‘मुस्लिमों को छोड़ सब हिंदू हैं…’ Hemant Dwivedi| Kedarnath | BKTC |Cm Dhami |Uttarakhand News

Spread the love

उत्तराखंड के चार धामों में बड़ा बदलाव! बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में अब सिर्फ हिंदू श्रद्धालुओं को ही प्रवेश मिलेगा। इस फैसले ने BKTC को विवादों के घेरे में ला दिया है, अब ये कहा जा रहा है कि मंदिर समिति की ओर से कहा गया है—‘मुस्लिमों को छोड़कर सभी हिंदू हैं’ सभी सनातनी हैं। इस बयान ने जहां धर्म और परंपरा पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाओं की बौछार हो रही है।मै आपको अपनी इस रिपोर्ट के जरिए विवाद के हर पहलू से रूबरू करने के लिए आया हूं। दोस्तो अभी कुछ दिन पहले मेने एक रिपोर्ट आप तक पहुंचाई थी कि अब उत्तराखंड के देवस्थलों में विपक्ष के नेताओं के साथ ही बीजेपी के कई कई केंद्रीय मंत्रीयों की एंट्री पर भी बैन लग गया या लगा दिया गया और अब वो मंत्री जो गैर हिंदू हैं वो उत्तराखंड के मंदिरों में प्रवेश पाएंगे। वो मैने नहीं इस लिए कहा था क्योंकि बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस बात का जिक्र किया था कि इस नियम को लागू किया जाएगा। इस पर कई तरफ के सवालों के बीच फैसले का समर्थन चारों तरफ होता दिखाई दिया लेकिन विवाद क्या है तब और बयान में क्या फर्क है वो बताने जा रहा हूं क्या ये संभव है कितना संभव है।

दोस्तो शुरूआत पूराने वाले बयान से कर रहा हूं। जो भी सनातन धर्म को मानने वाले हैं, जो अनुयायी हैं, जो धर्म जो सनातन धर्म पर विश्वास रखते हैं, अपने धार्मिक स्थलों पर अपना विश्वास रखते हैं, भगवान पर आस्था रखते हैं, उन सबका स्वागत है और जो इन सनातन धर्मों को पालन और परंपराओं का पालन नहीं करते, उनके लिए यह प्रतिबंधित है,, ये कहा था हेमंत द्विवेदी ने बद्रीनाथ केदारनाथ में ग़ैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित करने की घोषणा के बाद बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आज अपने बयान को रिफ़ाइंड किया। उन्होंने कहा, सिक्ख, बौद्ध और जैन धर्म भी हिंदू धर्म ही है, ऐसा संविधान में लिखा है। अगर ऐसा है तो फिर काहे इतना रायता फैलाया द्विवेदी जी ? कल ही कह देते कि निशाने पर मुसलमान है। और जिन धर्मों को आप हिंदू धर्म कह रहे हो, ये बात आपको उनके धर्मावलंबियों से कहलवानी चाहिए, तभी प्रासंगिकता होगी। एक और बात, कोरोना के बाद से चार धाम यात्रा में आने वालों का पंजीकरण होता है, सारा डाटा पर्यटन के पास है, पता करके बताइयेगा कि पाँच सालों में कितने मुसलमान चारों धामों के मंदिरों में आए। यदि नहीं तो वैसे भी अब आप ख़ुद ही कह रहे है कि जो भी सनातन को मानता है उसका स्वागत है। लेकिन आपको मानना पड़ेगा, मीडिया में सुर्खियां बटोरने के मामले में आपने इस प्रकरण में सीएम धामी को पीछे छोड़ दिया है, हर टीवी स्क्रीन पर आप ही आप है हुजूर !

चारधाम मंदिरों में गैर हिन्दुओं के प्रवेश पर रोक लगाए जाने को लेकर तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी ने किया समर्थनृ। उत्तरकाशी: श्री गंगोत्री मंदिर समिति ने गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला किया है। समिति के चेयरमैन सुरेश सेमवाल ने घोषणा की कि गैर-हिंदुओं को तीर्थ स्थल में प्रवेश करने से रोका जाएगा। सेमवाल ने बताया कि यह पाबंदी देवता के शीतकालीन निवास मुखबा पर भी लागू होगी। मंदिर समिति यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी गैर-हिंदू मंदिर परिसर या गंगा घाट में प्रवेश न करे। उत्तराखंड में हिमालय की गोद में बसे सदियों पुराने बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में अब सिर्फ हिंदुओं को ही एंट्री मिलेगी। इन मंदिरों का मैनेजमेंट करने वाली मंदिर समिति ने घोषणा की है कि चार धाम यात्रा सर्किट का हिस्सा इन दोनों मंदिरों में गैर-हिंदुओं को एंट्री नहीं मिलेगी। दोस्तों, बद्रीनाथ और केदारनाथ में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर लगाई गई रोक ने धर्म और परंपरा को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। BKTC और मंदिर समितियों के बयान इस मामले को और संवेदनशील बना रहे हैं।..हालांकि, प्रशासन का कहना है कि व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। जैसे ही इस फैसले के नए पहलू सामने आएंगे, हम आपको तुरंत अपडेट देंगे। फिलहाल, यह विवाद चार धाम यात्रा के माहौल में सस्पेंस और चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है।