जी हां दोस्तो देवभूमि में शराब पर पूछा एक सवाल तो हो गया भारी बवाल, बहस से लेकर धक्का मुक्की तक पहुंची बात। आबकारी अफसर ने ही बीच बाजार पूर्व प्रधान के सवाल से बौखलाहट में उड़ाई नियम कायदों की धतज्जियां सरकार की किरकीरकी करनाने में नहीं छोड़ी को कोई कसर फिर पुलिस को संभालना पड़ा मोर्चा। बताउंगा आपोक पूरी खबर कि कैसे देवप्रयाग में बवाल तनाव की वजह बन गया शराब का सरकारी ठेका। दोस्तो अपने उत्तराखंड में शराब खूब चर्चा में रहती है, अभी कुछ महिने पहले पहाड़ से ऐसी कई खबरें आई की शादी व्याह में शराब नहीं परोसी जाएगी जुर्माना भी लगेगा। इधर कुछ दिन पहले ही सपन्न हुए गैरसैंण के भराड़ीसैंण में हुए बजट सत्र में कौन कौन नेता शराब पीता है ये चर्चा चल पड़ी थी, लेकिन दोस्तो अब जो खबर है वो ये कि देवस्थल दवप्रयाग में एक शराब का ठेका और उस पर हुए एक सवाल ने भारी बवाल कर दिया। वो सवाल क्या था वो ये कि क्या ये शराब का ठेका वैध है। उसके बाद की तस्वीर कुछ ये थी। जी हां दोस्तो देवप्रयाग में चल रहें शराब के ठेके कों हटाने के लिए धरना प्रदर्शन में पूर्व प्रधान पर आबकारी विभाग टिहरी गढ़वाल के अधिकारी के पी सिंह की गुंडागर्दी की तस्वीर है ये पूर्व प्रधान के साथ की गई मारपीट करने की कोशिश, जो की बहुत ही शर्मनाक हैं। दोस्तो देवप्रयाग क्षेत्र में शराब के ठेके को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन उस वक्त अचानक गरमा गया, जब कथित तौर आबकारी अधिकारियों और पूर्व ग्राम प्रधान के बीच बहस हो गई. इस घटना के बाद मौके पर माहौल गरमा गया। स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच गहमागहमी भी देखने को मिली। जिससे मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा किसी तरह से मामला शांत हुआ।
दोस्तो जानकारी के मुताबिक, पूर्व ग्राम प्रधान नेत्र सिंह ने आबकारी अधिकारियों से संबंधित शराब के ठेके की वैधता और उसके दस्तावेजों के बारे में जानकारी मांगी. तभी मामला गरमा गया।दोस्तो आरोप है कि धक्का मुक्की भी हुई, ये भी आरोप है कि पूर्व प्रधान के साथ बदसलूकी की गई. साथ ही उन्हें जबरन धक्का देकर वहां से हटाने का प्रयास किया गया जैसा कि ये वीडियो भी बताता है। दोस्तो इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और प्रदर्शनकारी आक्रोशित दिखाई दिए हैं। ग्रामीणों का कहना था कि एक जनप्रतिनिधि के साथ सार्वजनिक रूप से इस तरह का दुर्व्यवहार अपमानजनक है। साथ ही लोकतांत्रिक मूल्यों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने जैसा है. घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने सरकार से उच्च स्तरीय जांच और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता ने भी अब मोर्चा खोलना शुरू कर दिया है वैसे दोस्तो जहां पर गंगा बनती है, जिस मां गंगा को पूरा भारत पूजता है, उससे एक किलोमीटर पहले शराब ठेका एक दाग है। इस दाग को मिटाने के लिए आम जनता खड़ी हुई है. संगम क्षेत्र होने की वजह से यहां दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं. ऐसे में इससे गलत संदेश जाएगा कि जहां पर गंगा बनती है, वहां पर ठेका है, शराब का ठेका साथ ही दोस्तो स्थानीय लोगों का ये कहना कि तीर्थ स्थलों पर ठेका नहीं है तो यहां पर ठेका क्यों है।
इससे साफ होता है कि देवप्रयाग को तीर्थ स्थल नहीं माना जा रहा है। जहां पर रघुनाथ जी का मंदिर है, जहां पर गंगा उत्पन्न हो रही है और उस एरिया में शराब का ठेका खोलना गलत है जनता इस ठेके को शिफ्ट करने की मांग कर रही है, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। हिंदुओं के पावन तीर्थस्थल देवप्रयाग में शराब की दुकान खुलने का कड़ा विरोध! जिला पंचायत सदस्य पुष्पा रावत ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने साफ कर दिया है कि पवित्र स्थल की मर्यादा के साथ कोई समझौता नहीं होगा। दोस्तो बताया जा रहा है कि इस ठेके का वार्षिक रिन्यूअल होना है। ऐसे में उससे पहले शराब के ठेके का विरोध हो रहा है। इसी के तहत पूर्व ग्राम प्रधान नेत्र सिंह ठेके की वैधता और कागजात की जानकारी लेने पहुंच गए। जहां कथित तौर पर बहसबाजी हो गई. वहीं, बहसबाजी का वीडियो भी सामने आया है और अब इस पूरे मामले पर खूब सियासी शोर होने लगा है। दोस्तों, देवभूमि उत्तराखंड के पावन तीर्थस्थल देवप्रयाग में शराब का ठेका विवाद का केंद्र बन गया है। पूर्व ग्राम प्रधान नेत्र सिंह और जिला पंचायत सदस्य पुष्पा रावत द्वारा उठाए गए सवालों ने स्थानीय प्रशासन और आबकारी विभाग पर नाराजगी की लहर पैदा कर दी। स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता जोर देकर कह रहे हैं कि पवित्र स्थल की मर्यादा के साथ समझौता नहीं होना चाहिए और शराब ठेका इस क्षेत्र के तीर्थ स्वरूप के खिलाफ है। अभी मामला केवल विरोध और बहस तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सरकार और अधिकारियों पर उच्चस्तरीय कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है नदेवप्रयाग जैसे पावन स्थल पर ऐसे ठेके विवाद का कारण बनते हैं, और जनता की प्रतिक्रिया साफ कर देती है कि तीर्थस्थलों की पवित्रता हर हाल में संरक्षित होनी चाहिए।