पूर्व मंत्री ने खोली गैस की Black Market की पोल | Harak Singh rawat | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो मेरा एक सवाल है कि अपने उत्तराखंड में गैर की कालाबाजारी हो रही है। नहीं हो रही है तो फिर इतनी हाइतोबा क्यों है लोगों को विश्वास क्यों नहीं हो रहा है कि प्रदेश की राजधानी दून में स्थिति कंट्रोल में है ये मै इसलिए कह रहा हूं क्योंकि एक तरफ सरकार प्रशासन। गैस की कालाबाजारी और होम डिलीवरी के लिए बनी QRT टीम दूसरी तरफ नियमों की अवहेलना पर एजेंसी स्वामी पर केस दर्ज होने तक की खबर आ रही है लेकिन उस सब से इतर क्योंकि एक पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कह दिया कि ब्लैक में खरीदा गैस सिलेंडर और ये बता दिया कि कितने में खरीदा। दोस्तो पूरे देश में गैर नहीं मिल रही है। इस बात को लेकर बहुत परेशान दिखाई दे रहे हैं। अलग अलग आ रही तस्वीरें ये बता रही हैं कि हां कुछ तो गड़बड़ है लेकिन बात अगर उत्तराखंड की करूं तो देहरादून में एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने और शत प्रतिशत होम डिलीवरी करवाने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल ने जिले में क्षेत्रवार क्यूआरटी टीम गठित की। क्यूआरटी टीम क्षेत्रवार गैस एजेंसियों के निरीक्षण करते हुए एलपीजी गैस की मांग, आपूर्ति आदि सभी गतिविधियों देखी जा रही हैं। जिलाधिकारी जिलें में गैस आपूर्ति/वितरण बैकलॉक की खुद मॉनिटरिंग करेंगे। जिला प्रशासन के आदेशों की नाफरमानी पर शहीद हीरा गैस एजेंसी शिमला बाईपास रोड के सिलेंडर जिला प्रशासन ने जब्त कर लिए और गैस एजेंसी स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है, लेकिन उसके बाद एक अलग तरह का माहौल है वो समाजिक भी है और सियासी भी सियासी मै इस लिए कह रहा हूं क्योंकि प्रदेश में पूर्व कैबिनेट मंत्री ने मौजूद गैस सिलेंडर किल्लत पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कह दिया कि राज्य में कैबिनेट मंत्री रहने के बावजूद शनिवार को उन्हें खुद अपने घर के लिए ब्लैक में सिलेंडर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसकी 1800 सौ रुपए कीमत चुकाई पड़ी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी हो रही है। इसी बहाने उन्होंने सरकार पर जमकर हमला बोला। कैसे खरीदा बल गैस सिलेंडर तो दोस्तो क्या सच में हरक सिंह रावत ने भी ब्लैक में गैस खरीदी होगी या फिर ये सियासी घेराव का तरीका है आप बताना क्या लगता है। लेकिन इस दौरान हरक सिंह रावत ने गैस की किल्लत पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार इस समय पूरी तरह से फेल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वह गढ़वाल यूनिवर्सिटी में डिफेंस के प्रोफेसर रहे हैं, प्रोफेसर रहते हुए उन्होंने एमए प्रीवियस के स्टूडेंट्स को अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बारे में पढ़ाया है। आजादी के समय देश के बड़े बुरे हालात थे, उस समय देश के हालातों को सुधारने के लिए पूंजीवादी व्यवस्था, जिसका नेतृत्व अमेरिका कर रहा था और समाजवादी व्यवस्था हुआ करती थी, जिसका नेतृत्व रूस कर रहा था। उस समय के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के सामने धर्म संकट खड़ा हो गया कि अगर हम पूंजीवादी व्यवस्था के साथ खड़े होते हैं तो साम्यवादी व्यवस्था के राष्ट्र हमारा सहयोग नहीं करेंगे, जबकि हमको सबके सहयोग की अपेक्षा रही थी। दोस्तो वो कहते हैं कि देश और प्रदेश में गैस और ईंधन पर संकट की उत्पन्न हो गई है विशेष कर एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति अवरुद्ध होने से कई रेस्टोरेंट, होटलों का कारोबार चौपट हो गया है, नौबत यह आ गई है कि होटल, रेस्टोरेंट, बड़े-बड़े प्रतिष्ठानों को चूल्हा जलाकर खाना बनाना पड़ रहा है। इससे हालात और भी खराब हो गए हैं। कई ऐसे रेस्टोरेंट और होटल हैं, जहां लकड़ी से चूल्हे जलाने की व्यवस्था नहीं है। हरक सिंह रावत का कहना है कि 2 दिन पूर्व उन्होंने देहरादून के जिला पूर्ति अधिकारी को दो घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने को कहा, लेकिन उनका जवाब आया कि पूरी तरह से गैस सिलेंडर प्रतिबंधित किए गए हैं, इसलिए हम आपको सिलेंडर नहीं दे सकते हैं। सरकार कोई भी बयान दे रही हो, मगर सच्चाई यह है कि गैस सिलेंडर ब्लैक में बिक रहे हैं लेकिन सवाल गैस को लेकर लोगों की रसोई का है।

शायद दोस्तो प्रदेश में गैस की कोई भी कमी नहीं हो लेकिन कमिशनखोरी को लेकर कई तरह की खबर सामने आ रही है। दोस्तो ये तसवीर हरिद्वार की है जहां गैस की किल्लत के बीच ‘पुष्पक गैस एजेंसी’ के डिलीवरी बॉयज का बड़ा खेल सामने आ रहा है। दोस्तो प्रशासन की सख्ती के बावजूद भीमगोड़ा (खेमानंद मार्ग) की गलियों में खुलेआम गैस चोरी और रिफिलिंग का धंधा चल रहा है। एक तरफ आम जनता सिलेंडर के लिए लाइनों में धक्के खा रही है, वहीं दूसरी ओर डिलीवरी कर्मी सिलेंडरों से गैस निकालकर ग्राहकों को चूना लगा रहे हैं। सरेआम हो रही इस लूट ने सुरक्षा और व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं और उन दावों को भी सवालों के घेरे में ला ही दिया कि प्रदेश में सब चंगा छू तो फिर हो सकता है। हरक सिंह रावत यानि पूर्व कैबिनेट मंत्री क्या मौजूदा मंत्री कहीं ब्लैक में नहीं खरीद रहे हों अब ओ ऐसे बताएंगे थोड़े। लेकिन आप क्या कहेंगे इस खबर को लेकर जरूर बताएंगा।