जी हां दोस्तो एक बड़ी खबर ये कि देवभूमि उत्तराखंड में एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला सामने आया, कि देवभूमि की पवित्रता बनाए रखने के नाम पर अब गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगा दी गई है साफ कहा गया है— देवभूमि की आस्था, संस्कृति और परंपराओं से कोई भी समझौता नहीं होगा लेकिन सवाल ये है— ये फैसला कहां और किन परिस्थितियों में लिया गया? क्या है इसके पीछे की पूरी वजह? और क्या इस फैसले से शुरू हो जाएगीएक नई राजनीतिक और सामाजिक बहस? बताउंगा आपको पूरी खबर क्या कहना है प्रदेश की सरकार का इस फैसले पर। दोस्तो हरिद्वार और ऋषिकेश के गंगा घाटों पर गैर हिंदू का प्रवेश पर प्रतिबंध लगने वाला है। संतो समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों की मांग पर राज्य सरकार मोहर लगाने वाली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जल्द इसको अमल में लाने के संकेत दिए है। दरअसल दोस्तो उत्तराखंड के हरिद्वार में 2027 में अर्धकुंभ आयोजित होने जा रहा है। जिसको लेकर राज्य सरकार व्यवस्थाओं की तैयारी कर रही है।
वहीं लंबे समय से संतु और सामाजिक संगठनों की गैर हिंदुओं के गंगा घाट में प्रवेश की मांग तेज हो चुकी है। विश्व हिंदू परिषद, श्री गंगा सभा हरिद्वार और अखाड़े के संत समाज सरकार पर जल्द इसे लागू करने की मांग कर रही है। उनका कहना है कि हरिद्वार नगर पालिका की 110 वर्ष पुरानी नियमावली 1916 और 1953 में हर की पैड़ी सहित गंगा के पवित्र घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर स्पष्ट प्रतिबंध का प्रविधान है। इसलिए गैर हिंदू का प्रवेश धार्मिक आस्थाओं और परंपराओं के अनुसार वर्जित होना चाहिए। दोस्तो यहां बता दूं कि श्री गंगा सभा हरिद्वार समय-समय पर इसको लेकर मांग उठती रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई नया निर्णय नहीं है, बल्कि ऐतिहासिक धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए पूर्व से लागू नियम हैं। इधर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गंगा घाटों पर गैर हिंदू के प्रवेश को लेकर कहा कि सभी स्टेकहोल्डर से बातचीत की जा रही है। पहले के नियमों और प्राविधानों का अध्ययन किया जा रहा है। जैसा सबका मत बनेगा उसके आधार पर आगे बड़ा जाएगा। दोस्तो यहां मै आपको बता दूं कि हरिद्वार निकाय एक्ट 1954 के तहत हर की पैड़ी क्षेत्र के 8 किलोमीटर में गैर हिंदुओं रात्रि विश्राम और कोई प्रॉपर्टी खरीदना पर प्रतिबंध है।
इधर दोस्तो हरकी पैड़ी पर गैर-हिंदुओं की चेकिंग शुरू, आधार कार्ड से पहचान, कुंभ 2027 से पहले बढ़ी सख्ती, हरिद्वार की हरकी पैड़ी पर गैर-हिंदुओं की पहचान को लेकर तीर्थ पुरोहितों ने चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया है। घाटों के आसपास दुकानों और ठेलियों पर कारोबार करने वालों के आधार कार्ड देखे जा रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई गैर-हिंदू पवित्र क्षेत्र में व्यापार न कर रहा हो। अब देखना होगा कि क्या सरकार कुंभ 2027 में धार्मिक परंपराओं और संतों की मांग पर गैर हिंदू का प्रवेश गंगा घाटों पर करेंगे तो कुल मिलाकर देवभूमि की पवित्रता और सांस्कृतिक पहचान को लेकर लिया गया यह फैसला अब सिर्फ एक आदेश नहीं, बल्कि बड़ी बहस का मुद्दा बन गया है। समर्थक इसे आस्था और परंपरा की रक्षा बता रहे हैं, तो विरोधी इसे सामाजिक सौहार्द के लिए चुनौती कह रहे हैं। लेकिन इतना तय है कि देवभूमि को लेकर सरकार और प्रशासन किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं हैं। अब देखना होगा किइस फैसले का जमीनी असर क्या होता है।