उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फेरबदल! क्या खराब स्वास्थ्य सेवाओं के दबाव में डॉ. धन सिंह रावत से छिना जिम्मा? अब सवाल ये है कि नए मंत्री सुबोध उनियाल क्या करेंगे और क्या बदल पाएंगे हालात? आज हम आपको बताएंगे इस बड़े बदलाव की पूरी कहानी, जो सीधे जुड़ी है राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था से। Subodh Uniyal became Health Minister दोसतो हाल में धामी कैबिनेट ने कैबिनेट विस्तार किया, जिसके बाद मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया गया है. लेकिन दोस्तो इसमें चौकाने वाली बात ये है कि अब तक प्रदेश के स्वास्थ्य महकमें की कामन संभाल रहे मंत्री जी की छुट्टी कर दी गई। मै आपको आगे बाताउँ इस बड़े फेरबदल के के बारे में उससे इन खबरों पर जरा गौर कीजिए। हरबर्टपुर में एक निजी संस्था के अस्पताल में रविवार को एक महिला की मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को इसकी सूचना दी, लेकिन परिजनों को महिला की मौत की जानकारी नहीं दी। परिजन महिला के शव को लेकर अन्य अस्पतालों मे भटकते रहे। बाद में चौथे अस्पताल में महिला को मृत घोषित किया गया। अगस्त में हरिद्वार के बहादराबाद क्षेत्र में स्थित एक बड़े अस्पताल में दो गर्भवती महिलाओं की मौत हो गई।
इन घटनाओं से वहां हड़कंप मच गया, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दो गर्भवती महिलाएं डिलीवरी के लिए हॉस्पिटल में एडमिट हुई थीं। डिलीवरी के दौरान दोनों गर्भवती महिलाओं की मौत हो गई, दोनों के बच्चे सुरक्षित हैं। परिवार वालों का रो रो कर बुरा हाल है, पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए हैं। अस्पताल को सील कर दिया गया है। पिथौरागढ़: सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के सड़क सुविधा से वंचित धारचूला के कनार गांव में प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती को डोली से 16 किलोमीटर दूर बरम पहुंचाया। खराब मौसम में उबड़-खाबड़ रास्ते से यह दूरी तय करने में युवाओं को पांच घंटे से अधिक का समय लग गया। जी हां दोस्तो कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत से स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी वापस ली गई है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को नया स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है। जारी सूची के अनुसार मुख्यमंत्री सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण तथा सूचना एवं जनसंपर्क जैसे प्रमुख विभाग स्वयं देखेंगे। इन विभागों को शासन संचालन की रीढ़ माना जाता है। जिनके माध्यम से प्रशासनिक फैसलों और कानून-व्यवस्था पर सीधा नियंत्रण सुनिश्चित किया जाता है। सुबोध उनियाल को भी स्वास्थ्य विभाग दिया गया है। दोस्तो सुबोध उनियाल धामी सरकार के कद्दावर नेताओं में से एक हैं। वे अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। सुबोध उनियाल के पास अभी वन विभाग है। इसके साथ ही सुबोध उनियाल के पास निर्वाचन, विधायी एवं संसदीय कार्य की जिम्मेदारी भी है।
सुबोध उनियाल ने यूपी से अपनी राजनीति की शुरुआत की। वे इलाहबाद विवि में थे सुबोध उनियाल की राजनीति की आधिकारिक शुरुआत कांग्रेस से हुई। साल 2002 में सुबोध उनियाल ने पहली बार कांग्रेस के टिकट पर नरेंद्रनगर विधानसभा से चुनाव लड़ा, जिसमें उन्होंने जीत हासिल की। दोस्तो सुबोध उनियाल 2016 में कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी में शामिल हुये। इसके बाद 2017 में उन्होंने नरेंद्रनगर से फिर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद वे त्रिवेंद्र सरकार में पहली बार मंत्री बने, तब सुबोध उनियाल के पास कृषि,वृक्षारोपण और बागवानी, रेशम का विकास विभाग थे। इसके बाद साल 2022 में भी सुबोध उनियाल नरेंद्र नगर से ही चुनाव लड़े. यहां से जीतकर वे धामी सरकार में मंत्री बने। यहां उन्हें वन विभाग की जिम्मेदारी दी गई। अब धामी कैबिनेट विस्तार में सुबोध उनियाल को स्वास्थ्य विभाग की भी जिम्मेदारी दी गई है। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से नौ साल बाद स्वास्थ्य महकमा हटाया गया। अब उनके पास विद्यालयी शिक्षा, उच्च ,तकनीकी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा के साथ सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी रहेगी।त्रिवेंद्र सरकार में 2017 से डॉ. धन सिंह रावत के पास शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी थी। “तो दोस्तों, ये था उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फेरबदल। नौ साल तक स्वास्थ्य विभाग संभालने वाले डॉ. धन सिंह रावत अब शिक्षा और सहकारिता जैसे विभागों पर फोकस करेंगे, जबकि सुबोध उनियाल अब स्वास्थ्य मंत्री बनकर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की जिम्मेदारी संभालेंगे। आगे देखना होगा कि नए मंत्री हालात को कैसे बदलते हैं और जनता को बेहतर सेवाएं मिलती हैं।