उत्तराखंड: प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम खराब, केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को सोनप्रयाग में रोका

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प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में रविवार से तीन दिनों तक बारिश होगी। मौसम विभाग ने ज्यादातर स्थानों पर बादल छाये रहने और बारिश होने का अनुमान जताया है। वहीं, कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।

बारिश होने से ठंड बढ़ी
इसी बीच राजधानी देहरादून सहित राज्य के अधिकतर इलाकों में रविवार को मौसम खराब बना हुआ है। दून में तड़के से रुक-रुक कर बारिश जारी है। करीब आधे घंटे के लिए झमाझम बारिश भी हुई। वहीं मसूरी में भी हल्की बारिश होने से ठंड बढ़ गई है। नई टिहरी में भी मौसम का मिजाज बदल गया है। नई टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से बारिश हो रही है। नैनीताल जिले के भवाली में भी बारिश हो रही है।

श्रीनगर, देवप्रयाग और कीर्तिनगर सहित अन्य क्षेत्रों में हल्की बूंदा-बांदी हुई। ऋषिकेश में झमाझम बारिश हुई। रुड़की में सुबह आठ बजे से बारिश होती रही।

केदारनाथ यात्रा में जाने वाले यात्रियों को सोनप्रयाग में रोका
चारधाम यात्रा मार्ग फिलहाल सुचारू है। उत्तरकाशी में भी बादल छाए रहे। गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे पर यातायात सुचारू है। यमुनोत्रीधाम सहित आसपास के इलाकों में बारिश का मौसम बना हुआ है। जबकि निचले हिस्से यमुना घाटी में सुबह से हल्की बारिश हो रही है। रुद्रप्रयाग जिले में हल्की बूंदाबांदी हो रही है। मौसम खराब होने की वजह से केदारनाथ यात्रा में जाने वाले यात्रियों को प्रशासन व पुलिस द्वारा सोनप्रयाग में ही रोका जा रहा है।

ज्यादातर जगह बारिश होने के आसार
मौसम केंद्र के अनुसार 17 अक्तूबर को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, देहरादून, हरिद्वार, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर में अधिकांश क्षेत्रों में बारिश होने का अनुमान है। 18 और 19 को भी ज्यादातर जगह बारिश होने के आसार हैं।

तेज रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं
18 अक्तूबर को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, देहरादून, टिहरी व पौड़ी के कई और हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान 80 किमी प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। कई जगह ओले गिरने के आसार हैं।

ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ भी गिरने की संभावना
पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ भी गिर सकती है। मौसम विभाग ने इस दौरान भूस्खलन, जलभराव होने, गाड़-गदेरों में उफान आने और ओलावृष्टि से फसलों, खुले में पार्क वाहनों और जानवरों को नुकसान होने की भी चेतावनी दी है। इससे चारधाम समेत पहाड़ी क्षेत्रों में चल रही यात्राओं पर भी असर पड़ सकता है।
धान की खेती को मौसम की मार
डोईवाला में धान की खेतों में कटी फसल को बारिश से नुकसान हुआ है। शनिवार देर रात और रविवार सुबह तड़के हुई बारिश से खेतों में कटी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।

किसान उमेद बोहरा ने बताया कि दूधली, शिमलास ज्वालापुर, नागल बुलंदा वाला के अलावा कई क्षेत्रों में धान की फसल की कटाई हो रही है। बारिश होने से कटी फसल को नुकसान होना तय है। किसानों ने कहा कि विभाग की और से भी बारिश का अनुमान एक दिन पहले ही बताया गया।

इस बारिश से धान काला पड़ने और सूखने की स्थिति में चावल का दाना टूटने की संभावना रहती है। किसानों ने कहा कि यदि बारिश जारी रही तो नुकसान होना तय है।