हरिद्वार जिला पंचायत की 36 सीटों पर मतगणना पूरी, नतीजों पर असमंजस बरकरार, शाम तक इंतजार

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Haridwar Panchayat Chunav: 26 सितंबर को हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जहां एक ओर भाजपा जिला पंचायत में बोर्ड बनाने का दावा कर रही है तो अभी किस सीट पर कौन विजयी हुआ है और किस पार्टी को कितनी सीटें मिली है, इसको लेकर ही स्थिति साफ नहीं है। 36 सीटों पर बृहस्पतिवार देर रात तक मतगणना पूरी हो गई। इनमें से आठ सीटों पर निर्वाचन अधिकारी ने जीत की घोषणा कर दी है। इनमें बसपा के तीन, भाजपा के एक और चार निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। वहीं 28 सीटों पर मतगणना पूरी होने के बाद जीतने वाले प्रत्याशियों ने विजय जुलूस निकाल कर जश्न मनाया है।

इनमें बसपा के तीन, भाजपा के दस, कांग्रेस के पांच, राष्ट्रीय लोक जन पार्टी का एक, आम आदमी पार्टी से एक और निर्दलीय आठ प्रत्याशी हैं। हालांकि, इनकी आधिकारिक तौर पर जीत की घोषणा नहीं हो सकी है। मतगणना अभी भी जारी है। असमंजस की इस स्थिति पर कोई अधिकारी भी जवाब देने को तैयार नहीं है। जब इस मामले पर जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे से बात की गई तो उनका कहना है कि शाम 4 बजे से सर्टिफिकेट बांटे जाएंगे, उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल मतगणना पूरी हो गई है।

राज्य निर्वाचन आयोग के ऑनलाइन पोर्टल भी ठप पड़ा हुआ है। हरिद्वार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अपडेट गुरुवार रात के बाद से अपडेट ही नहीं हुई हैं। पोर्टल के मुताबिक, ग्राम प्रधान के 316 पदों में से केवल 279 सीटों के परिणाम घोषित हुए हैं जबकि 2 निर्विरोध निर्वाचित हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्यों के कुल 218 पदों में से 173 सीटों का परिणाम घोषित हुए हैं जबकि 3 निर्विरोध चुने गए हैं। वहीं, जिला पंचायत सदस्य के 44 वार्डों में से 8 सीट पर रिजल्ट बताए जा रहे हैं। इन 8 परिणामों में भाजपा को 6 सीट बताई जा रही हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री व हरिद्वार लोकसभा सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने जिला पंचायत चुनाव में भाजपा की जीत को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह हरिद्वार के इतिहास में पहली बार है कि पंचायतों में इनती बड़ी संख्या में कार्यकर्ता चुनकर आए हैं। पार्टी ग्राम प्रधान से लेकर ब्लाक प्रमुख तक सभी को साथ लेकर चलेगी। निशंक ने कहा कि अब पार्टी जिला पंचायत का बोर्ड भी बनाएगी। इस जीत ने भाजपा की विधानसभा चुनाव की हार के जख्म पर मरहम का काम किया है। विधानसभा चुनाव में भाजपा 11 में से तीन सीटों पर सिमट गई थी, जबकि 2017 में उसने आठ सीटें जीतीं थीं।