शिफ्ट होगा देहरादून का ये 100 साल पुराना बाजार, जानिए क्या है वजह

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देहरादून में 100 साल से भी पुराना बाजार आढ़त बाजार शिफ्ट करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस बाजार को लंबे समय से शहर से बाहर ले जाने की कोशिश की जा रही है। aadhath market shift शहर के मुख्य मार्ग और बीचोंबीच होने के कारण आढ़त बाजार को यहां से शिफ्ट करने की मांग उठती रही है।जिस पर अब शासन और प्रशासन की पहल पर तेजी से काम हो रहा है। वर्तमान में आढ़त बाजार शहर का सबसे बड़ा बाटलनेक बना है। आपको बता दें, कि थोक व्यापारियों को नए आढ़त बाजार के लिए प्रस्तावित 109 बीघा भूमि दिखाई गईं थी। यह जगह व्यापारियों को पसंद आई। उन्होंने सहमति देते हुए कहा कि जमीन हरिद्वार बाईपास पर स्थित है। इसलिए यहां कनेक्टिविटी की कोई समस्या नहीं होगी। ऐसे मे अब टेंडर जारी कर दिया गया है, तो आढ़त बाजार को शिफ्ट करने का काम शुरू किया जाएगा। एमडीडीए ने जल्द से जल्द नई आढ़त मंडी तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बजट का भी प्रावधान कर दिया गया है।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी और सचिव मोहन सिंह बरनिया ने व्यापारियों के साथ भूमि का निरीक्षण किया था। व्यापारियों ने जगह देखने के बाद उस पर अपनी सहमति दी। कहा कि यहां ट्रक आसानी से माल लेकर आ सकेंगे। वहीं, पटेलनगर थाने के पीछे लिंक मार्ग से भी यह जमीन जुड़ी हुई है। इसे वैकल्पिक मार्ग के तौर पर प्रयोग किया जा सकता है। व्यापारियों ने कहा कि एमडीडीए प्रशासन जल्द सभी औपचारिकताएं पूरी करे। ताकि, भूखंडों पर दुकानों का निर्माण कराया जा सके। इस दौरान व्यापारियों ने एमडीडीए को सुझाव भी दिया था, कि नई आढ़त मंडी का निर्माण ट्रांसपोर्ट नगर की तर्ज पर किया जाए। इस पर एमडीडीए अफसरों ने कहा कि नई आढ़त मंडी को बेहद सुविधाजनक बनाया जाएगा। साथ ही नई आढ़त मंडी के लिए प्रस्तावित स्थल पर कबाड़ की कुछ दुकानें पाई गईं। इस दौरान यह तय किया गया कि इन्हें यहां से हटाया जाएगा। इन्हें विस्थापित करते हुए दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा।

पटेलनगर थाने के पीछे स्थित यह जगह करीब 109 बीघा है। इस पर सभी थोक व्यापारियों को शिफ्ट करने के बाद एमडीडीए जगह बचने पर अपनी अन्य परियोजनाओं में इस शेष जमीन का प्रयोग करेगा। वहीं एमडीडीए के उपाध्यक्ष ने बताया कि नई आढ़त मंडी को हरिद्वार बाईपास पर यू-आकार में बनाया जाएगा। इसमें एक लेन से वाहन मंडी में प्रवेश करेंगे। जबकि, दूसरी लेन से बाहर की ओर निकल जाएंगे। इन्हीं दोनों लेनों के चारों तरफ दुकानें बनाई जाएंगी। साथ ही प्रस्तावित स्थल के एक तरफ बिंदाल नदी है। इसके करीब हरित पट्टी विकसित की जाएगी। वहीं, नई मंडी को खूबसूरत बनाने के लिए यहां पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण भी किया जाएगा। इस पर भी निरीक्षण के दौरान सहमति बनी।