दोस्तो एक तो आप घूमने के लिए देवभमि आ रहे हैं आप घूमये किसी ने कभी आपको रोका नहीं होगा, लेकिन देवभूमि की एक हैरान करने वाली तस्वीर को तो ये ही लगता है कि उलटा चोर कोतवाल को डांटे क्यों? हरियाणा के कुछ पर्यटकों ने सड़क पर कूड़ा फेंक दिया, और जब स्थानीय नागरिक ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो हंगामा हो गया मामला इतना बिगड़ गया। की मारपीट तक उतारू हो गई पर्यटक महिला ये कितना सही है। पूरी खबर बताउंगा आपको और दिखाउंगा वो तस्वीर भी जिसने कर दिया अपनी देवभूमि में दंगल। दोस्तो सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा अपनी पहचान और स्वच्छ छवि को बनाए रखने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है लेकिन वहीं कुछ बाहरी पर्यटकों की गैर-जिम्मेदाराना हरकतें शहर की गरिमा को ठेस पहुंचा रही हैं ताजा मामला अल्मोड़ा शहर के मॉल रोड क्षेत्र का है। जहां पर्यटकों द्वारा सड़क पर कूड़ा फेंकने और मना करने पर स्थानीय लोगों से मारपीट और अभद्रता करने का मामला सामने आया है। दोस्तो अल्मोड़ा जीजीआईसी तिराहे के पास एक नीले-काले रंग के वाहन (हरियाणा नंबर) में सवार तीन लोग पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वाहन में बैठे लोगों ने चलते वाहन से ही सड़क पर कूड़ा फेंक दिया। यह देख आसपास मौजूद स्थानीय नागरिकों ने उन्हें विनम्रता से ऐसा न करने और कूड़ा डस्टबिन में डालने की अपील की. लेकिन बात यहीं शांत नहीं हुई। दोस्तो बताया ये जा रहा है कि वाहन में सवार दो महिलाएं गाड़ी से उतरकर उल्टा स्थानीय लोगों से ही उलझने लगीं।
आरोप है कि महिलाओं ने एक युवक के साथ धक्का-मुक्की की और मारने तक पर उतारू हो गईं। इतना ही नहीं, उन्होंने खुद को पुलिस विभाग से जुड़ा बताकर लोगों को डराने की कोशिश भी की। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन महिलाएं लगातार आक्रामक रुख अपनाए रहीं। स्थिति बिगड़ती देख वाहन चला रहा युवक किसी तरह दोनों महिलाओं को वापस कार में बैठाकर वहां से निकल गया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। लेकिन दोस्तो एक स्थानीय नागरिक, हेम पांडे, ने सड़क पर कचरा फेंकने से लोगों को रोकने की कोशिश की। वहीं पास ही कूड़ेदान रखा था उनकी बस एक साधारण सी रिक्वेस्ट थी: कृपया कचरा कूड़ेदान में डालें, लेकिन लोग नहीं माने और स्थिति बढ़ गई। इसके बाद एक शारीरिक झड़प हुई, जिसमें दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल थे। वीडियो में दिख रहा वाहन हरियाणा (HR) नंबर से पंजीकृत है। दोस्तो यह कोई आम झगड़ा नहीं था, बल्कि यह मूलभूत नागरिक जिम्मेदारी का मामला था। जब कोई पहाड़ी शहर को साफ रखने की कोशिश करता है और उसे आक्रामकता का सामना करना पड़ता है, तो यह बड़े सवाल खड़े करता है—हमारे स्थान, लोगों और जिम्मेदारी के प्रति सम्मान के बारे में, लेकिन तस्वीर तो कुछ और थी। ये वीडियो शब्दों से कहीं अधिक कुछ कह जाता है। दोस्तो हम अक्सर सिस्टम को दोष देते हैं।
सरकार को, स्थानीय लोगों को, पर्यटकों को, भीड़ को लेकिन सबसे सच्चाई यह है: हमारी नागरिक जिम्मेदारी फेल हो रही है गुटखा के दाग़ सार्वजनिक दीवारों पर जैसे किसी का नहीं..प्लास्टिक की रैपर सड़क और पहाड़ी मोड़ों पर फेंक दी जाती हैं। दोस्तो “मज़े” के बाद शराब की बोतलें वहीं छोड़ दी जाती हैं। सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान, शराब पीना, और फिर हैरान होना कि जगहें गंदी, असुरक्षित और अपमानजनक क्यों लगती हैं। दो इसलिए भी है कि क्योंकि पहाड़ों में अनंत सफाई कर्मचारी नहीं हैं। कई शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन तक नहीं है ऐसे स्थानों में एक व्यक्ति की लापरवाही सबकी समस्या बन जाती है जो एक बोतल लगती है, वह ढेर बन जाती है जो एक दाग़ लगता है, वह आदत बन जाता है। वैसे दोस्तो जो लोग ये लड़ने भिड़ने के लिए आतुर हैं वो यदि आप फोन लेकर दृश्य रिकॉर्ड कर सकते हैं, तो आप अपने कचरे को भी वापस ले जा सकते हैं। यदि आप यात्रा की योजना बना सकते हैं, तो अपनी जिम्मेदारी की योजना भी बना सकते हैं। दोस्तो यह नियमों का सवाल नहीं है। यह सम्मान का सवाल है। दोस्तो नागरिकों का कहना है कि अल्मोड़ा जैसे शांत और सांस्कृतिक शहर में इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों ने पुलिस और जिला प्रशासन से मांग की है कि वाहन की पहचान कर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और ऐसे पर्यटकों का चालान किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी शहर की स्वच्छता और सामाजिक शांति से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।
दोस्तों, अल्मोड़ा मॉल रोड की यह घटना केवल सड़क पर कचरा फेंकने या झगड़े का मामला नहीं है। यह हमारे पहाड़ी शहरों में नागरिक जिम्मेदारी, स्वच्छता और सामाजिक सम्मान की परीक्षा है। जब एक आम नागरिक हेम पांडे जैसे लोग शहर को साफ रखने की कोशिश करते हैं और उन्हें प्रतिरोध और हिंसा का सामना करना पड़ता है, तो सवाल उठता है—क्या हम अपने शहर और सांस्कृतिक विरासत का सही सम्मान कर रहे हैं? स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन तुरंत कार्रवाई करे, ताकि अल्मोड़ा जैसी सांस्कृतिक नगरी में स्वच्छता और शांति पर कोई भी हाथ नहीं डाल सके। याद रखिए, साफ-सुथरा शहर कोई चमत्कार नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी और सम्मान की दैनिक जीत है। दोस्तों, वीडियो को अंत तक देखकर आप खुद महसूस कर पाएंगे कि हमारी छोटी-छोटी जिम्मेदारियां कैसे बड़े अंतर ला सकती हैं।