प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में मातृशक्ति सबसे ज्यादा मजबूत हुई है, आज महिलाओं को सबसे ज्यादा सम्मान मिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वानाती श्रीनिवासन ने यह बातें कहीं।
रविवार को सुभाष रोड स्थित एक होटल में आयोजित राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष वानाती श्रीनिवासन ने तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती की कविता को प्रस्तुत किया। कहा कि हिमालय हम सब के लिए गौरव का केंद्र है। उन्होंने कहा कि मैं सुब्रमण्यम भारती की पंक्तियों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड आई और आने के बाद मैंने पार्टी संगठन के साथ हिमालय को नमन किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विजय की ओर निरंतर बढ़ेगी और महिला मोर्चा की टीम पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के कल्याण के लिए चिंतन केवल भाजपा में ही होता है। कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा तथा राष्ट्रीय महामंत्री संगठन संतोष ने हम पर जो भरोसा किया है, हमें समग्र मातृशक्ति को लेकर उसे निरंतर आगे बढ़ाना है।
महिला मोर्चा के राष्ट्रीय प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता मेहनत के साथ अपने कामों को आगे बढ़ाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा की चर्चा करते हुए राष्ट्रीय महामंत्री ने कहा कि अखंड भारत के नक्शे को बनाने की शुरुआत प्रारंभ हो गई है। धारा 370 को हटा कर जम्मू कश्मीर को भारत में जोड़ा गया है। हमारे जिन महापुरुषों ने जम्मू कश्मीर के लिए कुर्बानी दी, उन्हें नमन है। कहा कि ‘भारत का पाक अधिकृत कश्मीर खाली करे पाकिस्तान’ यह नारा प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिया है।
प्रधानमंत्री के इस संबोधन ने हम सब को गौरवान्वित किया है। हमें 14 अगस्त 1947 को भी याद रखना चाहिए। उस समय नेहरू जी के पक्ष में कोई नहीं था। सब सरदार पटेल के पक्षधर थे, लेकिन देश के टुकड़े हो गए और नेहरू प्रधानमंत्री बन गए। कहा कि उस समय 10 लाख लोगों की शहादत हुई, केवल प्रधानमंत्री बनने की जिद के कारण। कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, प्रियंका गांधी के परिजन खुद को ब्राह्मण घोषित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल गांधी जनता के मर्म को समझें। कहा कि आज लड़ाई देश के जयचंदों से चल रही है।
इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय महिला मोर्चा अध्यक्ष कांता नरगाड़े, रेल राज्य मंत्री दर्शना जरदोष, प्रदेश सरकार में मंत्री रेखा आर्य, राष्ट्रीय महिला मोर्चा महामंत्री सुप्रीत कौर, इंदु बाला गोस्वामी, दीप्ति रावत, राष्ट्रीय महिला मोर्चा की मीडिया प्रभारी नीतू दवास, उत्तराखंड प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी, लोकसभा सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सीमा द्विवेदी, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र भंडारी, सुरेश भट्ट, विधायक हरबंस कपूर, खजान दास, महापौर देहरादून सुनील उनियाल गामा, महापौर ऋषिकेश अनीता ममगाईं आदि मौजूद रहे।
देशभर से 140 कार्यकर्ता पहुंचीं
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देशभर से पधारी महिला मोर्चा की पदाधिकारियों का उत्तराखंड आने पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक ऐसा दल है, जिसमें कब, कहां, कौन पद किसे दे दिया जाए, उसे भी पता नहीं होता। हम सबको अपने दायित्वों को बखूबी निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे देश से अपेक्षित 160 कार्यकर्ताओं में से 140 कार्यकर्ता देहरादून में पहुंचीं हैं। यह हम सब के लिए प्रेरणा का विषय है। कहा कि देश में इतने कार्य हुए हैं कि मात्र सात सालों का कार्यकाल 60 वर्षों पर भारी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मातृशक्ति के लिए दर्जनों योजनाएं लागू की गई हैं, जिनसे मातृशक्ति का विकास तेजी से हो रहा है। उन्होंने मातृशक्ति से आग्रह किया कि प्रदेश को संस्कृति एवं आध्यात्मिक राजधानी बनाएं।
दुष्यंत जी ने कहा था, अपनी चिंता न करना, पार्टी तुम्हारी चिंता करेगी
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब भाजपा महिला मोर्चा राष्ट्रीय कार्यसमिति में पहुंचे तो खुद को कार्यकर्ताओं के बीच पाकर भावुक हो गए। उन्होंने बेहद भावुक अंदाज में अपने मन की बात बताकर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में जोश भरा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जब वर्ष 2017 में सरकार बनी तो मुझे लगता था कि शायद मैं मंत्री बनूं क्योंकि मैं जिस खटीमा सीट से जीत रहा हूं, वह भाजपा की नहीं मानी जाती थी, लेकिन मंत्रिमंडल में मेरा नाम नहीं था। फिर सांसद के चयन में उम्मीद पाली, लेकिन नाम नहीं आया। फिर पार्टी अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू हुई तो मुझे दो बार युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष रहने के नाते खुद के भाजपा अध्यक्ष बनने की आस जगी, लेकिन यहां भी नाम नहीं आया। इसके बाद राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं। तीरथ सिंह रावत को विधानमंडल दल का नेता चुना गया।
फिर एक बार मुझे मंत्री बनने की आस जगी, लेकिन मंत्रिमंडल में मेरा नाम नहीं आया। मैं पार्टी के सच्चे सिपाही के तौर पर काम करता रहा। इस बीच प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम जी ने कहा कि पुष्कर तुम अपनी चिंता मत करना, तुम्हारी चिंता पार्टी करेगी। फिर राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं। विधानमंडल दल की बैठक हुई, बैठक में मैं सबसे पीछे बैठा था। तब मेरे नाम की घोषणा हुई। मैं नड्डा जी से मिला तो मैंने उन्हें कहा कि थोड़ा पहले बता देते। तो उन्होंने कहा कि हमें विश्वास था कि तुम इस काम को बेहतर करोगे। उन्होंने कहा कि भाजपा ही अकेली ऐसी पार्टी है, जिसमें किसी भी कार्यकर्ता को कोई भी जिम्मेदारी किसी भी समय दी जा सकती है।