उत्तराखंड की सियासत में 23 साल पुराना ‘जेनी प्रकरण’ एक बार फिर गरमा गया है, जिससे राज्य के सियासी गलियारों में भारी भूचाल आ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत पर भाजपा द्वारा दोबारा हमला किए जाने के बाद, उन्होंने पलटवार करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के DNA जांच की मांग कर दी है। हरक सिंह ने स्पष्ट किया कि साल 2003 के इस मामले में उनकी सीबीआई जांच और DNA टेस्ट पहले ही हो चुका है, जिसमें वे पूरी तरह पाक-साफ साबित हुए थे। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि चूंकि महेंद्र भट्ट बार-बार बच्चे के पिता का सवाल उठा रहे हैं, इसलिए अब खुद भट्ट का DNA टेस्ट कराया जाना चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
इस पूरे विवाद पर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग बेहद तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सवाल उठाया था कि भले ही हरक सिंह को क्लीन चिट मिल गई हो, लेकिन जेनी उनके घर पर रहती थी और आज तक उस बच्चे के असली पिता का नाम सामने नहीं आ पाया है। दूसरी तरफ, कांग्रेस संगठन इस मुद्दे पर पूरी तरह हरक सिंह रावत के समर्थन में उतर आया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा पर राजनीतिक द्वेष के तहत पुराने और न्यायालय से सुलझ चुके मामलों को जबरन तूल देने का आरोप लगाया है, साथ ही उन्होंने हरक सिंह रावत को इस अनर्गल बयानबाजी के खिलाफ महेंद्र भट्ट पर मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की भी सलाह दी है।