उत्तराखंड के जोशीमठ में आई आपदा ने प्रकृति के उस रूप को दर्शाने का काम किया है, जो निश्चित तौर पर मानव की गलतियों का नतीजा कहा जा सकता है। लेकिन इस आपदा की वजह से न सिर्फ वहां के रहने वाले बल्कि देशभर के लोगों को तकलीफ में डाल दिया है। वहां के लोगों को घर छोड़कर जाने से लेकर लोगों के सामने खाने पीने तक की परेशानियां ने न सिर्फ बड़ो बल्कि बच्चों को भी झकझोर दिया है। इस आपदा ने यहां के लोगों की चैन की नींद उड़ा दी है अनगिनत परेशानियों ने न सिर्फ बड़ो को बल्कि बच्चों को भी बेवक्त रुला दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ऐसी ही कुछ तस्वीरों ने काशी के एक 10 साल के मासूम को इतना विचलित कर दिया कि खुद को रोक नही पाया और मानव की गलतियों के आगे मानवता की मिसाल बन कर पूरी मानव जाति से जोशीमठ के लोगों के मदद के लिए गुहार लगाई है। जोशीमठ के लोगों के लिए तोड़ दी अपनी जमा-पूंजी की गुल्लक
दरअसल, वाराणसी के शिवांश शर्मा एक धार्मिक और व्यवसायिक परिवार से जुड़े हैं। वाराणसी के एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में कक्षा चार में पढ़ने वाला शिवांश 2 दिन पहले अपने पिता अजय शर्मा के मोबाइल में ज्योतिष मठ में आई आपदा के वीडियो देख रहा था। यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार सामने आ रहे दर्दनाक वीडियो से इतना विचलित हुआ कि उसने अपनी गुल्लक तोड़ने लगा। पिता अजय शर्मा का कहना है कि बेटे को गुल्लक तोड़ता देख कर हम सभी ने उससे पूछा कि गुल्लक क्यों तोड़ रहे हो जिस पर उसने पैसे गिनते हुए जवाब दिया कि ज्योतिर मठ में आई आपदा और वहां पर रह रहे संत और अन्य लोगों को खाने पीने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। इसलिए मैं यह धनराशि उन लोगों की मदद के लिए भेजूंगा। अपने बेटे की इस सोच से प्रभावित पिता भी खुद को रोक नही पाए और उसकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया।