जी हां दोस्तो उत्तराखंड ममें एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। जब कुछ नफरती लोग एक मुस्लिम दुकानदार पर नाम बदलने का दबाव डाल रहे थे, तभी स्थानीय हिंदू भाइयों ने एकजुट होकर उनका सामना किया और फिर जो हुआ वो सबके लिए चौंकाने वाला था ये क्या था पूरा विवाद। पूरी खबर बताता हूं आपको अपनी इस रिपोर्ट के जरिए। दोस्तो पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में एक कपड़ों की दुकान के नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। देखते ही देखते मामूली नोकझोंक सड़कों पर तनावपूर्ण हालात में बदल गई। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ युवक पटेल मार्ग स्थित एक कपड़ों की दुकान पर पहुंचकर दुकान का नाम ‘बाबा’ रखे जाने का विरोध करते नजर आ रहे हैं। युवक दुकानदार से यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि ‘बाबा’ नाम रखने का अधिकार केवल हिंदू समुदाय के लोगों को है। इस पर दुकानदार ने साफ किया कि उनकी दुकान पिछले 30 साल से इसी नाम से संचालित हो रही है। साथ ही उसने कहा कि यदि किसी भी समुदाय को इस नाम से आपत्ति है, तो वे बोर्ड हटाने के लिए तैयार हैं। वहीं इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच सड़क पर तीखी बहस शुरू हो गई, जो बाद में हाथापाई में बदलने लगी।
स्थिति बिगड़ती देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। समय रहते हस्तक्षेप न होता, तो हालात और गंभीर हो सकते थे. फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बना रहा। कोटद्वार में एक विशेष समुदाय की दुकान के नाम को लेकर विवाद सामने आया है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला उस समय गरमा गया, जब बजरंग दल के कुछ सदस्यों ने एक बुजुर्ग दुकानदार की दुकान के नाम पर आपत्ति जताई। बताया जा रहा है कि संबंधित दुकानदार की दुकान ‘बाबा’ स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर के नाम से संचालित है। बजरंग दल के सदस्यों ने दुकान के नाम को लेकर आपत्ति जताते हुए मौके पर हंगामा किया और नाम बदलने की मांग की। इस दौरान दुकान के बाहर काफी देर तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन होता रहा। दोस्तो यहां ये हंगाा होता रहा लोग तमाशबीन बने ही थे कि अचानक इस पूरे हंगामे में एंट्री होती है मोहम्मद दीपक क वो बताा हूं। कहा ये जा रहा है कि जब कुछ नफरती लोग एक मुसलमान दुकानदार पर नाम बदलने का दबाव बना रहे थे, तब स्थानीय हिंदू भाइयों ने एकजुट होकर उन्हें खदेड़ दिया। उसी दौरान जब किसी ने एक तगड़े दिख रहे युवा से पूछा —
तुम्हारा नाम क्या है? तो उधर से गर्व से आवाज आई, अपना नाम बताया — मोहम्मद दीपक दोस्तो वहां दुकान का नाम को लेकर हंगामा कर रहे लोगों के चेहरे का रंग उड़ता दिखाई दिया..आवाज में नरमी देखने को मिली। इधर सोशल मीडिया में ये कहा जा रहा है कि कुछ नफरती लोग देवभूमि के माहौल को खराब करना चाहते हैं वो समाज को बांटना चाहते हैं। लोग लिखते हैं कि बहुसंख्यक समाज की खामोशी की वजह से ही ऐसे लोगों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और कहीं पर विवाद को तूल दिया जाता है लेकिन विवाद ने तूल तब पकड़ा जब दुनकान से निकल कर ये विवाद सड़क पर तनाव के पूर में देखने को मिला। लेकिन सवाल ये है कि मौहम्मद दीपक ऐक हिंदू कैसे बन गया मुस्लिम। ठीक बात भी है दोस्तो सबसे बड़ी इंसानियत है, नफरत की जगह अपने भारत में नहीं होनी चाहिए लेकिन ये विवाद ने इस लिए भी तूल दिया क्योंकि दरअसल दोस्तो कोटद्वार में बाबा सिद्धबली का प्रसिद्ध मंदिर है। हनुमान जी के इस मंदिर में लोगों की अपार श्रद्धा है. यहां हनुमान जी को तपस्वी यानी सिद्ध के रूप में पूजा जाता है. देश को कोने-कोने से श्रद्धालु सिद्धबली बाबा के दर्शन करने आते हैं।
स्थानीय लोग अपनी श्रद्धा के कारण अपनी दुकानों-प्रतिष्ठानों के नाम के आगे ‘बाबा’ लगाते हैं। ऐसी मान्यता है कि सिद्धबली बाबा दुख, भय, बाधा, तनाव और हर समस्या का समाधान करते हैं। ऐसी भी मान्यता है कि गुरु गोरखनाथ बाबा ने यहां ध्यान लगाया था। इस कारण सिद्धबली बाबा का मंदिर नाथ समुदाय के लिए भी पूजनीय है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ परंपरा के ही महंत हैं। वहीं दोस्तो मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने इस घटनाक्रम का विरोध किया, जिसके बाद बजरंग दल के सदस्य वहां से लौट गए। घटना के बाद से इलाके में चर्चाओं का माहौल गर्म है और लोगों के बीच इस विषय को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं कोतवाली प्रभारी प्रदीप नेगी ने बताया कि- मामले की जांच की जा रही है। किसी भी व्यक्ति या संगठन को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जो भी कानून व्यवस्था को प्रभावित करेगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वैसे दोस्तो अपनी देवभूमि को कहीं लोग आने वाले दिनों कोई नफरती भूमि ना कहने लगे दोस्तो। दोस्तो सरकारों पर सवाल होता रहा है। पुलिस प्रशासन पर सवाल हो सकता है लेकिन ये अलग अलग घटनाएं बता रही है कि स्थिति ठीक नहीं।