केदारघाटी में भारी टकराव! भक्त- प्रशासन! FRI|Uttarakhand News | Uttarakhand News Rudraprayag |

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केदारघाटी में आज दिखा जबरदस्त टकराव! भक्तों और प्रशासन के बीच विवाद इतना बढ़ा कि 50 से अधिक लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। युवा DM प्रतीक जैन ने सख्ती दिखाई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कानून को हाथ में न लेने दिया जाए। अब देखना यह है कि इस विवादित स्थिति में क्या समाधान निकलता है और कैसे शांत होगा माहौल, जब श्रद्धालु और प्रशासन आमने-सामने हैं। दोस्तो केदारघाटी के अगस्त्यमुनि मैदान में इतिहास का नज़ारा देखने को मिला। 15 साल बाद दिवारा यात्रा के लिए आई अगस्त्यमुनि महाराज की डोली, भक्तों के आक्रोश और मेहनत के बाद खेल मैदान में प्रवेश कर पाई। लेकिन इसके लिए श्रद्धालुओं को गोल गेट तोड़ने में घंटों मेहनत करनी पड़ी। इस दौरान हाईवे पर लंबा जाम लगा और प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गईं। अब सवाल यह है – क्या इस घटना से स्टेडियम निर्माण को लेकर विवाद और तेज होगा, और प्रशासन कैसे संभालेगा स्थिति? दोस्तो अगस्त्यमुनि महाराज की डोली ने हजारों भक्तों के साथ अगस्त्यमुनि मैदान में प्रवेश कर लिया है. इससे पहले आक्रोशित भक्तों ने गोल गेट को तोड़ दिया. इस गेट को तोड़ने में भक्तों को करीब साढ़े तीन घंटे का समय लग गया। इस दौरान आक्रोशित भीड़ की पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई। वहीं, गेट तोड़ने और माहौल खराब करने के मामले में 52 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

दोस्तो यहां मै आपको बता दूं कि केदारघाटी के अगस्त्यमुनि में प्रसिद्ध अगस्त्य मंदिर में मुनि महाराज विराजते हैं। यहां अगस्त्य या अगस्तमुनि महाराज के नाम पर खेल मैदान है। जहां पर प्रशासन की ओर से स्टेडियम निर्माण करवाया जा रहा है, लेकिन ग्रामीण नहीं चाहते कि इस स्थान पर स्टेडियम का निर्माण किया जाए। दोस्तो ग्रामीणों का कहना है कि ये खेल मैदान मुनि महाराज का है, जहां पर बच्चों को खेलने कूदने में आसानी होती है। अगर यहां स्टेडियम का निर्माण किया जाता है तो यहां के लोगों को बाहरी लोगों के हाथों की कठपुतली बनना पड़ेगा। ऐसे में स्टेडियम निर्माण के विरोध में बीते एक महीने से खेल मैदान में मुनि महाराज की गद्दीस्थल के पास ग्रामीण धरने पर बैठे हुए हैं। वैसे दोस्तो ग्रामीणों ने इस बार 15 साल बाद अगस्त्यमुनि महाराज की डोली दिवारा यात्रा का आयोजन किया है, जिसके तहत मकर संक्रांति के पर्व पर अगस्त्य मंदिर से मुनि महाराज की डोली को खेल मैदान मेंं स्थित गद्दीस्थल पर जाना था, लेकिन खेल मैदान का गेट गोल आकार का होने के चलते डोली अंदर को प्रवेश नहीं कर पाई.ऐसे में ग्रामीणों ने मकर संक्रांति पर्व पर यानी 14 जनवरी को करीब पांच घंटे तक केदारनाथ हाईवे पर गोल गेट को तोड़े जाने की मांग की, लेकिन गेट नहीं तोड़े जाने पर डोली वापस मंदिर को लौटी। इस दौरान केदारनाथ हाईवे पर जाम लग गया था। जिसमें वाहन घंटों तक फंसे रहे. जिससे यात्रियों से लेकर अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, गुरुवार यानी 15 जनवरी की सुबह करीब 11 बजे डोली ने दोबारे अगस्त्यमुनि खेल मैदान में अपने गद्दीस्थल के लिए प्रस्थान किया. रास्ते में गोल गेट टूटा न मिलने पर मुनि महाराज के सेवक और श्रद्धालु आक्रोशित हो गए। मेन गेट तोड़ने को लेकर सवा 12 बजे के आसपास लोगों ने प्रयास शुरू किया। लगातार कई घंटे तक प्रयास के बाद करीब शाम चार बजे श्रद्धालु गेट तोड़ने में सफल रहे। डीएम प्रतीक जैन ने अगस्त्यमुनि महाराज की देवरा यात्रा के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान, प्रशासनिक अधिकारियों से अभद्र व्यवहार और राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करने के साथ ही कुछ ‘रिपेटिटिव ऑफेंडर्स’ के खिलाफ गुंडा एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। जिस पर अब त्रिभुवन चौहान, अनिल बैजवाल, राजेश बैजवाल समेत 52 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 127, धारा 191(2), धारा 61, धारा 285 के साथ लोक संपत्ति को नुकसानी का निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। केदारघाटी में अगस्त्यमुनि महाराज की डोली ने आखिरकार खेल मैदान में प्रवेश कर लिया, लेकिन यह यात्रा विवाद और आक्रोश के बिना पूरी नहीं हुई। गोल गेट तोड़ने के बाद श्रद्धालुओं और प्रशासन के बीच टकराव देखने को मिला, और 52 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब स्थानीय और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच स्थिति पर नज़र बनी हुई है, ताकि आगे किसी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।