उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश, हरिद्वार में टूटा बैराज का फाटक..खतरे के निशान के नजदीक पहुंचा जलस्तर

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हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज का गेट नंबर 10 बीती शाम अचानक शाम को टूट गया। फाटक के टूटने से वहां खड़े लोगों में हड़कंप मच गया। उन्होंने भागकर इसकी सूचना भीमगौड़ा बैराज के कंट्रोल रूम को दी। जिसके बाद वहां मौजूद कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर फाटक को देखकर अपने अधिकारियों को अवगत करवाया। फाटक टूटने की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। वे तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके का मुआयना किया। बता दें श्रीनगर डैम से पानी छोड़े जाने के चलते गंगा का जलस्तर 292.95 मीटर पर पहुंच गया है। यहां  293 मीटर चेतावनी का लेवल है,  जबकि खतरे का निशान 294 मीटर है। उत्तर प्रदेश सरकार के सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर ने इस बात की जानकारी दी है। बता दें भीमगौड़ा बैराज हरिद्वार में स्थित है, इसका प्रबंधन यूपी सरकार द्वारा किया जाता है।

बारिश के सीजन में अक्सर गंगा नदी उफान पर रहती है। ऐसे में यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहा है। हालांकि विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि बैराज का ये क्षतिग्रस्त गेट पहले से ही बदले जाने की प्लानिंग थी और इसके टूट जाने से किसी भी तरह का कोई खतरा नहीं है। आपको बता दें कि गंगा का जलस्तर बढ़ने और बैराज का गेट टूटने के बाद तटीय क्षेत्रों में लोगों को सावधान रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने हरिद्वार में गंगा किनारे के घाटों में स्थित ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू कर दिया है और चेतावनी भी जारी कर दी है, ताकि कोई भी घाटों के किनारे ना जाए। बीते कई दिनों से पहाड़ों में मूसलाधार बारिश हो रही है। इसकी वजह से गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और राज्य के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है।