चारधाम यात्रा में साढ़े 21 लाख से ज्यादा पहुंची श्रद्धालुओं की संख्या, अब तक हो चुकी है 180 यात्रियों की मौत

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Chardham Yatra 2022: 3 मई से शुरू हुई चारधाम यात्रा ने विगत वर्षों के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कोरोना काल के चलते दो साल बाद रिकार्ड संख्या में चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड पहुंचे हैं। ऐसे में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यात्रा करने के लिए पहुंच रहे है। आंकड़ों पर नजर डालें तो अबतक 21 लाख 53 हजार 17 श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं। सबसे ज्यादा श्रद्धालु बदरीनाथ धाम में पहुंचे हैं। जहां अभी तक 7 लाख 46 हजार 449 तीर्थयात्री बदरी विशाल का आशीर्वाद ले चुके हैं। तो वहीं, बीते शुक्रवार को चारों धामों में 37 हजार 299 यात्रियों ने दर्शन किए हैं।

केदारनाथ में 6 मई से अभी तक 7 लाख 27 हजार 572 तीर्थ यात्री दर्शन कर चुके हैं. तो वहीं, बीते शुक्रवार शाम (17 जून) आठ बजे तक 10,210 तीर्थ यात्री बाबा केदार का आशीर्वाद ले चुके हैं। उधर, बदरीनाथ धाम में 8 मई से अभी तक 7 लाख 46 हजार 449 तीर्थ यात्री बदरी विशाल के दर्शन कर चुके हैं। शुक्रवार को शाम 8 बजे तक 16,422 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। ऐसे में बदरीनाथ और केदारनाथ पहुंचने वाले कुल तीर्थयात्रियों की संख्या 14,74,021 पहुंच गई है। गंगोत्री धाम में 3 मई यात्रा शुरू होने से बीते शुक्रवार शाम तक 3,84,194 और यमुनोत्री धाम में 2,94,802 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। शुक्रवार की बात करें तो गंगोत्री में 5,655 और यमुनोत्री में 5,012 तीर्थ यात्रियों ने मत्था टेका है। ऐसे में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 6 लाख 78 हजार 996 पहुंच गई है।

जहां चारधाम धाम यात्रा अपनी चरम सीमा पर है वही दुखद खबर भी है कि चारधामों में अबतक 170 यात्रियों की मौत हो चुकी है। चारधाम के विषम भूगोल में हृदयाघात से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। केदारनाथ में हृदयाघात से मरने वालों की संख्या 84 और बदरीनाथ में 42 यमुनोत्री में 66 और गंगोत्री धामी में 14 श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है। बीते शुक्रवार को फिर केदारनाथ में तीन और बदरीनाथ के एक तीर्थ यात्री की हृदयाघात से मौत हो गई। तीर्थ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हेल्थ एडवाइजरी भी जारी की है। हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि स्वास्थ्य कारणों की वजह से तीर्थ यात्रियों की मौत हो रही है। यात्रा पर जा रहे तीर्थ यात्रियों को पूरी तरह से स्वस्थ होने पर यात्रा जाने की सलाह दी गई है।