कांग्रेस के ‘रिजीम चेंज’ (सत्ता परिवर्तन) वाले बयान को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल आ गया है, जिस पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए तीखा पलटवार किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत तमाम दिग्गज नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है। भाजपा का आरोप है कि सत्ता की भूख में कांग्रेस देश और देवभूमि उत्तराखंड को अस्थिर करने के लिए एक खतरनाक राजनीतिक षड्यंत्र रच रही है। भाजपा नेताओं ने साफ कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीकों पर भरोसा खो चुकी है और अब अराजकता तथा भ्रम फैलाकर सत्ता हथियाने का दिवास्वप्न देख रही है, जिसे राज्य की जागरूक जनता कभी पूरा नहीं होने देगी।
इस विवाद की शुरुआत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से सरकार बदलने के संदर्भ में ‘रिजीम चेंज’ शब्द के इस्तेमाल के बाद हुई, जिसे भाजपा ने देश विरोधी ताकतों की भाषा करार दिया है। इसके जवाब में उत्तराखंड कांग्रेस के प्रवक्ताओं और नेताओं का तर्क है कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला जा रहा है; विपक्ष का काम ही चुनाव के माध्यम से जनहित में सरकार बदलना होता है। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि राज्य में बढ़ती बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था की बदहाली और महंगाई से तंग आकर जनता खुद बदलाव का मन बना चुकी है। बहरहाल, देहरादून में हुई हालिया रैलियों और इस बयानबाजी के बाद उत्तराखंड का सियासी पारा पूरी तरह चढ़ चुका है और दोनों दल आगामी राजनीतिक जंग के लिए आमने-सामने आ गए हैं।