Haridwar BHEL गेट पर मजदूरों का उग्र प्रदर्शन की क्या वजह | Uttarakhand News

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सरकार द्वारा नए श्रम कोड लागू करने को लेकर हरिद्वार में ट्रेड यूनियन ने फाउंड्री चौक पर एक विशाल विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। मजदूरों ने मोटरसाइकिल रैली निकालकर अपना आक्रोश प्रकट किया और अंत में नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। New labor codes implemented श्रमिक नेता राजबीर सिंह चौहान ने कहा कि आज़ादी के बाद मजदूरों की सुरक्षा, अधिकारों और कल्याण के लिए अनेक श्रम कानून बनाए गए थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने इन्हें कमजोर करते हुए 2019 से संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी। 2020 तक 44 पुराने श्रम कानून समाप्त कर चार नए श्रम कोड लागू किए गए, जो पूरी तरह से कंपनी मालिकों के हित में बनाए गए हैं। इन कोडों से मजदूरों के हड़ताल करने, अपनी बात रखने, नियमित भर्ती और उचित मजदूरी तय करने जैसे बुनियादी अधिकार गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। इन्हीं नीतियों के विरोध में देशभर के अधिकांश श्रमिक संगठनों ने बीएमएस को छोड़कर 26 तारीख को राष्ट्रव्यापी आंदोलन का आह्वान किया। इसी क्रम में बीएचएल हरिद्वार के सीएफएफपी गेट पर भी श्रमिकों ने विरोध दर्ज किया और सरकार की मजदूर-विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग की। यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर चारों नए श्रम कोडों को तत्काल निरस्त करने और पुरानी व्यवस्था बहाल कर मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।