जी हां एक अंकिता केस में VIP को लेकर पूरे उत्तराखंड में उबाल दिखाई दे रह है, तो इधर सियासत भी काभी तेज होती जा रही है। एक तरफ विपक्षी पार्टीयों के साथ तमाम संगठन इस मामले में शोर मचा रहे हैं, कि इस मामले में जांच होनी चाहिए, तो वहीं प्रदेश की जनता भी ये सोच कर सड़क पर उतर रही है, कि उसकी आशंकाओं से पर्दा जल्द जल्द से उठे लेकिन एक और तस्वीर इस दौरान देखने को मिल रही है, कि जिन बीजेपी नेताओँ ने अँकिता केस में आवाज उठाई उनमें पार्टी प्रतिक्रिया नहीं दे रही है। या फिर उन से किनारा कर रही है ऐसा क्यों हो रहा है ये बताने की कोशिश इस रिपोर्ट के जरिए कर रहा हूं। जी हां दोस्तो अंकिता केस में उठी आवाज ने सियासी हलचल मचा दी है। बीजेपी ने साफ किया है कि कुछ नेताओं से उसका कोई लेना-देना नहीं, और कहा—“वे हमारी पार्टी की सदस्य नहीं हैं। लेकिन सवाल ये है, क्या पार्टी ने महिला नेता से किनारा कर लिया है? ये सवाल इसलिए क्योंकि अंकिता केस रविवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान खुद को भाजपा मंडल अध्यक्ष बताकर भाजपा और सरकार के विरोध में बयान देने वाली सोशल मीडिया पर वायरल महिला मधु नौटियाल को लेकर भाजपा ने सफाई दी है।
बीजेपी ने उन्हें भाजपा का सदस्य मानने से इनकार किया है, साथ ही इसे कांग्रेस का दुष्प्रचार भी बताया है। बीजेपी के वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि महिला भारतीय जनता पार्टी की सक्रिय सदस्य तक नहीं है, लेकिन उस महिला ने क्या कहा था वो देखिए। दरअसल दोस्तो बीते रविवार को राजधानी देहरादून में अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस विरोध प्रदर्शन में तमाम सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए थे। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक महिला ने अपना नाम मधु नौटियाल बताया और दावा किया था कि वो हरिद्वार से अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए राजधानी देहरादून पहुंची है। इतना ही नहीं महिला ने बताया था कि वो भाजपा की मंडल अध्यक्ष हैं, लेकिन अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिलने पर उन्होंने भाजपा से इस्तीफा देने का फैसला किया है. इतना ही नहीं महिला ने भाजपा सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो वायरल हुआ तो, चर्चा का विषय बन गया। तेजी से वायरल हो रहे वीडियो के बाद, भाजपा के पदाधिकारियों ने महिला को भाजपा से जुड़ा होने से इनकार कर दिया। दोस्तो इस बयान के बाद जहां बीजेपी अपने आप को और ज्यादा घिरती दिखाई दी तो पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने बताया कि महिला का भारतीय जनता पार्टी से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि जो महिला सोशल मीडिया पर भारतीय जनता पार्टी की मंडल अध्यक्ष के रूप में वायरल हो रही है वह भारतीय जनता पार्टी की सक्रिय सदस्य तक नहीं है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से विपक्षी पार्टी कांग्रेस द्वारा पूरा षड्यंत्र रचा जा रहा है और लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है तो यह भी षड्यंत्र का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को भाजपा से जोड़कर उसका वीडियो वायरल करवाया जा रहा है, लेकिन उत्तराखंड की जनता और भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता समझदार है वह समझ रहे हैं कि किस तरह से पार्टी को उसे समय नुकसान पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इधर इस पूरे मामले पर पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश बंसल का कहना है कि निश्चित तौर से इस मामले को जिस तरह से मैनिपुलेट किया जा रहा है निश्चित तौर से लोगों की भावनाएं इसके साथ जुड़ रही है। पार्टी के लोग भी बेहद संवेदनशील है और जन भावनाओं के साथ खुद को जोड़ते हुए देख रहे हैं, लेकिन जैसे ही यह षड्यंत्र और दुष्प्रचार का पर्दाफाश होगा निश्चित तौर से उनके अपने लोगों को भी समझ आएगा की पार्टी हमेशा सच और सही के साथ खड़ी होती है। अब दोस्तो कुछ कोई भी कहे सवाल तमाम है, और ये भी सच है कि अंकिता केस में जहां आम जन का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया, तो वहीं विपक्षी पार्टीयों ने बीजेपी को जमकर घेरा है और हां बीजेपी चाहे कुछ कह ले लेकिन बीजेपी के अंदर ही अंदर बहुत कुछ ऐसा चल रहा है जो अभी खुल कर बाहर नहीं आ पा रहा है। एक तरफ विकास के काम को लेकर बीजेपी के नेताओं का आपस में टकराव तो दूसरी तरफ अंकिता केस में न्याय को लेकर बीजेपी के कई नेताओँ ने पार्टी छोड़ी है कई लोगों ने इस मामले सीबीआई जांच की मांग की है।