जी हां दोस्तो भारतीय क्रिकेट में एक और अध्याय अपने उत्तराखंड का जुड़ चुका है, लेकिन क्या है देवभूमि के इस छोटे से लाल का टीम इंडिया ततक पहुंचने का राज और कहां और कैसे बढ़ाएगा अपने प्रदेश का मान कैसे अब देश के लिए करेगा कमाल बताउंगा आपको पूरी खबर। जी हां दोस्तो उत्तराखंड के लाल का क्रिकेट के मैदान पर धमाल! देखेंगे आप और इसबार किसी घरेलू मुकाबला नहीं ना ही आईपीएल का कोई मैच होगा। इस बार सीधे ये खिलाड़ी टीम इंडिया के लिए स्वदेशी जमीन पर विदेशी टीम से करेगा दो-दो हाथ। दोस्तो देवभूमि का यह युवा अब टीम इंडिया तक पहुंच चुका है और जल्द ही देश के लिए कमाल दिखाने वाला है। कैसे इस खिलाड़ी ने मेहनत और जुनून के साथ अपनी पहचान बनाई और कौन हैं वो खास क्षण जो इसे क्रिकेट के सितारे बना सकते हैं। दोस्तो आयुष बदोनी ये नाम तो आपने सुना ही होगा, एक ऐसा युवा जिसने बहुत जल्द ही भारतीय क्रिकेट प्रेमियों का दील जीत लिया। आयुष बदोनी को पहली बार भारतीय वनडे टीम में शामिल किया गया है, उन्हें चोटिल वाशिंगटन सुंदर की जगह स्क्वॉड में जगह मिली है, जो न्यूजीलैंड के खिलाफ वडोदरा में खेले गए पहले वनडे में इंजर्ड होकर पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। आयुष बदोनी वैसे तो उत्तराखंड से आते हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में दिल्ली से खेलते हैं और आईपीएल में लखनई सुपरजायंट्स का हिस्सा हैं। 3 दिसंबर 1999 को दिल्ली में पैदा हुए आयुष बदोनी का नाम उस वक्त सुर्खियों में आया, जब उन्हें आईपीएल 2022 से पहले हुई मेगा नीलामी में लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) ने बेस प्राइस 20 लाख रुपये में खरीदा और उन्होंने अकेले अपने दम पर कई मैच फिनिश किए। इतना ही नहीं, आयुश का ये सफर बड़ा ही दिलचस्प रहा है और ये इसलिए भी जरूरी है क्योंकि जो अभी टीम के कोच हैं वो आईपीएल में बदोनी की टीम की कोचिंग कर चुके हैं।
गौतम गंभीर के भरोसेमंद प्लेयर हैं आयुष बदोनी, तब लखनऊ सुपरजायंट्स के कोच रहे गौतम गंभीर का आयुष बदोनी को पूरा समर्थन प्राप्त था, जिन्होंने उन्हें छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने का मौका दिया और उन्होंने अपने आईपीएल डेब्यू मैच में अर्धशतक बनाकर शानदार प्रदर्शन किया। बैटिंग ऑर्डर में कई बार फेरबदल के बाद बदोनी को आईपीएल 2024 में छठे और सातवें नंबर पर लगातार बल्लेबाजी करने का मौका मिला और उन्होंने दो अर्धशतक बनाए। आईपीएल 2025 से पहले हुई मेगा नीलामी से पहले एलएसजी ने उन्हें 4 करोड़ रुपये में रिटेन किया। वहीं आपको ये भी बता दूं कि आयुष बदोनी के टीम इंडिया का हिस्सा होने पर बीसीसीआई का जो बयान आया वो भी काबिले गौर है। न्यूजीलैंड के खिलाफ रविवार को वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में खेले गए पहले वनडे के दौरान गेंदबाजी करते समय ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर को अपनी बाईं पसली के निचले हिस्से में तेज दर्द महसूस हुआ। उनका स्कैन किया जाएगा, जिसके बाद बीसीसीआई की मेडिकल टीम विशेषज्ञों की राय लेगी। वाशिंगटन श्रृंखला के बाकी बचे दो मैच में नहीं खेल पाएंगे। पुरुष टीम की चयन समिति ने उनके स्थान पर आयुष बदोनी को टीम में शामिल किया है। बदोनी बुधवार को राजकोट में टीम से जुड़ेंगे जहां दूसरा वनडे मैच खेला जाएगा।
इसके अलावा दोस्तो आयुष बदोनी की बात करें दतो वो अब तक कई मरतबा क्रिकेट के मैदान में वो करतब दिखा चुके हैं, जिससे वो आज टीम इँडिया का हिस्सा बने हैं। विजय हजारे ट्रॉफी में दिल्ली के कप्तान थे आयुष बदोनी दोस्तो बदोनी मुख्य रूप से बल्लेबाज हैं जो ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी कर लेते हैं। वह दिल्ली के कप्तान भी रह चुके हैं और विजय हजारे ट्रॉफी में उप कप्तान की भूमिका निभा रहे थे। बदोनी का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बल्लेबाजी औसत 57.96 है, लेकिन लिस्ट ए क्रिकेट में उनका प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं है। दोस्तो 14 और 18 जनवरी को भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा तथा तीसरा वनडे मैच खेला जाएगा ऐसे में उनकी जगह बीसीसीआई ने आयुष बडोनी को चुना है। सेलेक्टर्स के इस फैसले से हर कोई हैरान है क्योंकि किसी ने सोचा नहीं था कि आयुष बडोनी सुंदर के रिप्लेसमेंट के तौर पर आ सकते हैं। वाशिगंटन सुंदर ऑल राउंडर है और उनकी जगह ऑलराउंडर को ही चुना जाना था। हालांकि ऑलराउंडर आयुष बडोनी भी है जिसके कारण ही उनको टीम में जगह मिली है लेकिन सेलेक्टर्स के इस फैसले ने हर किसी को हैरान कर दिया है। लेकिन अब पूरे देश के साथ ही देवभूमि के जनता ये उम्मीद कर रही है कि आयुष बदोनी देश के लिए ऐसा खेले जिससे देवभूमि का नाम हो। वैसे दोस्तो दोस्तो कई खिलाड़ी इससे पहले अपने छोटे से प्रदेश से निकल कर देश का गौरव बढा रहे हैं।