जी हां दोस्तों, उत्तराखंड के पहाड़ों में मौसम ने फिर करवट ली है, भारी बर्फबारी ने हालात को और कठिन बना दिया है कुछ तस्वीरों को देखकर आप खुद चौंक जाएंगे। मौसम विभाग ने भी नई चेतावनी जारी कर दी है। आइए देखते हैं, इस बर्फबारी का असर कहां-कहां और कितनी गंभीरता से पड़ा है। दोस्तो कई तरह की तस्वीरें आपने देखी होगी। बर्फबारी के बीच आपत की, लेकिन मै आपको वक्ई हकिकत दिखाने और बताने के लिए आया हूं। साथ दिखाने के लिए आया हूं इस खूबसूरत वादियों के पीछे कैसे संघर्ष की एक अलग कहानी छिपी है मै शुरूआत इस एक तस्वीर से कर रहा हूं। दोस्तो भारी बर्फबारी के बीच, लाहौल से आया यह वीडियो सच में असली जादू सा लगता है। दरअसल ये है हल्दा महोत्सव, जिसे अक्सर लाहौल की दिवाली कहा जाता है। ये पारंपरिक नव वर्ष का प्रतीक है और खुशहाली, सुरक्षा और आने वाले बेहतर दिनों की कामना के लिए मनाया जाता है। बेहद ठंडे मौसम में, गाँव के लोग देवदार की मशालें लेकर इकट्ठा होते हैं, अलाव जलाते हैं और धन की देवी शिस्कार आपा को अपनी प्रार्थनाएँ अर्पित करते हैं।
दोस्तो बर्फ़ धीरे-धीरे गिरती है, अलाव की लपटें आसमान को चूमती हैं, और पूरी घाटी एक समुदाय के रूप में एक साथ खड़ा होता है। न कोई मंच, न कोई दिखावा—सिर्फ़ आस्था, परंपरा और लोग एक-दूसरे के कंधे से कंधा मिलाकर एक ऐसी दुनिया में जो हमेशा भाग रही है, ऐसे क्षण दिखाते हैं कि पहाड़ अपने मूल से जुड़कर कितनी मजबूती से अपनी जड़ों को थामे रखते है। लॉर्ड ऑल्टो को पहाड़ों में किसी परिचय की ज़रूरत नहीं। आप जानते हैं इसका मतलब क्या है—शांत भरोसा, रोज़मर्रा की ताकत कहा जा सकता है ये उन रास्तों पर चलता है जिन्हें रास्ता कहना मुश्किल है। यह छोटी कार उन कहानियों को संभाले रखती है, जो अधिकांश SUVs कभी भी बयां नहीं कर पाएंगी। कई जगह वाहनों की लंबी कतारे अखबारों की सुर्खियां बन रही है। दोस्तो बर्फबारी के बाद हिमालय पूरी तरह से बर्फ से ढक गया है आज न तो पानी, बल्कि बर्फ ही नदियों और धाराओं में बह रही है शांत, खूबसूरत और लगभग असली नहीं लगता वीडियो पांगी, चम्बा से। है इसके बाद जो तस्वीर है वो है संघर्ष की क्योंकि चुनौतियां कभी खूबसूरत नहीं हो सकती वो ये तस्वीर बताती है जोशीमठ के दुमाक गांव की।
दोस्तो देखिए ना बर्फबारी हो रही है, और जैसे यह कुछ असामान्य ही नहीं है, कुछ महिलाएँ जंगल से लौट रही हैं, अपने पीठ पर भारी घास के बंडल उठाए हुए। दृश्य लगभग असली नहीं लगता, सिनेमा जैसा यही वो छवि है जिसे हर कोई शेयर करना पसंद करता है ये वो तस्वीर है जिसे हर इंसान देखना चाहता है कि पहाड़ा पर जिंदगी किसी पहाड़ से कम नहीं है फिर जहां एक तरफ जहां पूरी दुनिया इस बात को लेकर रोमांचित है कि बर्फबारी हो रही है बड़े खूबसूरत पहाड़ हैं। वहीं दूसरी ओर ये तस्वीर वैसे दोस्तो चुनावों से पहले, राजनीतिज्ञ इसे नारी शक्ति कहते हैं। पत्रकार पहाड़ी महिलाओं की ताकत और सहनशीलता की लंबी कहानियाँ लिखते हैं। सलाम किया जाता है। शब्द छपे जाते हैं। जैसा मै भी आपको दिखा रहा हूं, लेकिन अगर हम थोड़ी गहराई में देखें, तो एक कड़ा सवाल खड़ा होता है – इन महिलाओं को वास्तव में इसके बदले क्या मिला है? उनकी फसलें बंदरों और जंगली सूअरों द्वारा तबाह कर दी जाती हैं। तेंदुए और भालू उन्हीं जंगलों में उनका इंतजार करते हैं, जहाँ उन्हें रोज़ाना प्रवेश करना पड़ता है। अस्पताल इतने खराब हैं कि एक साधारण बीमारी के लिए भी उन्हें एक CHC से दूसरे CHC तक यात्रा करनी पड़ती है, उम्मीद में कि कोई इलाज कर देगा। स्कूल हैं, लेकिन अक्सर उनके बच्चों के लिए शिक्षक नहीं होते हाँ, यह वीडियो में वे मजबूत दिखती हैं। और वे हमेशा मजबूत रही हैंलेकिन मजबूती को उपेक्षा का बहाना नहीं होना चाहिए। यह सिर्फ़ एक खूबसूरत बर्फबारी का वीडियो नहीं है यह पहाड़ों में रोज़मर्रा की ज़िंदगी है।
इधर दोस्तो उत्तराखंड के औली में फिर से बर्फबारी शुरू हुई तो तस्वीर मनमोहक दिखाई दी। जैसे-जैसे ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में मौसम ठंडा हो रहा है, औली में बर्फबारी शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय मौसम की जानकारी पर लगातार नजर रखें और यात्रा के दौरान सावधानी बरतें। देश के पहाड़ी इलाकों में मौसम के बदलते मिज़ाज को देखते हुए विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर सी. एस. तोमर ने कहा कि हर साल खराब मौसम के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहाड़ों की ओर रुख कर लेते हैं, जिससे कई बार गंभीर समस्याएं खड़ी हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि बर्फबारी और बारिश के समय फिसलन बढ़ जाती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसके अलावा ऐसे हालात में लैंडस्लाइड और मडस्लाइड की आशंका भी बनी रहती है। डॉ. तोमर के अनुसार, लोगों को नियमित रूप से मौसम का अपडेट लेते रहना चाहिए और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक मूवमेंट से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बर्फबारी और बारिश के बाद तापमान में गिरावट की संभावना रहती है, ऐसे में ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम करके ही यात्रा करनी चाहिए आप भी सवधान रहें।