देहरादून जनपद में न्यायालय द्वारा प्रतिबंधित भूमि को अवैध तरीके से खरीदने और बेचने से जुड़े गंभीर फर्जीवाड़े के मामले में जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ा संज्ञान लेते हुए क्रेता, विक्रेता दोनों के विरुद्ध थाना शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। राज्य की सरकारी भूमि पर गिद्ध नजर गढाये बैठे भू-माफिया बिल्डर्स पर जिला प्रशासन कड़े प्रहार करने के मूड मे नज़र आ रहा है। चंडीगढ पंजाब के बाहरी लोग राज्य की प्रतिबन्धित भूमि जिनपर न्यायालय द्वारा खरीद फरोक्त पर रोक लगा रखी है, ऐसी भूमि पर भू-माफियाओं की नजर है. ऐसी भूमि को कूटरचित दस्तावेज से जमीन बेचने का मामला संज्ञान में आया है। जिस पर जिलाधिकारी ने एक्शन लेते हुए मुकदमा दर्ज कराया है तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस तरह के अन्य प्रकरणों पर कार्यवाही की जाए। ऐसे प्रकरणों पर जिला प्रशासन कड़ा एक्शन लेने के मूड में है। जिलाधिकारी के संज्ञान में आया कि मौजा आमवाला तरला स्थित खसरा संख्या 94ख, 134, 135 एवं 136 की भूमि, जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गई है, उसे फर्जी कागज तैयार कर पंजीकृत कराया गया। प्राथमिक जांच में पाया गया कि विक्रेता द्वारा संबंधित भूमि का वास्तविक विवरण छिपाते हुए रजिस्ट्री कराई गई। यह भी सामने आया कि भूमि विवादित होने के बावजूद क्रय-विक्रय कर दिया गया, जो न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है। डीएम ने स्पष्ट किया हैँ कि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बरतने वालों पर भी कड़ी कार्यवाही की जाएगी।