दोस्तो काफी हंगामें और हो हल्ले के बाद अंकिता केस में एक ऐसी खबर मामने आई, जिसमें उर्मिला सनावर की एसआईपी के सामने आखिरकर पेश हो ही गई, लेकिन सवाल ये है कि पूछताछ में कितने खोल पाई राज या किताना पर्दा हटा है वीआईपी से क्योंकि यहां दो खबर सामने आती दिखाई दी हैं। इन दोनों खबरों की दिशा अलग अलग जाती हुई दिखाई दी है। कैसे क्यों ये कहा जा रहा है कि उर्मिला सनावर पेश तो हुई, लेकिन नहीं दे सकीं आरोपों के अतिरिक्त सबूत। दोस्तो अंकिता भंडारी केस में SIT की पूछताछ की गहमागहमी शुरू हो गई है उर्मिला सनावर से हुई पूछताछ में कई राज सामने आए, लेकिन कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अभी भी अज्ञात हैं। जानकारी के मुताबिक, आरोपों के अलावा अतिरिक्त सबूत पेश करने में उर्मिला असमर्थ रहीं तो सवाल यह है—क्या SIT इस मामले के हर पहलू को उजागर कर पाएगी, या कुछ रहस्य अभी भी पर्दे में रहेंगे? दोस्तो अंकिता भंडारी हत्याकांड में अपने ऑडियो-वीडियो से उत्तराखंड की राजनीति में उथल-पुथल मचाने के पूरे 16 दिन बाद को पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने पुलिस को अपने बयान दर्ज कराए। इन ऑडियो-वीडियो को लेकर उर्मिला सनावर के खिलाफ देहरादून के थाना नेहरू कॉलोनी और थाना डालनवाला में मुकदमे दर्ज हुए थे। इन मुकदमों के सिलसिले में दून पुलिस ने उर्मिला सनावर से पूछताछ कर रही है। इस बात की जानकारी उर्मिला सनावर ने खुद दी और दावा किया सारे सबूत एसाआईटी के सामने रखे जा चुके हैं। तो दोस्तो सनावर की माने तो वो इस पूरे मामले एसआईटी के सवालों के जवाब दे रही है, वो हर जांच में सहयोग कर रही हैं, लेकिन यहां इस खबर का एक दूसरा पहलू और निकल कर सामने आ रहा है। वो आपको बताता हूं, ये बड़ा दिलचस्प इस पूरे मामले में गौर कीजिएगा।
दोस्तो उर्मिला सनावर से पूछताछ के बाद देहरादून पुलिस ने एक प्रेस नोट जारी किया है. इसमें बताया गया है कि ‘आज दिनांक 07/01/ 2026 को उर्मिला सनावर, जिनके विरुद्ध थाना नेहरू कॉलोनी और थाना डालनवाला पर अभियोग कायम है व जिनको पुलिस द्वारा नोटिस के माध्यम से अपने बयान अंकित कराये जाने हेतु बुलाया गया था, आज (बुधवार 7 जनवरी 2026) विवेचना में बयान अंकित कराने हेतु उपस्थित हुई. दोनों मुकदमों के विवेचकों द्वारा उर्मिला सनावर के बयान अंकित किए गए। उर्मिला सनावर द्वारा दिए गए बयानों की ऑडियो वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। उर्मिला सनावर द्वारा विवेचकों को सुरेश राठौड़ व उनके बीच बातचीत की ऑडियो क्लिप दी गई, जिनका वैज्ञानिक परीक्षण विधि विज्ञान प्रयोगशाला में कराया जाएगा.’इसके अलावा दोस्तो जो बात पुलिस की तरफ इस मामले में उर्मिला सनावर के दावों को लेकर की गई वो हैरान करने वाली है, क्योंकि दोस्तो जहां अपने वीडियो में उर्मिला सनावर कई सबूत होने का दावा कर रही है। वहीं पुलिस तो कुछ और ही कह रही है अपने प्रेस नोट के जरिए। पुलिस के प्रेस नोट में लिखा गया है कि- विवेचकों द्वारा उर्मिला सनावर से सोशल मीडिया पर प्रसारित/प्रचारित कुछ खबरों जिनमें कुछ अन्य साक्ष्य पुलिस को दिए जाने की बात उनके द्वारा कही जा रही थी, के संबंध में पुलिस को साक्ष्य प्रदान करने हेतु कहा गया तो उर्मिला सनावर द्वारा कोई अन्य साक्ष्य विवेचना में नहीं दिया गया.’ -उत्तराखंड पुलिस दोस्तो यहां बता दूं कि पुलिस के मुताबिक उर्मिला सनावर से विवेचकों ने इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित उन खबरों को लेकर भी सवाल किए, जिनमें उनके द्वारा पुलिस को अन्य साक्ष्य सौंपने के दावे किए जा रहे थे। हालांकि इस संबंध में उर्मिला ने पुलिस को कोई अतिरिक्त साक्षी उपलब्ध नहीं कराया है. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उर्मिला से जुड़े मामलों में जांच और तेज की गई है, साथ ही अब एफएसएल रिपोर्ट और एलआईयू की जांच के बाद पुलिस अग्रिम कार्रवाई करेगी। इसके अलावा देहरादून पुलिस ने कहा है कि उर्मिला सनावर द्वारा अपनी सुरक्षा के संबंध में एसएसपी आवास कार्यालय में एसएसपी देहरादून को प्रार्थना पत्र दिया गया। उनके प्रार्थना पत्र पर एसएसपी देहरादून द्वारा एलआईयू से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है दोस्तो गौर करने वाली बात ये कि 22 दिसंबर को अचानक उर्मिला सनावर ने बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ के साथ अपनी बातचीत के ऑडियो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए थे। इन ऑडियो वीडियो में उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर अंकिता भंडारी हत्याकांड पर बात करते हुए सुनाई दिए। इस बातचीत में ये दोनों किसी गट्टू नाम के कथित वीआईपी का नाम ले रहे थे। दरअसल अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित तौर पर वीआईपी एक पात्र बताया जाता है, तो अंकिता भंडारी केस में SIT की पूछताछ ने कई सवालों के जवाब तो दिए हैं, लेकिन कई राज अभी भी बने हुए हैं। अब देखने वाली बात यह है कि जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है और न्याय पाने की उम्मीद कितनी जल्दी पूरी होती है।