चुनाव आयोग ने उत्तराखंड चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही यह साफ तौर पर कह दिया कि फिज़िकल ढंग से जनसभाएं, रैलियां आदि नहीं हो सकेंगी. कोरोना के प्रसार के लिहाज़ से इन गाइडलाइनों को 16 जनवरी को रिवाइज़ किया जाएगा, लेकिन चुनावी रण के ऑनलाइन या डिजिटल मोड में शिफ्ट हो जाने की पूरी तैयारी दिखाई दे रही है. एक तरफ बीजेपी ने अपने चुनाव प्रचार के लिए डिजिटल स्टूडियो और नुक्कड़ नाटकों की योजना तैयार की है, तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी कॉल सेंटर चलाकर लाखों वोटरों के बीच पैठ बनाने का दावा कर रही है.
भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड चुनाव के लिए अपने कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया के इस्तेमाल से जुड़े टिप्स देना शुरू कर दिए हैं. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक का कहना है कि चुनाव आयोग की गाइडलाइन के मुताबिक ही प्रचार कार्यक्रमों की योजना बन रही है. पार्टी ने देहरादून कार्यालय में दो डिजिटल स्टूडियो बनाने की कवायद शुरू कर दी है. अगर रैलियों या जनसभाओं से प्रतिबंध नहीं हटे तो इस स्टूडियो से ऑनलाइन सभाएं की जाएंगी. वहीं, अगर छोटी सभाओं को आयोग से हरी झंडी मिली तो इसके लिए भाजपा लोकभाषाओं में नुक्कड़ नाटकों के ज़रिये वोटरों से जुड़ेगी.
आप ने किया रोज़ 18 लाख वोटरों से जुड़ने का दावा
आम आदमी पार्टी का दावा है कि वो हर दिन करीब 18 लाख वोटरों के साथ वर्चुअली जुड़ाव बना रही है. उत्तराखंड में पहली बार ज़ोर आज़माइश कर रही आप ने पार्टी कार्यालय से लेकर हर विधानसभा में कॉल सेंटर खोले हैं. ये कॉल सेंटर हर विधानसभा के डेटाबेस में शामिल वोटरों को वॉट्सएप ग्रुप और अन्य सोशल मीडिया पर जोड़ रहे हैं. हर वोटर को कॉल कर पार्टी के विचारों के साथ नीतियां भी बताई जा रही हैं.
आप के आईटी हेड आशु के मुताबिक इस कवायद के लिए पार्टी ने एक बड़ी टीम तैयार की है. वहीं पार्टी का दावा है कि उसके पास करीब 18 लाख वोटरों का डेटाबेस है. आप की तरफ से सीएम के चेहरे कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि ये वो वोटर्स हैं, जिन्होंने पार्टी की घोषणाओं से प्रभावित होकर अपना रजिस्ट्रेशन खुद करवाया है. राज्य में करीब 81 लाख वोटर्स हैं और आप का दावा है कि कम से कम 18 लाख वोटरों पर उसका होल्ड है.