‘अंकिता मामले में असहज हुई उत्तराखंड सरकार!’ Urmila Sanawar | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो उत्तराखंड में आशंकाओं दौर अभी भई कायम है, जहां एक तरफ अंकिता मामले में बीजेपी से लेकर सरकार असहज नजर आ रही हैं वहीं जो आरोप अब इस मामले में लग रहे हैं उससे और ज्यादा बीजेपी वाले खिरते दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि अब बात सूबत, गवाह, आरोपी, वीआपी से कहीं ऊपर जा चुकी है। कैसे और क्यों मै ये कह रहा हूं, ये बताउंगा आपको अपनी इस रिपोर्ट के जरिए। अंकिता भंडारी हत्याकांड में उत्तराखंड सरकार असहज हो गई, बड़े आरोपों के बीच बीजेपी फिर घिर गई। सवाल अब सिर्फ एक है—अंकिता को कब मिलेगा न्याय?जनता अभी भी सड़कों पर है और जवाब की मांग कर रही है। मै आपको नए आरोप जो इस मामले में शोर कर रहे हैं उनके बारे में बताउँ वो बयान भी सुनाउं उससे पहले मै आपको सरकार का पक्ष दिखाना चाहता हूं। कैसे मुख्यमंत्री ने अंकिता को न्याय देने के लिए बड़ा कदम उठाने की बात की और कह दिया था कि किसी भी जांच और कोई भी बड़ी कार्रवाई से सरकार पीछे नहीं हटने वाली बेटी अंकिता को न्याय दिलाने के लिए किसी भी स्तर की जांच से पीछे नहीं हटेंगे, यदि इस संवेदनशील विषय को सोचे-समझे षड्यंत्र के तहत भटकाने या तोड़ने-मरोड़ने का प्रयास किया गया, तो ऐसे षड्यंत्रकारियों को जनता जनार्दन भी अवश्य जवाब देगी। तो दोस्तो आप ने सुना प्रदेश के मुख्या को कि अंकिता भंडारी हतयाकांड में कोई भी बचने वाला नहीं, लेकिन अँकिता मामले वीआईपी की एंट्री के बाद बीजीपी चौतरफा घिर रही है। तब इससे पहले बीजेपी के महेंद्र भट्ट ने एक प्रेस कांफ्रेंस के जरिए इस पूरे मामले को दलित एंगल देने की कोशिश की थी। जिस लोगों ने बीजेपी और बीजेपी के अध्यक्ष से अंकिता की जाति पूछनी शुरू की तो बीजेपी को बैकफुट पर जाना पड़ा लेकिन आज जहां अभी पूरे प्रदेश में अंकिता को न्याय का शोर है।

वहीं बीजेपी के अध्यक्ष का मौजूदा बयान भी सुनिए इसको लेकर भी आप अपनी प्रतिक्रिया कमेंट में दीजिएगा और हां एक सवाल यहां मेरा भी है, क्या जो जनता आपका साथ देते रही, जिसने आपको सिरमौर बनाया। वो जब सड़कों पर है तो आप ने उसके लिए क्या किया और क्या आने वाले विधानसभा चुनाव में ऐसी स्थिति में जनता क्या बीजेपी के साथ खड़ी है या रहेगी। दोस्तो सरकार की कर्रवाई और बीजेपी के तर्क से इतर क्या चाहते हैं अँकिता भंडारी के पिता ये कोई देख भी रहा है। कोई सुन भी रहा है ये मै इसलिए कह रहा हूं क्योंकि अंकिता के पिता का ताजा बयान और उस बयान में तमाम सवाल भी है और मांग भी तो दोस्तो किता के पिता कहते हैं कि सीबीआई जांच के साथ ही 17 सितंबर से 23 सितंबर 2022 तक सबकी कॉल डिटेल भी चाहिए जिसकी बात प्रदेश में तमाम चर्चा में जिक्र हो रहा है, कि बहुत कुछ इस मामले हुआ ही नहीं जांच ही अधूरी हुई तो फिर न्याय कैसे पूरा मिल गया अब दोस्तो कॉल डिटेल में पता चलेगा कि विधायक रेणु बिष्ट को रिसॉर्ट तोड़ने के लिए किसने फ़ोन किया, उन दिनों में आप पास की मोबाइल टावर के क्षेत्र में कौन कौन यूजर एक्टिव थे और वो कौन थे। क्या पता उन्हीं यूजर में से कोई वीआईपी हो ? अब बात सियसत की करता हूं। जहां एक तरफ सरकार जवाब देने की कोशिश कर रही है, तो वहीं अंकिता के पिता के साथ विपक्ष के भी कई सवाल हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की इस प्रेस वार्ता को भी आपको सुनना चाहिए। अंकिता भंडारी मामले पर की गई प्रेस वार्ता पर कई गंभीर सवाल खड़े किए है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा की मुख्यमंत्री जिस तैयारी के साथ पत्रकार वार्ता में आए थे वह सवाल अनुतरित रह गए है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा की आज धामी सरकार से हमारे जो प्रश्न कल थे आज भी वही जायज,है। आज सरकार के कई ब्यूरोकरेट्स सरकार की तरफ से अंकिता मामले पर सफाई दे रहे है जो प्रश्न पूछे जा रहे आखिर उनका क्यों जवाब नहीं दिया जा रहा है।