आक्रोश है, कार्रवाई की मांग तेज़ है और आंदोलन की चेतावनी भी दी जा चुकी है। अब देखना होगा कि प्रशासन कितनी जल्दी दोषियों तक पहुंचता है और क्या मसूरी के सौहार्द को बिगाड़ने की इस कोशिश पर सख्त कार्रवाई होती है या नहीं।