उल्टा पड़ गया धामी का दाव! मियांवाला को समझा मुगलों का नाम, निकला राजपूतों का

Spread the love

उत्तराखंड सरकार ने 2 दिन पहले उत्तराखंड के 17 स्थानों का नाम बदलकर नया नामकरण किया। इस कदम के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कई लोगों ने धन्यवाद भी किया। Mianwala renamed बाकायदा इसके लिए एक कार्यक्रम रखा गया। जिसमें हरिद्वार, उधम सिंह नगर और देहरादून के कई लोग शामिल हुए। लेकिन राजधानी देहरादून के मियांवाला का नाम बदले जाने पर मियांवाला के लोग नाखुश हैं। लोगों का कहना है कि मियांवाला शब्द मियां से निकला है, जो एक राजपूत उपाधिक है और इसका मुस्लिम समुदाय से कोई ताल्लुक नहीं है। इसे मूल रूप से गढ़वाल राजा फतेह शाह के पोते प्रदीप शाह ने 1717 और 1772 के बीच अपने शासनकाल के दौरान गुरु राम राय को प्रदान किया था।

लोगों ने कहा, ‘मियांवाला ऐतिहासिक नाम और धरोहर है, जिससे की हमारे बड़े-बुजुर्ग और पूर्वजों का मान-सम्मान है, हमारी पहचान ही मियांवाला से है और रहेगी। परंतु कुछ राजनीति करने वालों ने हमारे मियांवाला का नाम बदलने की कोशिश की हैं और हमारे समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों ने अंत में डीएम से मांग की है कि हमारे क्षेत्र का नाम न बदला जाएं, उसे मियांवाला ही रहने दिया जाएं। इसी पक्ष को लेकर शनिवार को भी भाजपा नेता कुलदीप बुटोला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिले और नाम न बदलने की मांग की। जिस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया और अधिकारियों को नाम न बदलने के निर्देश दिए।