जोशीमठ प्रकरण पर अभी तक बयानों के जरिये भाजपा सरकार को घेरने में जुटी कांग्रेस अब पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की अपील के बाद सक्रिय नजर आ रही है। इस कड़ी में सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा जोशीमठ पहुंच गए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के साथ ही प्रभावितों से बातचीत भी की। हरीश रावत ने कहा कि आज जोशीमठ धंस रहा है। प्रशासन ने 609 घर चिह्नित किए हैं। जिनमें दरारें बहुत ज्यादा दिख रही थीं, जबकि इनकी संख्या ज्यादा है। खेतों में भी दरारें आ रही हैं। जोशीमठ की स्थिति काफी दिनों से चिंताजनक हो रही थी, लेकिन 2-3 जनवरी से प्रकृति ने प्रबल चेतावनी देनी शुरू कर दी। तब भी राज्य सरकार का रिस्पांस काफी हल्का रहा। सरकार को उसी समय स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए था और त्वरित कदम उठाना चाहिए था।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि जोशीमठ के हालात को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाना चाहिए। हो सकता है कि यह हालात एनटीपीसी या जेपी की परियोजनाओं के कारण उत्पन्न हुए हों। इन प्रोजेक्ट्स को तत्काल रोका जाना चाहिए। प्रशासनिक अधिकारी लोगों के जले पर नमक छिड़क रहे हैं और कह रहे हैं कि इन प्रोजेक्ट्स की वजह से यह नहीं हुआ है। विस्थापन इतना आसान नहीं है। चमोली में लोग सात-आठ वर्षों से विस्थापन की मांग कर रहे हैं। बताया कि कांग्रेस भूगर्भीय वैज्ञानिकों, कांग्रेस के प्रतिनिधि को शामिल कर एक कमेटी बनाई जाएगी और यह कमेटी यहां प्रवास कर सर्वेक्षण करेगी। कहा कि सरकार अहेतुक सहायता के रूप में 50 हजार की धनराशि दे और सभी को यह सहायता दी जाए। किसी को छोड़ा न जाए। साथ ही सीएम को अधिकारियों को यह भी निर्देश देने चाहिए कि वरिष्ठ अधिकारी तब तक यहां से न जाएं, जब तक सभी लोगों का विस्थापन न हो जाए। उन्होंने जोशीमठ के आसपास सरकारी जमीनों पर नया जोशीमठ शहर बसाने का सुझाव सरकार को दिया है।