टीएचडीसी की टीआर टनल से बचकर बाहर आए घायल मजदूर सदमे में हैं। टनल में अचानक ऑक्सीजन लेवल कम होने से मजदूरों की सांस फूल रही थी। कांपते शब्दों में उन्होंने बताया कि जिस जगह पर भूस्खलन हुआ, वहां बुधवार को मिट्टी खिसक गई थी। इसके धंसने की आशंका थी। यह टनल दुर्गापुुर से सियासैंण तक करीब तीन किलोमीटर तक निर्मित हो रही है। हादसा करीब डेढ़ किमी पर हुआ है हादसे में घायल छत्तीसगढ़ निवासी सुनील दीवान ने जिला अस्पताल में बताया कि वे टनल के अंदर सरिया से सेटरिंग बना रहे थे। एक साथ वे करीब 17 लोग थे। अचानक करीब 150 मीटर दूर तेज आवाज के साथ भारी भूस्खलन हुआ और मलबा, पानी व पत्थर तेज गति से टनल के अंदर घुस आए। इसके धक्के से कई लोग दूर जा गिरे, जबकि कुछ लोग मलबे में दब गए। हम मलबे के धक्के से टनल के बाहर की ओर आ गए। मजदूर बचाओ-बचाओ चिल्ला रहे थे। टनल में कई जगह से मलबा आने से ऑक्सीजन लेवल बेहद कम हो गया था। कुछ लोग दम घुटने के कारण मलबे में आगे चल नहीं पा रहे थे।